मोकामा
समाचार

एक जिन्दादिल इंसान की मौत हुई है ,रो सारा जमाना रहा है

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सच कहते है दुःख जब आता है तो दस्तक तक नहीं देता,बस आता है और सब कुछ तबाह कर चला जाता है.एसा ही कुछ हुआ रंजना देवी के साथ उनका बेटा सौरव  लगभग 24 साल का था सल्फास(जहर) खाकर अपनी जान गवां चूका है जबकि उसके पति भी कुछ साल पहले जहर खाकर ही जान दे चुके थे.रंजना देवी ने भी जहर खाकर अपना  ख़त्म करना चाहा और जीवन मृत्यु में झुझ रही है.पीड़ित परिवार के प्रति लोगो की कितनी सहानभूति है ये सोशल मिडिया पर देखा जा सकता है.फेसबुक का औंटा पेज पर सिर्फ और सिर्फ सौरव की बाते हो रही है .हर कोई सौरव के साथ बिताया अपना एक एक सुखद लम्हा याद कर उसे श्रधान्जली दे रहा है. सौरभ था भी एक जिंदादिल इंसान अभी पिछले दुर्गापूजा में ही उसने “चल चल मेरे भाई हाथ जोड़ता हूं,पांव पड़ता हूं तेरे” पर इतना अच्छा परफोर्मेंस दिया था.बोरिंग माहौल को भी एकदम जिन्दा कर देता था वो .लोग कहते है की जब उसने “पी ले पी ले और मेरे राजा” गाने पर पर परफोर्मेंस दिया था तो तालियाँ बस बजती ही रही थी .एसा जिंदादिल इंसान हालत से कैसे हार सकता है लोगो को यकीन नहीं हो रहा है.लोग इसकी जिन्दादिली की कहानियां कहते थक नहीं रहे ,एक यूजर ने उससे हुए आखिरी वाटस अप चेट को दिखाया और कहा कंही से भी नहीं लगता की बन्दा अन्दर से इतना दुखी है और जान दे देगा.इनता हसमुख इंसान एसा कैसे कर सकता है .

पीड़ित परिवार मोकामा के औंटा गावं का है . घटना के बारे में ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, औंटा निवासी रंजना कुमारी अपने दो पुत्र गौरव कुमार उर्फ बिट्टू तथा सौरव कुमार उर्फ छोटू के साथ रहती थी। दोनों वायुसेना में नौकरी करते हैं। गौरव दिल्ली तथा सौरव पुणे में पदस्थापित है। गौरव जब भी छुट्टी में घर आता था तब अपनी मां से खूब झगड़ा और मारपीट किया करता था। कुछ दिन पूर्व गौरव छुट्टी पर आया और अपनी मां से झगड़ा किया और मारपीट की।जानकारी मिलते ही छोटा भाई सौरव भी पांच दिन पूर्व छुट्टी लेकर घर आया और घटना के बारे में मां तथा आसपास के कुछ लोगों से जानकारी ली। जिसके बाद थक-हार कर वह स्थानीय थाने पहुंचा और थाने में एक आवेदन देकर मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद उसका भाई की प्रताड़ना ओर बढ़ती गई। कहीं से कोई मदद नहीं मिलने के कारण सौरव ने हताश और निराश होकर शुक्रवार की दोपहर कमरा बंद कर सल्फास की चार गोलियां खा लीं। सूचना के बाद किसी प्रकार ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला और मोकामा स्थित एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद चिंताजनक हालत में उसे बेगूसराय रेफर कर दिया । इसी बीच बेटे की जहर खाने की बात सुनकर गम में मां ने भी जहर खा लिया। बाद में बेगूसराय में एक निजी क्लिनिक में इलाज के क्रम में सौरव ने दम तोड़ दिया। वहीं मां की हालत गंभीर बताई जाती है। जवान के जहर खाने की सूचना ग्रामीणों और शहरवासियों के बीच आग की तरह फैल गई और लोगों ने आपस में तरह-तरह की चर्चा शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक के पिता अजय कुमार सिंह ने भी अपने पिता से पारिवारिक कलह के कारण आत्महत्या कर ली थी। एक ही परिवार में दो घटनाएं होने से ग्रामीण सन्न थे।

थाने में अब तक इस प्रकार की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस सूचना पर मामले की जांच कर रही है। अविनाश कुमार, थानाध्यक्ष (सौजन्य:-दैनिक भास्कर)