Spread the love
Anand Shanker

हम-आप पटना के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को खूब गरियाते हैं । कुछ वजहें भी हैं । टेम्‍पो-बस से राजधानी में चलना नहीं चाहते । लेकिन आप जानकर दंग होंगे कि फरवरी,2010 तक बिहार के पुलिस प्रमुख (डीजीपी) रहे 1973 बैच के आईपीएस अधिकारी आनंद शंकर मन से पटना में टेम्‍पो-बस से चलते हैं । पटना जंक्‍शन से दानापुर जाने वाली सिटी बस में आनंद शंकर आपको कभी भी मिल सकते हैं । कोई पहचान भी नहीं देते । कभी खड़े-खड़े ही चले जाते हैं ।
कुछ दिनों पहले बेली रोड पर बस में एक रिपोर्टर को आनंद शंकर मिल गये । दुआ-सलाम हुई । बस की सवारी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि नियमित आता-जाता हूं । कैसा संकोच । आगे आरपीएस मोड़ के पास उतर गये । जब बाद में रिपोर्टर ने बस कंडक्‍टर को आनंद शंकर का परिचय बताया तो वह चौंक गया । कहा-स्‍टेशन पर चढ़े थे । पुराने यात्री हैं,इसलिए रास्‍ते में जबरिया सीट दिलवा दी । खाली होने पर नौजवान बैठ गया था,छोड़ने को तैयार नहीं था ।
रिपोर्टर ने आनंद शंकर से पूछा था,आजकल कहां रहते हैं सर । जवाब मिला था,अधिक दिन तो गोकुलधाम में ही गुजर जा रहा है । आनंद शंकर को कृष्‍ण-भक्‍त के रुप में भी जाना जाता है । 28 जुलाई 2009 को उन्‍होंने डीएन गौतम से बिहार के पुलिस प्रमुख का पदभार ग्रहण किया था । तब भी वे ललाट पर बड़ा लाल टीका लगाते थे । इस पर कइयों ने आपत्ति भी जताई थी,लेकिन उन्‍होंने टीका लगाना न छोड़ा था । रिटायरमेंट बाद आनंद शंकर जुलाई,2013 में राष्‍ट्रपति शासन के दौरान झारखंड के राज्‍यपाल के सुरक्षा सलाहकार भी बने । आनंद ने यह पदभार देश के सुपर कॉप माने जाने वाले के. विजय कुमार से ग्रहण किया था,जोकि देश में नक्‍सल विरोधी आपरेशंस के को-आर्डिनेटर नियुक्‍त कर दिये गये थे ।
ऐसा नहीं कि आनंद शंकर अपनी गाड़ी से नहीं चल सकते । अधीनस्‍थ इतने रहे हैं कि कभी भी कहीं भी सुविधा मुहैया हो सकती है । लेकिन वे तो ठहरे कृष्‍ण भक्‍त,इसलिए अपनी जिंदगी के लिए चुने अपने रंग में ही घुले हैं । न कोई शिकवा न कोई शिकायत ।


Mokama Online
Mokama Online
आईपीएस अधिकारी आनंद शंकर मन से पटना में टेम्‍पो-बस से चलते हैं

Leave a Reply