जन्मदिन मुबारक प्रेम रंजन सर

भारतीय संस्कृति का एक सूत्र वाक्य प्रचलित है तमसो मा ज्योतिर्गमय इसका अर्थ है अँधेरे से उजाले की ओर जाना। इस प्रक्रिया को वास्तविक अर्थों में पूरा करने के लिए शिक्षा, शिक्षक और समाज तीनों की बड़ी भूमिका होती है। भारतीय समाज शिक्षा और संस्कृति के मामले में प्राचीनकाल से ही बहुत समृद्ध रहा है। भारतीय समाज में जहाँ शिक्षा को शरीर, मन, और आत्मा के विकास का साधन माना गया है, वहीं शिक्षक को समाज के समग्र व्यक्तित्व के विकास का उत्तरदायित्व सौंपा गया है.

आप येसे ही एक शिक्षक है जो समाज को निरंतर आगे ले जाने के लिए अग्रसर है.मोकामा ऑनलाइन की तरफ से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामना .ईश्वर आपको अच्छा स्वास्थ और बहुत साडी खुशियाँ दें.