मोकामा
संपादकीय

घर की बेटी कॉमनवेल्थ गेम में गोल्ड जीत लाइ

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भारतीय शूटर श्रेयसी सिंह ने ऑस्ट्रेलियाई शूटर एम्मा कॉक्स को मात देते हुए 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के डबल ट्रैप शूटिंग इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। श्रेयसी ने स्कॉटलैंड के ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स-2014 में सिल्वर मेडल जीता था। इस बार वह अपने मेडल कर रंग बदलने में कामयाब रहीं।

श्रेयसी सिंह अपने दादा की बेटी है .बहुत से लोग दादा को भूल गये होंगे .पूर्व केन्द्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह के सरल और मृदुल स्वभाव के कारन ही लोह उन्हें दादा कहते थे.कुशल और व्यस्त  नेता मंत्री होने के बावजूद वो पाने जनता के लिए कैसे समय निकाल लेते थे आज भी इसपर अनुसन्धान किया जा सकता है .बीमारी के वजह से उनका देहांत हो गया था.उसके बाद उनकी पत्नी भी सांसद बनी .मगर उनके बच्चों ने देश सेवा के लिए राजनीती से परे खेल  को चुना और आज दादा की बिटिया देश का नाम रौशन कर रही है.श्रेयसी सिंह कुछ वर्षों से भारतीय महिला शूटर में सबसे बड़ा नाम बनके उभरी है.आज जब उसने  21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के डबल ट्रैप शूटिंग इवेंट में गोल्ड मेडल  जीता है .यकीं मानिये हर बिहार वासियों को गौरव और मान का अहसास हो रहा है.

भारत के राष्टपति श्री रामनाथ कोविंद ने   श्रेयसी सिंह के गोल्ड जीतने पर ट्विटर  के माध्यम से बधाई दी