मोकामा
कृषि

किसान महाबन्दी देश के दुसरे किसानो के लिए नज़ीर पेश करेगा

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दलहन फसलों के लिए सरकार समर्थन मूल्य 4250 रुपए कर तो दी है किंतु उनकी खरीद के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जाती है। और किसान ₹3200 रुपए में दलालों के बीच उधार बेचने के लिए मजबूर हो जाते है। किसानों को आश्चर्य तो तब होता है जब यही दालें विदेशों से आयात कर ली जाती है, और किसानों को बाजार के भरोसे, साहूकार के भरोसे छोड़ दिया जाता है। आज दिनांक 28/5/2018 को किसान के रूप में अपनी ताकत को पहचानते हुए मोकामा और बड़ैहीया टाल के किसानों ने दलहनी फसलों के समर्थन मूल्य ₹8000 करने और खरीद के लिए सभी प्रखंड में दलहन क्रय केंद्र खोलने के लिए लखीसराय से बख्तियारपुर तक शांतिपूर्ण बंदी का ऐलान किए, और शांतिपूर्ण बंदी सफल रहा। और इस बंदी का समर्थन मुंगेर लोकसभा के सांसद माननीया श्रीमती वीणा देवी, लो ज पा प्रत्याशी श्री कन्हैया सिंह जी, जन अधिकार पार्टी के प्रदेश महासचिव श्री नीलीनरंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, तमाम सारे पार्टी का कार्यकर्ता एवं किसानों और व्यापारियों का सहर्ष पुरजोर समर्थन मिला और सभी लोगों ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक मंच पर आवाज उठाते हुए सड़क से सदन तक लड़ाई करने की बात कही।

सांसद महोदया श्रीमती वीणा देवी ने किसानों को संबोधित करते हुए कही कि मैंने बार-बार सदन में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए दलहनी समर्थन मूल्य और टाल योजना की बात लिखित रूप से भी कई बार मैंने मेमोरेंडम दिया लेकिन आज तक हमारी मांगों को आश्वासन देते हुए नजरअंदाज कर दिया गया। मैं भी किसान की बेटी हूं और मोकामा की हूं इसलिए किसानों के दर्द को समझती हूं। इसलिए पहले किसान उसके बाद पार्टी इसलिए मैं किसानों के समर्थन में हूं और किसानों के साथ हूं और अभी तो यह अंगड़ाई है अभी तो पूरी लड़ाई बाकी है मैं इस धरना के माध्यम से सभी किसानों ें को आश्वस्त करना चाहूंगा की अगर सरकार समर्थन मूल्य बढ़ाती है और क्रय केंद्र खोलती है तब तो ठीक है नहीं तो मैं किसानों के साथ सड़क से लेकर सदन तक ताल में ताल मिला कर चलने का काम करूंगी। धरना दे रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान के हितैषी गोरख सिंह जी संचालन किसान नेता श्री मुरारी सिंह जी विशिष्ट वक्ता श्री मोती बाबू, अशोक बाबू, सामाजिक कार्यकर्ता एवं किसानों के बारे में हर समय सोचने वाले चंदन जी एवं तमाम मोकामा के किसान भाइयो नें पुरजोर तरीके से अपने अपने भाषण में किसानों को संबोधित किया। कार्यक्रम पूर्णरूपेण सफल रहा इसके लिए चंदन जी और मुरारी जी को बहुत-बहुत धन्यवाद। जय किसान, जागो किसान।