परशुराम मंदिर गए थे अटल जी , कहा था – भरत की भी हो पूजा

परशुराम मंदिर गए थे अटल जी

मोकामा। जनता दल यूनाइटेड प्रवक्ता सह विधान पार्षद नीरज कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए नीरज ने बचपन से जुड़ी यादों को ताजा किया। उन्होंने कहा कि मैंने मोकामा में बचपन में अटल जी का भाषण सुना था। जब अटल जी मोकामा आए हुए थे तब अटल जी अपने शब्दों का जादू बिखेर दिया था,जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने बताया कि मोकामा के वेंकटेश बाबू के घर अटल जी को उन्होने पहली बार सुना था. अटल जी के शब्दों का जिक्र कर उन्होने बताया कि मोकामा प्रवास के दौरान बाबा परशुराम का दर्शन कर लौटते वक़्त वेंकटेश बाबू के घर के प्रांगण में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया था. अटल जी ने अपने भाषण में रामायण का जिक्र करते हुए कहा था कि आज रामनवमी है, आज के दिन हमलोग श्री राम की पूजा तो विधि-विधान के साथ करते हैं, पर भरत को क्यों भूल जाते हैं.

भाई के लिए भरत ने राजगद्दी त्याग दी और श्री राम की खड़ाऊं का १४ वर्षों तक पूजन किया. कहते हैं भरत जैसा भाई नहीं तो फिर पूजा सिर्फ श्री राम की ही क्यों? भरत की क्यों नहीं? यह यक्ष प्रश्न है! हमें इसका समाधान ढूंढना होगा.

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