परशुराम जयंती पर धर्मयात्रा ने बनाया इतिहास

मोकामा। परशुराम जयंती पर बिहार की सबसे लंबी धर्मयात्रा गुरुवार १८ अप्रैल को मोकामा पहुंची। करीब ५० किलोमीटर की यह धर्मयात्रा बेगूसराय के मंझौल स्थित जयमंगला स्थान से बाबा परशुराम मंदिर मोकामा पहुंची। वहीं दूसरी यात्रा बड़हिया से निकली और बाबा परशुराम स्थान पहुंची। केसरिया और पीताम्बर झंडों के साथ बाबा परशुराम के जयकारे लगाती अत्यंत भव्य धर्मयात्रा बेहद अनुशासित तरीके से संयुक्त रूप से एक के बाद एक मोकामा पहुंची।

धर्मयात्रा का मंझौल, मोहनपुर, खम्हार ढाला, रजौरा, बेगूसराय हर हर महादेव चौक चौक, जीरोमाइल, बीहट चांदनी चौक, सिमरिया पुल, हाथीदह आदि में ग्रामवासियों द्वारा स्वागत किया। इस बीच हाथीदह में बड़हिया से निकली धर्मयात्रा भी साथ हो गई। इतिहास में यह पहला मौका था जब हजारों की संख्या में शामिल श्रद्धालुओं का दल धर्मयात्रा लेकर मोकामा में बाबा परशुराम के दर्शनार्थ पहुंचा था।
पलक पांवरे बिछाए मोकामा क्षेत्रवासियों ने हाथीदह से मोकामा तक धर्मयात्रा का स्वागत सत्कार किया। मोकामा बाजार में धर्मयात्रा पर पुष्प वर्षा की गई जिस कारण हर ओर गेंदा फूलों का ढेर लग गया। बाद में धर्मयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने मोकामा स्थित दोनों प्राचीन परशुराम मंदिरों में मोकामा के आराध्य देव बाबा परशुराम का दर्शन पूजन किया.तस्वीर देखिये