मोकामा के बेटे कुमार शानू ने जीता अमेरिका में छात्र चुनाव

मोकामा के बेटे ने जीता अमेरिका में छात्र संघ चुनाव

मोकामा के बेटे कुमार शानू ने जीता अमेरिका में फ़्लेचर स्कूल ओफ लॉ एंड डिप्लोमसी के छात्र चुनाव.

पटना जिला मोकामा के सकरवार टोला निवासी, उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता तथा वर्तमान में विश्व के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षनिक संस्थानो में शुमार फ़्लेचर स्कूल ओफ लॉ एंड डिप्लोमसी के छात्र कुमार शानू ने अमेरिका स्थित अपने कॉलेज में छात्र चुनाव जीत लिया है. मतदान करने वाले छात्र पच्चास विभिन्न देशों के नागरिक हैं. शानू ने बताया कि यह चुनाव में उन्हें एक रुपया भी ख़र्च करने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ीं लेकिन अलग अलग संस्कृति, सभ्यता और कार्यक्षेत्र से आने वाले बुद्धिजीवी छात्रों का समर्थन हासिल करना आसान नहीं था. दरअसल अमेरिका के फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी में 50 विभिन्न देशों के छात्र नामांकित हैं. संयुक्त राष्ट्र संघ में कार्यरत और विभिन्न देशों के दूतावास और विदेश सेवा में कार्यरत अधिकारी भी वहां मास्टर की डिग्री लेने जाते हैं. कुमार शानू भी वहां मास्टर इन लॉ के छात्र हैं. शानू ने बताया कि कुल 6 उम्मीदवार चुने गए हैं. 12 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे तथा छह को जीत मिली है. इस चुनाव में 50 देशों के छात्र वोट करते हैं. अमेरिकी सेना के भी कई वरिष्ठ अधिकारी वहां से कानून की पढ़ाई कर रहे हैं. कई विभिन्न देशों के नौकरशाह भी वहां पढ़ाई करते हैं. कुमार शानू ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय विदेश नीति और कूटनीति का यह एक उत्कृष्ट संस्थान है तथा कई पूर्व प्रधानमंत्री, राष्ट्राध्यक्ष, नोबेल पुरस्कार विजेता तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त करने वाले कई लोग वहां के छात्र रहे हैं. काउंसिल मेंबर्स के 6 पदों पर चुनाव हुआ था तथा कुमार शानू भी चुनाव में काउंसिल मेंबर चुने गए हैं.
कुमार शानू मोकामा
मोकामा के बेटे ने जीता अमेरिका में छात्र संघ चुनाव

चुनाव जीतने के पश्चात अब शानू की कॉलेज के हर महत्वपूर्ण मामले में सहभागिता होगी. ज्ञात हो फ़्लेचर स्कूल ने विश्व को कई राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संयुक्त राष्ट्र अधिकारी, नोबल पुरस्कार विजेता और सभी क्षेत्रों में नायक दिए हैं. शानू की यह अप्रत्याशित जीत भारत के लिए गर्व की बात है.येसे ही एक चुनाव में केरल के वर्तमान सांसद शशि थरूर असफल हो गये थे.शानू के फ़्लेचर जाने के पहले शशि थरूर ने उनसे मुलाकात की थी और वंहा के बारे में बताया भी था .आज निश्चय ही शशि थरूर को भी भारत के इस बेटे पर गर्व हो रहा होगा.
शानू बिहार के पटना जिला के मोकामा से एक साधारण से परिवार से आते है.छोटे से गावं मोकामा से निकलकर शानू फ़्लेचर तक पहुचे और आज उन्होंने वंहा का छात्र चुनाव जीता है.कुमार शानू अपने दादाजी से बेहद प्रभावित हैं। उनकी जिंदगी पर दादाजी का बहुत गहरा असर रहा है. अपने दादाजी के बारे में बातें करते हुए शानू गर्व से भर उठते हैं. वह कहते हैं मेरे दादाजी सरकारी शिक्षक थे लेकिन वह सैलरी नहीं लेते थे. हम संपन्न किसान परिवार से आते थे इसीलिए किसी तरह की आर्थिक परेशानी नहीं थी. दादाजी का मानना था कि सक्षम लोगों को बढ़-चढ़ कर समाज की सेवा करनी चाहिए. उन्होंने हमें जो जीवन मूूल्य दिए वो जीवन के अबतक के हर पड़ाव पर मेरे काम आया। मुझे मेरे पिताजी से भी सीखने को काफी कुछ मिला.

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