मोकामा
कृषि

किसान महाबन्दी ,पूरी तरह बंद रहा मोकामा

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किसानों द्वारा बुलाए गए बंद का खासा असर देखने को मिला जिसमें स्थानीय बाजार पूरी तरह स्वत:स्फूर्त बंद रहे। शहरी और ग्रामीण इलाके में सुबह से ही यातायात बाधित रहा। मेकरा, सुल्तानपुर, मोर, शिवनार, औंटा, महेंद्रपुर, हथिदह सहित अन्य गांवों में किसान सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन किया। औंटा के पास ट्रेनों को भी रोका गया। हालांकि आरपीएफ के समझाने-बुझाने पर प्रदर्शनकारी किसान रेल ट्रैक से हट गए। मोकामा के जयप्रकाश चौक पर किसानों न टेंट-पंडाल लगाकर धरना दिया।आन्दोलन के संयोजक चंदन कुमार ने बताया कि दलहन फसलों की खेती करने वाले किसानों को उनके उत्पाद का न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल रहा है और न ही दलहनी फसलों के उत्पाद का कोई खरीदार ही है। मसूर की खेती करने वाले किसानों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मसूर का मौजूदा बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य 3950 रुपये प्रति क्विंटल के विरुद्ध मात्र 3200 रुपये प्रति क्विंटल है। किसान नेता मोती प्रसाद, अशोक नारायण सिंह, भवेश कुमार ने बताया कि हमारी परेशानियों का सबसे बड़ा कारण है मसूर की खेती करने वाले किसानों को बेहतर दाम नहीं मिलना। किसान नेताओं ने कहा कि व्यापारी मसूर को 3200 रुपये से 3400 रुपये प्रति क्विंटल खरीदने को तैयार तो होते हैं लेकिन नकद पैसेदेने के लिए तैयार नहीं होते। मोलदियार टोला के किसान धम्रेद्र सिंह ने बताया कि पिछले साल 200 क्विंटल मसूर को व्यापारी के यहां बेचा था। इस बार 400 क्विंटल मसूर उनके घर में रखा हुआ है। वहीं व्यापारी ने पिछले साल खरीदी गई मसूर का अभी तक भुगतान भी नहीं किया है। धम्रेद्र सिंह के घर बेटी की शादी है और उन्होंने सोचा था कि 2 साल का अनाज बेच कर बेटी के हाथ पीले कर लेंगे लेकिन न तो पिछले साल के मसूर का दाम उन्हें मिल पाया और इस बार भी मसूर के बिकने पर संशय ही है। बंद का असर यहां तक रहा कि मुंगेर से लोक जनशक्ति पार्टी की सांसद वीणा देवी किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए मोकामा में वह खुद धरने पर बैठ गई। उनके साथ लोजपा के प्रदेश महासचिव और मोकामा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी कन्हैया सिंह भी धरना पर बैठे हुए थे। जन अधिकार पार्टी के प्रदेश महासचिव ललन सिंह भी किसानों के साथ सड़कों पर नजर आए।

वहीं पूर्व मंत्री श्यामसुंदर सिंह धीरज भी किसानों के जुलूस और धरना में शामिल हुए। उन्होंने मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। जन अधिकार पार्टी के प्रदेश महासचिव ललन सिंह ने कहा किसानों की सुधि लेने वाला कोई नहीं है और किसान अपने हक हकूक की लड़ाई लड़ रहे हैं.(सौजन्य:-रास्टीय सहारा)विडियो देखिये