मोकामा
बच्चों का कोनाशिक्षा

रंग उमंग कार्यशाला,17 गांवों के सौ से अधिक बच्चे ले रहे भाग

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रंगकर्म के ककहरे से गुलजार हुआ मरांची गांव,आदर्श मध्य विद्यालय मरांची में सौ से अधिक बच्चे ले रहे भाग.रंगकर्म के ककहरे से गुलजार हुआ मरांची गांव। 17 गांवों के सौ से अधिक बच्चे ले रहे हैं कार्यशाला में भाग। आदर्श मध्य विद्यालय मरांची में संगीत, नृत्य, नाटक, ललित कला और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों पर 17 गांवों के सौ से अधिक बच्चे अपनी विधाओं को प्रस्तुत कर रहे हैं। आकाशगंगा रंग चौपाल एसोसिएशन बरौनी द्वारा ग्रीष्मकालीन रंग कार्यशाला रंग-उमंग के तहत 11 दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कई विधाओं के प्रशिक्षक अपने-अपने तरीके से गांव के बच्चों को रंगकर्म के ककहरे से वाकिफ कर रहे हैं।

गर्मी की छुट्टी के दिनों में खासकर के ग्रामीण बच्चों के लिए आकाशगंगा का यह प्रयास मध्य विद्यालय मरांची के मैदान में अल सुबह से देखते बन रहा है । अल सुबह 5:30 से ही कार्यशाला में पहुंच रहे हैं इन बच्चों का बेसब्री से इंतजार कर रहे होते हैं । सुबह 6 बजे इन बच्चों का व्यायाम-योग शुरू होता है जिसे मध्यप्रदेश नाटय़ विद्यालय से पास आउट ऋषिकेश कुमार देख रहे हैं। शरीर के विभिन्न अंगों के साथ-साथ भाषा और शब्दों को भी ध्यान में रखकर बच्चों का वाइस एक्सरसाइज भी कराया जा रहा है। इसके बाद कार्यशाला के संगीत प्रशिक्षक नरेश कुमार के नेतृत्व में बच्चे स्वर अभ्यास भी करते हैं। फिर इन बच्चों की मस्ती की पाठशाला में ये बच्चे अपनी अभिरुचि के अनुसार अलग-अलग विधाओं में प्रशिक्षण लेते हैं। नाटक, लोक नृत्य, शास्त्रीय नृत्य, पाश्चात्य नृत्य, ललित कला, संगीत सहित अन्य विधाओं में यह बच्चे प्रशिक्षण लेकर अपने अंदर कला की भूख को पैदा कर रहे हैं । कार्यशाला में पटना से आये नृत्य प्रशिक्षक राहुल मुकेश, लक्ष्मण, कुंदन, विक्की, संगीत में नरेश कुमार, बबलू कुमार, सुबोध कुमार ललितकला में मनीष कुमार अंकित वर्मा राधे कुमार, रूपेश कुमार, अमरेश कुमार, डॉ. कुन्दन कुमार आदि लगातार प्रशिक्षण दे रहे हैंर्।शाला निर्देशक राष्ट्रीय नाटक विद्यालय नई दिल्ली से पास आउट गणोश गौरव कहते हैं कि गांव के बच्चों के लिए सुनहरा अवसर है जहां वे एक साथ अलग-अलग विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं । यह एक मानव निर्माण की कार्यशाला है, जिसमें समाज के पूर्ण सहयोग की आवश्यकता है ।

लगातार गांव के हर अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों से मिलकर कार्यशाला की सफलता को लेकर प्रयास किया जा रहा है । कार्यशाला प्रभारी और आकाश गंगा के संयोजक डॉ. कुन्दन कुमार कहते हैं कि का कस्बाई रंगमंच और गांव के बच्चों के लिए विगत 14 वर्षो से रंग उमंग कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है ।(Rastiy Sahara)