मोकामा में गंगा खतरे के निशान से ऊपर

मोकामा में खतरे की निशान से 37 सेमी ऊपर गंगा बह रही  है.

राजेन्द्र सेतु के पास पिलर में लगे हुए खतरे के निसान से 37 सेमी ऊपर गंगा बह रही  है प्रशासन ने दियारे व टाल में अलर्ट  जारी कर दिया है. कसहा दियारा व जंजीरा दियारा में बाढ़ का पानी गांव के  करीब पहुंच चुका है. मोकामा टाल इलाके की मुहाने,  बगदाही व धनायन नदियों का पानी भी लगातार बढ़ रहा है . त्रिमुहान, तारतर  आदि कई गांवों में सड़क तक नदियों का पानी पहुंच गया है.
ग्रामीणों ने  बताया कि त्रिमुहान के लोगों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क भंग है. प्रशासन  नाव की वैकल्पिक व्यवस्था में जुटा है. दूसरी ओर, पंडारक, बख्तियारपुर और  अथमलगोला का दियारा क्षेत्र गंगा के बाढ़ से जलमग्न हो रहा है. निचले  हिस्से में रहने वाले लोग पलायन कर एनएच किनारे शरण ले रहे हैं.
 गंगा
मोकामा में खतरे की निशान से 37 सेमी ऊपर गंगा बह रही  है

मोकामा टाल से किऊल के बीच बिछेगी डबल लाइन

मुगलसराय-हावड़ा रूट में तीसरी लाइन की मांग के बीच इस रूट पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए वैकल्पिक रेलवे ट्रैक बनाने की तैयारी है। पटना से मोकामा के बीच भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर वैकल्पिक रेलवे ट्रैक बनेगा। इसी के मद्देेनजर मुगलसराय-झाझा मेन लाइन में मोकामा टाल से किऊल तक डबल लाइन बिछाने की योजना है।

अभी इस रेलखंड पर सिर्फ दो लाइनें हैं। रेलवे के जानकारों के अनुसार यह भविष्य की जरूरत को पूरा करने में सक्षम नहीं है। दो अतिरिक्त ट्रैक बन जाने के बाद रेलवे परिचालन व्यवस्थित हो सकेगा। हाल ही में पटना आए रेलमंत्री पीयूष गोयल के समक्ष पटना होते हुए झाझा से पंडित दीनदयाल जंक्शन (मुगलसराय) के बीच दो अतिरिक्त ट्रैक का निर्माण की मांग बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़े व्यवसायियों ने रखी थी। इस बाबत दानापुर मंडल ने प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा है। दानापुर मंडल के डीआरएम रंजन प्रकाश ठाकुर ने बताया कि इस रूट पर दो और लाइन बिछाने की आवश्यकता जताई है। डीआरएम के अनुसार मोकामा टाल से किऊल तक करीब 30 किलोमीटर के दायरे में मौजूदा डबल लाइन के अलावा एक और डबल ट्रैक बिछाने से काफी हद तक कंजेशन कम हो जाएगा। किऊल से गया के बीच रेल लाइन की डबलिंग हो रही है, इससे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। इससे कंजेशन बढ़ जाएगा। बाढ़ थर्मल पूरी तरह चालू हो जाएगा, तब कोडरमा से झाझा होकर किऊल के रास्ते यहां के लिए रोज 20 रेक मालगाड़ी चलेगी। इससे भी कंजेशन बढ़ेगा। किऊल से जमालपुर होकर मुंगेर ब्रिज के लिए रेल रूट है। मोकामा टाल से सिमरिया लाइन और एक-दो साल में गंगा में एक और नया रेल ओवरब्रिज बनना है। इससे भी ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। मेन लाइन का दबाव अलग से है। यह सारा दबाव करीब 30 किमी के दायरे में मोकामा और किऊल के बीच ही होगा। किऊल और झाझा के बीच के स्टेशन .किऊल व झाझा के बीच 30 किलोमीटर के दायरे में किऊल, लखीसराय, अशोक धाम, मनकथ, धूरंत, डुमरी हाल्ट, गंगाशाही हाल्ट, बड़हिया, जलालपुर हॉल्ट, रामपुर डुमरा, हथिदह, टाल जंक्शन और मोकामा जंक्शन है।(सौजन्य:-प्रभात खबर)

बहरी सरकार को बापू का सन्देश

मोकामा बड़हिया किसानो का अनाज पिछले 3 सालों से घर मैं पीडीए है.कोई भी सरकार इसे खरीदने मैं दिलचस्पी नहीं दिखा रही.किसानो की बेटियां व्याही जनि है,बच्चे को पढने के लिए भेजना है,बुजुर्गों को दवाई देना है,बरसात से पहले छप्पर छड्वाना है.मगर कैसे 3 सालों से अनाज का एक दाना तक नहीं विका है .टाल क्षेत्र के किसानों की दयनीय स्थिति को लेकर तथा रबी फसल गेहूं एवं दलहन का क्रय केंद्र खोलने में हो रहे टाल मटोल के विरोध में टाल विकास समिति मोकामा, बड़हिया एवं कृषि विकास समिति बड़हिया के तत्वावधान में गुरुवार को किसानों का एक दिवसीय उपवास प्रखंड कार्यालय बड़हिया,मोकामा ,घोसवारी में होगा। जिसमें प्रखंड एवं नगर क्षेत्र के किसान उपस्थित होकर एक दिन का का उपवास करेंगे। इसकी जानकारी देते हुए कृषि विकास समिति के संयोजक संजीव कुमार ने बताया कि दलहन का स्थायी क्रय केंद्र की स्थापना करने तथा तेलांगना सरकार की तर्ज पर बिहार के किसानों को भी 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता किसानों को देने की मांग की है। उक्त मांग को लेकर ही किसान उपवास पर रहेंगे।(सौजन्य:-दैनिक जागरण)

रूस में है फुटबॉल विश्व कप लेकिन मोकामा ने जीता फुटबॉल मैच

फीफा विश्व कप 2018 का आगाज हुए तकरीबन एक सप्ताह का वक्त गुजरा है. इतने कम वक्त में इसने पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। फुटबॉल विश्व कप के खुमार से मोकामा के फुटबॉल खिलाड़ी भी अछूते नहीं हैं.32 टीमों वाले इस टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 15 जुलाई को मॉस्को में खेला जाएगा. टूर्नामेंट की शुरुआत में ही कई बड़े उलटफेर देखने को मिल चुके हैं.एक और रूस में फुटबॉल का विश्व कप चल रहा है तो दूसरी ओर मोकामा भी फुटबॉल के जोश से लबरेज है. मोकामाघाट हाईस्कूल मैदान में इलेवन स्टार क्लब और बाढ फुटबॉल क्लब के बीच 20 मई को मैच खेला गया मदन कुमार सिंह ऊर्फ मास्टर साहेब का इस फुटबॉल टीम को प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका रही है.

कल के मैच में बतौर मुख्यातिथि रौशन कुमार उपस्थित हुए. इलेवन स्टार फुटबॉल क्लब संभवतः मोकामा का इकलौता फुटबॉल क्लब है जो सिनियर डिविजन फुटबॉल लीग में सालों से शिरकत कर पूरे बिहार में मोकामा का नाम रौशन कर रहा है. मदन सर के प्रयासों के कारण ये क्लब जिवित ही नहीं अपितु कईयों को सेना पुलिस की नौकरियों में अपना योगदान दिलवा रहा है . मैच मोकामा की टीम ने जीता.

बंद रहा फतुहा,बख्तियारपुर ,खुशरूपुर

प्रखण्ड मुख्यालय में सोमवार को फसलों के उचित समर्थन मूल्य को लेकर क्षेत्र के किसानों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केन्द्र व राज्य सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर किसानों की तरफ से छह सूत्री मांगों का ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार को सौंपा गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे परसा के किसान अवधेश सिंह ने बताया कि सरकार मांग के बावजूद अबतक दलहन, तिलहन व धान की खरीदारी के लिए क्रय केंद्र नहीं खोल पायी है। इसके अलावे किसानों को किसी अनाज के लिए न ही उचित समर्थन मूल्य मिल पा रहा है। किसान बाध्य होकर सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। मौके पर दर्जनों किसान मौजूद थे।(रास्टीय सहारा)विडिओ देखिये

किसानो की गोलबंदी पर आम आदमी भी महाबन्दी पर राजी

सरकार द्वारा दाल का समर्थन मूल्य नहीं दिए जाने के विरुद्ध टाल विकास समिति मोकामा-बड़हिया के आह्वान पर 28 मई को चक्का जाम आंदोलन के लिए किसान गोलबंद होने लगे हैं। बाढ़ से लेकर बड़हिया तक चक्का जाम बंद की सफलता को लेकर मंगलवार को टाल क्षेत्र की पंचायतों में किसानों की बैठक करके उन्हें गोलबंद किया गया।किसानों को कहा कि अपनी राजी रोटी का सवाल है। इसमें सभी किसानों को एकजुट होकर 28 मई के आंदोलन को सफल बनाना है।किसान नेता अशोक नारायण सिंह,गोरख प्रसाद सिंह,मोती बाबु,आनंद मुरारी,चन्दन कुमार,प्रणव शेखर शाही,संजीव कुमार बड़े जी, विजय कुमार सिंह ने घर घर जाकर किसानो को 28 की बंदी के लिए प्रेरित किया.

किसानो के साथ साथ आम आदमी भी बंद को सफल बनाने के लिए दिन रात जन संपर्क में लगे है.उनका कहना है की जब दोनों जगह एक ही पार्टी की सरकार है तो अब किसके पास जाये ,क्या चीन और रूस के नेताओ से बात करे.अगर सरकार कुछ निर्णय नहीं ले पति तो 1 जून से 10 जून तक असहयोग आंदोलन में भी मोकामा बड़हिया के किसान हिस्सा लेंगे .

शहीद राजेश का शव को अंतिम सलामी दिया गया मोकामा में

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में गीते दिन नक्सली हमले में शहीद बिहार के बेगूसराय निवासी सीआरपीएफ जवान राजेश कुमार (26 वर्ष) का पार्थिव शरीर सोमवार को कोलकाता से पटना एयरपोर्ट लाया गया, जिसके बाद सीआरपीएफ द्वारा मोकामा में शहीद को सलामी देने के बाद शव को ससम्मान उनके पैतृक गांव बीहट के सुंदरवन भेज दिया गया।पैतृक गांव पहुंचने के बाद शहीद राजेश के पार्थिव शरीर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार बेगूसराय के सिमरिया गंगा तट पर किया जाएगा। शहीद राजेश बीहट के नवलकिशोर सिंह के इकलौते बेटे थे। वे अपने पीछे बूढ़े माता-पिता तथा पत्नी व बच्चे छोड़ गए हैं।शहीद के पैतृक गांव में मातम का माहौल है। उनके घर पर लोगों का तांता लगा है। लोगों में नक्सली हिंसा के प्रति गुस्सा उबाल पर है।

बताया जाता है कि रविवार को छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (छत्तीसगढ़ शस्त्र बल) तथा सीआरपीए। के जवानों की टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान नक्सलियों ने जंगल में बारूदी सुरंग बिछाकर उनकी एक गाड़ी को उड़ा दिया। इसमें बीहट के लाल नवलकिशोर सिंह के पुत्र राजेश कुमार शहीद हो गए। इसकी सूचना छत्तीसगढ़ शस्त्र बल के हेडक्वार्टर द्वारा शहीद की पत्नी स्वीटी कुमारी को दी गई। मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। पिता को शहीद के बच्चों व पत्नी के भविष्य की चिंता. शहीद के पिता नवल किशोर सिंह ने बताया कि राजेश ने 2010 में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में नौकरी ज्वाइन की थी। पिता को अपनी उम्र को देखते हुए शहीद की पत्नी व तीन बच्चों के भविष्य की चिंता खाए जा रही है। राजेश की शादी छह वर्ष पूर्व लखीसराय रामपुर गांव में स्वीटी कुमारी के साथ शादी हुई थी। उसे दो पुत्र व एक पुत्री हैं।शहीद के बूढ़ी मां सुनीता देवी तथा पत्नी स्वीटी कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता भी रोते हुए बताते हैं कि उन्होंने किस तरह मजदूरी कर बेटे को पढ़ा-लिखाकर बड़ा किया था और अब जब उसकी बारी आई तो वह छोड़कर चला गया। शहीद राजेश की चारों विवाहित बहनें कभी माता-पिता तो कभी भाभी व उनके बच्चों को संभाल रही हैं।

शहीद के पिता नवल किशोर सिंह ने बताया कि राजेश शुक्रवार को ही वापस ड्यूटी पर गए थे। रविवार को ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद गश्ती पर गए और हमला हो गया। हमले के पूर्व शहीद राजेश ने पिता से मोबाइल पर बात की थी और कहा था कि जंगल में नक्सली हमला हुआ है उसी में जा रहे हैं। उसके बाद राजेश के शहीद होने की सूचना मिली। यह परिवार के लोगों के साथ राजेश की अंतिम बातचीत थी। (सौजन्य:-जागरण)

पंचतत्व में विलीन हुए जिला पार्षद श्री रामदेव यादव

पटना जिला के मोकामा पश्चिमी-45 के जिला पार्षद समाजसेवी श्री रामजानकी ठाकुरबाडी बरहपुर के सचिव श्री रामदेव यादव का लंबी बीमारी के बाद नाजरेथ अस्पताल मोकामा मे शनिवार 19-05-2018 रात 8:45 बजे निधन हो गया | उनका ईलाज बेगलुरू के वायु सेना अस्पताल मे चल रहा था| जि०प० रामदेव यादव बरहपुर पंचायत के निवासी थे| जि०प० के निधन का समाचार सुनकर मेकरा ,कन्हाईपुर,मोर-पूर्वी-पश्चिमी,बरहपुर,शिवनार के गरीब जनता मे शोक की लहर छा गई| उनके आवास पर सैकडो की संख्या मे लोग आने लगे| जि०प० रामदेव यादव के निधन का समाचार सुनकर पटना जिला पार्षद की अध्यश्र अंजु देवी, पालीगंज के विधायक जयवर्द्धन यादव उर्फ बच्चा यादव, पूर्व विधायक अनिरूध यादव, पटना जिला के तमाम जिला पार्षद ने बरहपुर आकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए|

जिला पार्षद रामदेव यादव के निधन पर बरहपुर मुखिया उमा देवी,उपप्रमुख रीना देवी, मेकरा पंचायत के मुखिया सीता देवी सहित कई मुखिया,पंचायत समिती सदस्य ने गहरा शोक प्रकट किया| जि०प० रामदेव यादव के निधन पर जाप के विधायक प्रत्याशी रहे नलिनी रंजन शर्मा उर्फ ललन सिह पूर्व जि०प० प्रत्याशी रहे रजिया देवी, राममोहित पासवान, अजय सरकार, राजेन्द्र यादव,अरविन्द सिह, पूर्व मुखिया सुरेश निषाद, बरहपुर पंचायत के पूर्व मुखिया शील देवी, अनिल बिन्द ने गहरा शोक प्रकट किया| जि०प० रामदेव यादव के निधन पर महेश्वर यादव, नरेश यादव,रामाकान्त यादव,राजीव पटेल,भोला सिह,रामाशीष महतो,देवनन्दन यादव,हीरालाल बिन्द ने गहरा शोक प्रकट किया| (सौजन्य:-महेंद्र यादव)

लोकसभा चुनाव हेतु पीएम की अहम बैठक में शामिल हुए मुंगेर के जयराम विप्लव

लोकसभा चुनाव हेतु पीएम की अहम बैठक में शामिल हुए मुंगेर के जयराम विप्लव .भाजपा के सभी सात मोर्चों की राष्ट्रीय कार्यसमितियों की संयुक्त बैठक दिल्ली के सिविक सेंटर मे हुई जिसमें मुंगेर से भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य के तौर पर जयराम विप्लव ने भाग लिया ।यूपी के सह प्रभारी जयराम विप्लव ने बताया कि अगले लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को बल देना और संबंधित वर्गों में पार्टी का संदेश पहुंचाने की रणनीति तय पर विचार किया गया । और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हम लोगों से कहा है कि सत्ता में बीजेपी का लक्ष्य लोगों की सेवा करना है. देश की सेवा प्रथम कार्य हो, लोगों की सेवा प्राथमिकता में हो.देश में परिवारवादी परम्परा का अंत हुआ और परिश्रमवादी परंपरा की शुरुआत हुई है. 

विप्लव ने कहा कि मोदी जी के निर्देश पर केंद्र सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को लेकर हम मोर्चा कार्यकर्ता व्यापक जन संपर्क करेंगे ।
ज्ञात हो कि यह अपने तरह की पहली बैठक हुई जिसका मकसद अगले लोकसभा चुनाव के संदर्भ में पार्टी के संगठनात्मक तंत्र को मजबूत करना और उसे गति प्रदान करना है।बैठक में भाजपा के सभी 7 मोर्चाें की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की टीम ने भाग लिया । जिनको आगामी चुनाव के अहम जिम्मेदारी को सौंप गया ।मुंगेर सहित आस पास के जिलों में भाजपा समर्थकों में खुशी है कि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व है टीम मोदी में ।

नही रहे जिला पार्षद रामदेव यादव ,मोकामा में शोक की लहर

राजनीती में सीधे और साहस के साथ आगे बढने वाले जिला पार्षद रामदेव यादव का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया.पटना हिहं कोर्ट से रिटायर्ड श्री यादव ने राजनीती के लिए अपनी मात्रभूमि को चुना और अपने जीवन के अंतिम दिन तक यंही रह गये.रामदेव यादव अधिवक्ता उच्च न्यायालय पटना शहर जिला परिषद की मौत से शोक की लहर ! रामदेव यादव जी का स्वर्गवास मोकामा बीती रात हो गया मोकामा प्रखंड के बरह्पूर निवासी रामदेव यादव सामाजिक कार्यकर्ता से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले क्षेत्र के शोषित और वंचित लोगों के एक मजबूत आवाज थे.सामाजिक कार्य करने का भावना उन्हें पटना उच्च न्यायालय के से वकालत को छोड़ अपने क्षेत्र के लोगों के लिए राजनीति में सक्रिय हो गए थे रामदेव यादव जी किसान मोर्चा का गठन कर क्षेत्र के किसानों का आवाज बने बरह्पूर राम जानकी ठाकुरबारी के समिति गठन कर उसके रखरखाव के लिए जुल्म के विरोध में आवाज़ उठाएं जिसके सफलता के कारण आज राम जानकी ठाकुरबाड़ी विधिवत रूप से संचालित हो रही है उनका अचानक जाना समाज में उनकी कमी की पूर्ति नहीं की जा सकती है श्री रामदेव यादव वर्तमान समय में पश्चिमी जिला पार्षद पद पर जीत हासिल कर जनता के बीच समाज सेवा को सक्रिय थे

उनके जाने से पूरे मोकामा क्षेत्र के रजनीति में एक बड़ा -खालीपन आ गया हे । वो हर उम्र के लोगों के बीच काफी प्रचलित थे । उनमें सेवा की वो भावना ही था । जो वो पटना हाई कोर्ट के वोकीलगीरी छोड़ अपने निवास क्षेत्र “बरह्पूर “(मोकामा )रहने को चुना ।आज उनके ना रहने से खाश कर युवा वर्गों में काफी गमगीन का महौल हे । वो युवा के हर जरूरत के लिय सबसे पहले और हमेशा सबसे आगे खड़ा रहते थे । वो युवा के लिए बाद में जिला -पर्षद पहले उनके प्रेरणा स्रोत थे ।