पीटकर किया अधमरा

घोसवरी  मछुआरे को पीटकर किया अधमरा, थाने पर पथराव

घोसवरी थाने के पैजुना में दबंगों ने मछुआरे शंकर साहनी को पीटकर अधमरा कर दिया. घटना के विरोध में शनिवार को मछुआरों ने जुट कर थाने पर पथराव किया. वहीं, तकरीबन चार घंटे तक थाने के सामने एनएच 82 पर डटे रहे. मछुआरों को उग्र देखकर वाहन सवारों के बीच अफरा-तफरी मच गयी. बताया जा रहा है कि बाढ़ के पानी में मछली मारने के दौरान भूल्ली यादव व उसके समर्थकों ने शंकर को बेरहमी से पीटा.

घोसवरी के  मछुआरे शंकर साहनी को पीटकर अधमरा कर दिया
घोसवरी के मछुआरे शंकर साहनी को पीटकर अधमरा कर दिया
इसका विरोध करने पर उसके परिवार की महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया. पीड़ित परिवार ने घटना की शिकायत थाने में जाकर की. पीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद शंकर को पटना रेफर कर दिया गया. घटना की जानकारी मिलते ही  निषाद समाज की सैकड़ों महिलाएं व युवकों ने थाने को घेर लिया.
उन्होंने झंडा लहराकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के समझाने के बाद भी विरोध- प्रदर्शन कर रहे लाेग उग्र होकर पत्थरबाजी करने लगे. पुलिसकर्मियों ने छिप कर अपनी जान बचायी. बाद में हथिदह, मोकामा व आसपास केथानों की पुलिस ने मिल कर मामले को शांत  कराने का प्रयास शुरू किया, लेकिन उग्र लोग आरोपित की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गये.
मछुआरों का नेतृत्व कर रहे शारदा देवी, अजय कुमार बिंद आदि ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दबंगों के खिलाफ कार्रवाई में कोताही बरती. इधर, दबंगों की भय से मछुआरे अपने घरों में दुबके हैं. इससे उनकी जीविका पर आफत आ गयी है. मछुआरों के हंगामे से एनएच पर घंटों वाहनों की कतार लगी रही. बाद में स्थानीय प्रशासन ने किसी तरह समझा- बुझा कर मामले को शांत कराया. पुलिस ने आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया. तब जाकर आक्रोशित लोग वापस लौटे.

बदमाशों की जा रही पहचान

इस संबंध में थानेदार विभूति भूषण कुमार ने बताया कि भीड़ को गुमराह कर थाने का घेराव कराया गया. वहीं, भीड़ में घुसे असामाजिक तत्वों ने थाने पर पत्थर फेंके. पत्थरबाजी व हंगामे मामले में एफआईआर दर्ज की गयी है. वहीं असमाजिक तत्वों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जायेगा.(सौजन्य:-प्रभात खबर)

गंगा आदोलन में शामिल हुए आनंद मुरारी

 

गंगा आदोलन में आनन्द मुरारी ने राखी गंगा बचाने की बात .

गंगा आदोलन में आनन्द मुरारी ने राखी गंगा बचाने की बात.जीवनदायनी गंगा आज शासन-प्रशासन और लोगों की उपेक्षा से मरणासन्न स्थिति में पहुंच गई है। आनन्द मुरारी,प्रणव शेखर शाही शामिल हुए गंगा अभियान के सम्मेलन में.ऐसे में गंगा प्रेमियों ने इसे फिर से निर्मल और नदी में न्यूनतम पानी की उपलब्धता की मांग को लेकर देशभर में गंगा आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है। यह आंदोलन इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानद हरिद्वार में पिछले 87 दिनों से गंगा को लेकर अनशन पर बैठे हैं। ऐसे में यहां गांधी शांति प्रतिष्ठान में रविवार से आयोजित तीन दिवसीय गंगा सम्मेलन में जुटे गंगा प्रेमियों ने उनकी तपस्या को शांतिपूर्ण जन आंदोलन में बदलने का फैसला लिया है।

सम्मेलन में गंगा के साथ तमाम नदियों की दशा पर भी चिंता जताई गई। इसमें 11 राज्यों से 100 से अधिक गंगा प्रेमी हिस्सा ले रहे हैं। समापन वाले दिन केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

नदियों में उतरा सिल्ट नीचे बिहार तक गंगा में जमा हो रहा है आनन्द मुरारी
नदियों में उतरा सिल्ट नीचे बिहार तक गंगा में जमा हो रहा है

[caption id="attachment_18353" align="alignleft" width="300"]नदियों में उतरा सिल्ट नीचे बिहार तक गंगा में जमा हो रहा है आनन्द मुरारी नदियों में उतरा सिल्ट नीचे बिहार तक गंगा में जमा हो रहा है आनन्द मुरारी

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पहले दिन दो सत्रों में एक स्वर में गंगा प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व पर्यावरण प्रेमियों ने सानद स्वामी की सेहत पर चिंता जताते हुए उनके 10 अक्टूबर से जल भी त्याग देने की चेतावनी को केंद्र सरकार से गंभीरता से लेने को कहा।

जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज विकास के नाम पर नदियों का गला घोटने का काम जारी है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिस प्रकार मनुष्य को जीवन जीने का अधिकार मिला हुआ है। उसी तरह से नदियों को भी यह अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि नदियों के अधिकार को लेकर हाईकोर्ट ने एक आदेश भी दिया था, जिसपर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से रोक लगवा दी है।

गंगा आंदोलन

के केंद्र उत्तराखंड के कनखल में स्थित मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने जीडी अग्रवाल से केंद्र की बातचीत के संबंध में बताया कि वह गंगा पर निर्माणाधीन व प्रस्तावित परियोजनाओं को खत्म करने, गंगा से खनन बंद करने और इसमें गिरते सीवर और घाटों के निर्माण में गंगा के लिए आवंटित धन का इस्तेमाल न करने जैसी कई मांगें हैं। उन्होंने गंगा को लेकर बनी समिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री अपना-अपना स्वार्थ देख रहे हैं। एकता परिषद के संस्थापक पीवी राजगोपाल ने कहा पूरी दुनिया में विकास के नाम पर पानी का दोहन और शोषण किया जा रहा है, दुनिया पानी के बिना उजड़ रही है नदियों का अस्तित्व संकट में है। गाधी शाति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कुमार प्रंशात ने कहा कि गंगा सबको संभालती है, लेकिन गंगा की तरफ किसी की भी नजर नहीं है। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता व वैज्ञानिक धुन्नू राय ने कहा कि पैसा कमाने की ही होड़ है, जिसमें बिजली उत्पादन, पर्यटन और सिंचाई के नाम पर गंगा का दोहन हो रहा है। कानपुर के सीबी शर्मा ने बताया कि कानपुर से टेनरियों को उन्नाव स्थानांतरित किया गया है, लेकिन वहां से भी टेनरियों का गंदा जल गंगा में मिल रहा है।

मोकामा बिहार के आनन्द मुरारी ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में विकास के नाम पर कटाव से नदियों में उतरा सिल्ट नीचे बिहार तक गंगा में जमा हो रहा है।

जल जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संजय सिंह ने कहा कि गंगा एक नदी नहीं एक संस्कृति है इसके संरक्षण के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।(सौजन्य:-दैनिक जागरण)

ज्ञान प्रभा शिक्षण संस्थान में हिन्दी दिवस मनाया गया

आज 14 सितंबर को ज्ञान प्रभा शिक्षण संस्थान में हिन्दी दिवस मनाया गया।

इस अवसर पर एक दिन पूर्व हिन्दी प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें सफल विद्यार्थियों को इस दिवस पर पुरस्कृत किया गया।इस मौके पर विद्यार्थियों ने काव्य पाठ किया । शिक्षण संस्थान के निदेशक पारस कुमार ने हिन्दी के महत्व और व्यापक उपयोग पर चर्चा की। प्राचार्य विद्यासागर ने हिन्दी के सुसज्जित लेखन कला पर प्रकाश डाला और कहा कि सुंदर लिखावट और बोलचाल हिन्दी के प्रति प्रेम को दर्शाता है।इस मौके पर कविता कुमारी, बबली कुमारी,सिमरन कुमारी,काजल गुप्ता,राजीव कुमार, आशीष कुमार, शाक्षी कुमारी,अंकित कुमार,देवेश कुमार इत्यादि बच्चों को पुरस्कृत किया गया। मंच का संचालन संतोष कुमार ने किया।
हर साल हिन्दी दिवस 14 सिंतबर को मनाया जाता है. 1918 में महात्मा गांधी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था. 1949 में जाकर संविधान सभा ने निर्णय लिया कि हिन्दी ही भारत की राजभाषा होगी. जिसके बाद हर जगह हिन्दी भाषा को फैलाने के बाद 1953 से 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है. हिन्दी दिवस का उद्देश्य विश्व में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए वातावरण निर्मित करना, हिन्दी के प्रति अनुराग पैदा करना, हिन्दी की दशा के लिए जागरूकता पैदा करना तथा हिन्दी को विश्व भाषा के रूप में प्रस्तुत करना है.युवाओं के बीच अंग्रेजी भाषा के प्रति बढ़ते लगाव और हिंदी भाषा की अनदेखी करने की वजह से हिंदी प्रेमी बेहद निराश हैं. यही वजह है कि हर साल देशभर के लोगों को अपनी राष्ट्रभाषा के प्रति जागरूक करने के लिए हिंदी दिवस मनाया जाता है.हमारी एकता और अखंडता ही हमारे देश की पहचान है हिंदुस्तान हैं हम और हिंदी हमारी जुबान है.जब भी होता ये दिल भावुक और ये जुबान लड़खड़ती है ऐसे समय में बस अपनी मातृ भाषा ही काम आती है. भारत के हर घर को आपस में जो साथ मिलाए संपर्क सूत्र का काम करे जो वो भाषा हिंदी कहलाए.
ज्ञान प्रभा शिक्षण संस्थान में हिन्दी दिवस मनाया गया

अभिषेक को चलती ट्रेन से फेंक दिया

मोकामा में एक युवक अभिषेक को कुछ बदमाशों ने चलती ट्रेन से फेंक दिया.मोकामा का बदनाम करने में बाहरी तत्वों का हाथ मोकामा के लोगो से जयादा है.

आजकल एक नया फेशन चल निकला है कंही का भी आदमी गुंडा गर्दी करता है और मोकामा के नामा का धौंस जमता है.हर कोई अपने आपको फलाना सिंह का भाई गोतिया बना कर लड़ाई करता है और मोकामा को बदनाम करता है.पिछले कई सालों से जब कोई अपराधी पकराता है तो मोकामा घर बता कर लोगो को गुमराह करता है पर जब हकीकत सामने आती है तो वो कंही से भी मोकामा का नही होता.दूर दूर से लोग आस पास आकर अपराधिक घटनाओ को अंजाम दे रहे हैं.ताज़ा घटना भी कुछ यही व्यान करता लग रहा है.

मोकामा ऑनलाइन ट्रेन
चलती ट्रेन से युवक को निचे फेंका

मोकामा के हथिदह में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आ रही है .सीट के विवाद में युवक अभिषेक कुमार (30) को ट्रेन से फेंक दिया गया. इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. मोकामा और हथिदह लिंक स्टेशन के बीच बुधवार की सुबह में यह घटना घटी. बताया जा रहा है कि घायल युवक मनेर के पतीला गांव निवासी शीतल यादव का पुत्र है. वह सहरसा जाने के लिए राजेंद्र नगर टर्मिनल-सहरसा इंटरसिटी में सवार हुआ था. बख्तियारपुर स्टेशन पर पांच युवक ट्रेन में सवार हुए. सीट पर बैठने को लेकर यात्रियों के बीच विवाद शुरू हो गया.
इस बीच अभिषेक का पांचों युवकों से विवाद गहरा गया. दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गयी. इसके बाद युवकों ने अभिषेक को ट्रेन से बाहर फेंक दिया. बदमाशों की इस करतूत से ट्रेन में सवार अन्य यात्री सहम गये. घटना के बाद राजेंद्र सेतु के पास ट्रेन की रफ्तार धीमी होने पर घटना के जिम्मेदार युवक फरार हो गये. बाद में यात्रियों ने घटना की सूचना कंट्रोल को दी. सूचना मिलते ही हथिदह जीआरपी ने अविलंब घायल युवक को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया.
यहां से गंभीर अवस्था में युवक को पटना रेफर कर दिया गया. इस संबंध में हथिदह जीआरपी थानेदार ने बताया कि घायल युवक स्पष्ट रूप से बोलने की स्थिति में नहीं है. उसकी जेब में मिले मोबाइल नंबर से उसके परिजनों को सूचना दी गयी. परिजन उसका इलाज पटना के निजी अस्पताल में करवा रहे हैं. घायल युवक की हालत गंभीर बनी हुई है.(सौजन्य:-प्रभात खबर)

मोकामा के सबसे सुरक्षित स्थान से चोरी

मोकामा में सबसे सुरक्षित स्थान पर चोरी.मोकामा का सबसे सुरक्षित माना जाना वाला इलाका सी.आर.पी.ऍफ़ और उसमे भी बेंक.

अब उसके केमरे और डीवीआर चोरी होना मानो नीम उपर करेला चढ़ा होना.जी हाँ बेंक अधिकारीयों द्वारा मोकामा थाना को यही व्यान दिया गया है. शाखा प्रबंधक ने मोकामा थाने को घटना की जानकारी दी है.
भारतीय स्टेट बैंक की शाखा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के मोकामा घाट ग्रुप केंद्र परिसर में ही है. वर्षों से वहीं बैंक संचालित हो रहा है। मैनेजर ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि बैंक खोलने के बाद जब वे लोग अंदर गए तो 5 सीसीटीवी कैमरे व डीवीआर गायब पाए गए.माना जा रहा है चोर भी आसपास के ही होने नही तो इतनी आसानी से कोई वंहा जा ही नहीं सकता .चोरो को वंहा की पूरी जानाकरी होगी.

मोकामा ऑनलाइन
मोकामा सीआरपीएफ कैंप की एसबीआई की शाखा से कैमरे व डीवीआर चोरी

आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने नकद चुराने का भी प्रयास किया लेकिन उनको सफलता नहीं मिल सकी. सीआरपीएफ डीआईजी का आवास बैंक शाखा के पास में ही है. बैंक के आसपास बाउंड्री है और वहां घने पेड़ भी लगे हैं. मोकामा थाना ने मामला दर्ज कर लिया है. हालांकि अति सुरक्षा घेरे वाले परिसर में भी चोरी की इस हरकत के सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.अंदर के किसी कर्मचारी का भी हाँथ हो सकता है. क्योंकि इतनी सुरक्षित जगह पर बाहरी किसी आदमी का पहुच पाना भी मुश्किल है. चोर तो नकदी चुराने ही आया होगा पर उसे सफलता नहीं मिली होगी.तो उसने केमरे और डीवीआर पर हाथ साफ कर दिया.
हाथीदह थाना ने घटना को संदिग्ध बताया है. पुलिस सूत्रों की मानें तो अति सुरक्षा घेरे वाले बैंक परिसर में इस तरह चोरी की घटना को अंजाम देना आसान नहीं है. पुलिस ने मामले की प्राथमिकी दर्ज कर ली है लेकिन माना जा रहा है कि इसमें कोई साजिश भी हो सकती है. (सौजन्य:-दैनिक भास्कर) फेसबुक पेज मोकामा ऑनलाइन

मोकामा कन्हायपुर में अमरजीत कुमार की मौत से गमनिन हुआ माहौल

मोकामा के कन्हायपुर में अमरजीत कुमार के पोखर में डूब कर मौत हो गई. पटना किउल रेलवे ट्रेक के किनारे बहुत सारे पोखर हैं ,जिसे ज्यादातर मवेशी को नहाने के लिए इस्तेमाल होता है.

मगर यंही एक पोखर में अमरजीत कुमार के फिसल कर गिरने फिर डूबकर मृत्यु से पूरा गावं गमनिन है.यंहा के पोखर में ज्यादा पानी नही होता है.पर अभी बरसात के कारन बहुत ज्यादा पानी होने से वो बाहर नही निकल पाया और और डूबकर उसकी मृत्यु हो गई .मृतक वृज नन्दन पासवान का पुत्र था.मृतक की उम्र मात्र 19 साल थी.थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर राजेश रंजन ने हादसे की पुष्टि की है.

मोकामा ऑनलाइन
मोकामा में मौत पर माहौल गमनिन ,

पटना जिला कन्हायपुर का ये इलाका जायदातर खेती के लिए ही जाना जाता है.तरह तरह की सब्जी की खेती , टाल में मसूर और चना की खेती से ही यंहा के किसान अपना जीवन यापन करते है.गंगा नदी के किनारे बसा ये गावं खेती और मवेशी के लिए छोटे छोटे पोखर पर ही निर्भर है.और ये हादसा हो गया है तो सारे किसान दुखी है.मोकामा जैसे प्रखंड में एक प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था नहीं है.येसे सेकड़ों हादसे अक्सर होते रहते हैं,मगर जनप्रतिनिधि और प्रशासन को इसकी तनिक भी चिंता नहीं है.मोकामा जो आज से महज 10 साल पहले तक बिहार के सबसे अच्छे स्वास्थ सुविधाओं से परिपूर्ण वाला जगह था.मोकामा का नाजरथ अस्पताल ३०० से करीब बेड और २० से जायदा टॉप क्लास के डॉक्टर से लेस था. बड़ी से बड़ी आपदा पर लोग मोकामा आते थे और सस्वस्थ होकर अपने घर वापस जाते थे.उतम प्रसूति के लिए ये पुरे बिहार का सबसे सुरक्षित अस्पताल में से एक था मोकामा का नाजरथ अस्पताल .आज मोकामा का ये गौरव बोझ और भार भर है.इसी तरह मोकामा का रेफरल अस्पताल भी अनेकों उपकरणों और अच्छे डॉक्टर से भरा पड़ा था.गरीब गुरबो को दवाई भी मिल जाती थी .फिर नजर लग गई विकास पुरुस की और सारे उपकरण यंहा से दूर भेज दिए गये,डॉक्टर का ताबल्दा करवा दिया गया.आज मोकामा के इस अस्पताल को खुद ही इलाज की जरूरत है.मोकामा के किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान मोकामा के स्वास्थ व्यवस्था पर शायद इसलिए नही जाता क्योंकि उनके घर में अभी तक किसी को इसकी जरूरत नहीं पड़ी. जब कभी थोरी जरूरत हो तो उनके लिए पटना और दिल्ली दूर नहीं.फिलहाल अमरजीत कुमार के मौत पर गम मनाइये और भारत बंद और चुनाव चुनाव खेलिए .

मोकामा के मोगेम्बो है रडार पर ,AK-47 के खरीदार पर नजर

मोकामा के मोगेम्बो है रडार पर , AK-47 के खरीदार पर नजर .सेंट्रल आर्डिनेंस डिपो जबलपुर से गायब किए गए AK-47 की खेप लोक मान्य तिलक एक्सप्रेस से भागलपुर उतारने वाले दो वेंडरों के एटीएस की जाल में फंस जाने की चर्चा है।कहा जा रहा है कि दोनों को एटीएस की टीम उठा कर अज्ञात स्थान पर पूछताछ कर रही है। दोनों के तार AK-47 आपूर्ति करने वाले गिरोह से हैं। सीओडी जबलपुर से गायब किए गए AK-47 की आपूर्ति करने वाले तस्कर इन्हीं दो वेंडरों के सहारे भागलपुर तक माल पहले भागलपुर लाते थे फिर यहां से सड़क मार्ग से मुंगेर ले जाया जाता था। भागलपुर से एंबुलेंस के जरिए तस्कर आसानी से हथियार अपने ठिकाने तक लेकर चले जाते थे। कहा जा रहा है कि दोनों वेंडर के जरिए 70 AK-47 मुंगेर मंगाई जा चुकी है। जहां से नक्सलियों को आपूर्ति की गई है। AK-47 की आपूर्ति को लेकर दोनों वेंडरों से की गई पूछताछ में जो चौंकाने वाली जानकारियां मिली है, उस आधार पर एटीएस और स्थानीय पुलिस उस नेटवर्क को खंगालने में लगी है जिसके जरिए नक्सलियों तक हथियार पहुंचे हैं। अत्याधुनिक हथियारों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एटीएस सक्रिय हो गई है।

AK-47
सेंट्रल आर्डिनेंस डिपो जबलपुर से गायब किए गए एके-47 की खेप लोक मान्य तिलक एक्सप्रेस से भागलपुर उतारने वाले दो वेंडरों के एटीएस की जाल में फंस जाने की चर्चा है।

पूर्णिया, भागलपुर, नवगछिया, खगड़िया, सहरसा, मुंगेर, लखीसराय, मोकामा, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, सिवान आदि जिलों के अलावा राजधानी के अंडरव‌र्ल्ड को आपरेट करने वाले सफेदपोशों पर एटीएस नजर रख रही है। बड़े पैमाने पर अत्याधुनिक AK-47 की खेप बिहार के कई जिलों में आपूर्ति कराए जाने का खुलासा होने पर एटीएस ऐसे सफेदपोश पर नजर रखने लगी है। पुलिस मुख्यालय इस बात को लेकर गंभीर है कि अब यदि आपराधिक गिरोहों के बीच का गैंगवार सामने आता है तो उसकी तस्वीर इन अत्याधुनिक हथियारों की मौजूदगी से काफी भयावह हो सकती है। कहा जा रहा है कि तस्करी कर लाए गए AK-47 की बरामदगी के लिए चलाया जाने वाला अभियान सौ प्रतिशत बरामदगी तक चलेगा।
विभागीय सूत्रों की माने तो अत्याधुनिक AK-47 की मौजूदगी सूबे के कई जिलों में पूर्व से हैं। जब पुरुलिया में ऐसे अत्याधुनिक हथियार वर्षो पूर्व हवाई मार्ग से गिराए गए थे। जिनमें मोतिहारी, बेतिया, गोपालगंज, चंपारण, सिवान, मोकामा, बड़हिया, किशनगंज, फारिबसगंज, जोगबनी आदि जिले शामिल हैं। इन इलाकों में कभी सतीश पांडेय, देवेंद्र दुबे, शहाबउद्दीन, बृज बिहारी, सूरज दा, छोटे सरकार, राजन तिवारी, नागा सिंह, नाटा सिंह, ललन सिंह, भुटकुन शुक्ला, छोटन शुक्ला, मुन्ना शुक्ला, दीपक सिंह, मुकेश-विकास, अमरेश सिंह, जाकिर, पप्पू, रणवीर, भरत, जैसे बाहुबलियों का दौर था। ऐसे घातक हथियारों की आपूर्ति हाल के महीनों में पूर्णिया, नवगछिया, खगड़िया, सहरसा, बेगूसराय, भागलपुर, कहलगांव, बांका में भी हुई है। जिससे अपराध बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कहा जा रहा है कि एटीएस इसका खुलासा स्थानीय पुलिस के सहयोग से शीघ्र कर सकती है।(सौजन्य:-दैनिक जागरण)

भारत बंद में भी मोकामा वालों ने एम्बुलेंस को दिया रास्ता

यूँ तो मोकामा का नाम जायदातर मोकामा टाल ,किसान,मसूर,चना ,और यंहा के युवाओं के देश भर में अनेको योगदान के लिए जाना जाता है.मोकामा के नये नये उभरते लेखक और कवी ने मगध की इस माट्टी का नाम रौशन किया है.सिनीवाली शर्मा,विनायक शर्मा,रविश, जैसे कलमकारों को आज पूरा भारत जनता है.मगर आज जो हुआ वह मानवता के लिए यादगार पल है.देश भर में पेट्रोल की बढ़ी कीमतों को लेकर भारत बंद में एक तरफ जहां जगह-जगह से प्रदर्शन और तोड़फोड़ की खबर सामने आ रही है. वहीं बिहार के पटना जिला मोकामा से एक अच्छी खबर सामने आई है. मानवता की मिसाल देते हुए लोगों ने एक एम्बुलेंस को जाने का रास्ता दिया . दरअसल यहां बंद के दौरान जाम में फंसी एक एम्बुलेंस को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जाम हटवाकर जाने दिया. इससे मरीज को सही समय पर इलाज मिल सका.

दरअसल पूर्व मंत्री श्याम सुंदर सिंह धीरज मोकामा के मरांची गांव में विरोध प्रदर्शन पर बैठे हुए थे. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धीरज के नेतृत्व में सड़कों पर जाम लगा रखा था. इसी दौरान एक एम्बुलेंस गाड़ी वहां पर आ गई, तभी सड़क जाम में फंसे वाहनों को साइड करवा कर मंत्री ने खुद एम्बुलेंस को निकलवाया. जाम भी कुछ देर के लिए हटा दिया गया.

गाड़ी को निकाल देने के बाद वापस कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर बैठ गए. जाम के बीच एम्बुलेंस को रास्ता देने के निर्णय को स्थानीय लोगों ने भी काफी सराहना की. वहीं गाड़ी में मौजूद मरीज को भी सही समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई.(सौजन्य:-न्यूज़ 18 )मोकामा ऑनलाइन भारत बंद में एम्बुलेंस को रास्ता दिया.मोकामा में मानवता की नयी मिसाल [/caption]

मोकामा में गंगा पर सिक्स लेन पुल का रास्ता साफ

सड़क परियोजनाओं के लिए 90 फीसद जमीन उपलब्धता की अनिवार्यता हटते ही पटना जिले के मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर सिक्स लेन पुल के निर्माण की बाधाएं दूर हो गई हैं। यह पुल अगले तीन वर्षो में बनकर तैयार हो जाएगा। इसका शिलान्यास पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोकामा आ कर किया था .उनके साथ सूबे के मुख्यमंत्री नितीश कुमार,सांसद वीणा देवी भी शामिल हुई थी.नितिन गडकरी ने रिमोट से इसका शिलान्यास किया था.पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने बताया कि 1161 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल का निर्माण कार्य कभी भी शुरू हो सकता है।

मोकामा गंगा नदी
Six lane bridge over ganga river in mokama

इस पुल के बन जाने के बाद उत्तर एवं दक्षिण बिहार को एक सूत्र में जोड़ने में सहूलियत होगी। मोकामा औंटा घाट से सिमरिया के बीच वर्तमान राजेंद्र सेतु से 480 मीटर पूर्व की ओर पुल का निर्माण होना है। इसमें 8.15 किमी का पहुंच पथ भी शामिल है। इस पुल के बन जाने से पटना से पूर्णिया के बीच आने-जाने में लगने वाले समय में काफी कमी आ जाएगी।मोकामा एक सडक जंक्शन की तह हो जायेगा जन्हा से बिहार के हर हिस्से से समपर्क बना रह सकता है . पुल निर्माण की जिम्मेदारी वेल स्पन नामक एजेंसी को दी गई है। एनएच-31 और 80 के जंक्शन से शुरू होकर यह पुल सिमरिया घाट के पास पार करेगा और सिमरिया- खगड़िया चार लेन पथ में बरौनी थर्मल पावर प्लांट के पहले मिल जाएगा।वर्तमान में मोकामा का राजेन्द्र सेतु अत्यधिक लोड के वजह से जर्जर होता जा रहा है .50 साल से राजेन्द्र सेतु मोकामा की शान बना हुआ है,पर प्रशासन की लापरवाही से ये जानलेवा बन गया है.अभी कुछ दिन पहले ही मोकामा पुल से गिरकर माँ बेटी की मौत हो गई थी,जबकि सडक दुर्घटना का कोई हिसाब किताब नहीं है.(सौजन्य:-दैनिक जागरण)

हथियार समेत दो तस्कर गिरफ्तार

मोकामा में बाइक सवार दो तस्कर गिरफ्तार .

मोकामा के घोसवरी थाना ने एक संदिग्ध बाईक सवार को गश्ती के क्रम में देखा जो पुलिस को देखते ही गाड़ी घुमाकर भागने लगा. हालांकि पुलिस ने खदेड़कर उसे दबोच लिया और फिर जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके कमर से एक एक लोडेड देशी कट्टा बरामद हुआ. बिहार में लगातार बढ़ रहे अपराध और विपक्ष के हमले से बौखलाएसत्ता पक्ष ने अपराध पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली है. मुख्यमंत्री के तेवर तल्ख हैं और वो अपराध के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस के चरित्र को किसी सूरत में खराब होने देना नही चाहते. वो भी तब जब चुनाव सर पर हो. यही कारण है कि पुलिस को शायद फ्री हेंड दे दिया गया है जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं. और आई जी,डी आई जी तक ए सी चेम्बर से निकल कर सड़कों पर गश्त कर रहे हैं. इसी क्रम में बीती शाम मोकामा के घोसवरी थाना ने एक संदिग्ध बाईक सवार को गश्ती के क्रम में देखा जो पुलिस को देखते ही गाड़ी घुमाकर भागने लगा, हालांकि पुलिस ने खदेड़कर उसे दबोच लिया और फिर जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके कमर से एक एक लोडेड देशी कट्टा बरामद हुआ. पुलिस को शक है कि दोनो हथियार तस्कर हैं. अतः दोनों के आपराधिक इतिहास खंगालने के साथ ही पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि इनके सरगना तक पहुंचा जा सके.मोकामा में आजकल बाहरी अपरधियों की संख्या दिनोदिन बढती जा रही है.बाहर से आये अपराधी घटना को अंजाम देकर यंहा से निकल जाते हैं.अगर गिरफ्त न हुए तो पता तक नही चलता की अपराधी कन्हा का था.पुलिस और आम जनता भी इस तरह के अपराधियों से त्रस्त हो चुकी है.इसलिए इन्हें गिरफ्तार करने के लिए जोर शोर से अभियान चलाया जा रहा है.उन्मीद है आगले कुछ महीने में ये मामला भी सुलझ जाना चाहिए (सौजन्य:-सिटी पोस्ट)