आईपीएस अधिकारी आनंद शंकर मन से पटना में टेम्‍पो-बस से चलते हैं

आईपीएस अधिकारी आनंद शंकर मन से पटना में टेम्‍पो-बस से चलते हैं

हम-आप पटना के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को खूब गरियाते हैं । कुछ वजहें भी हैं । टेम्‍पो-बस से राजधानी में चलना नहीं चाहते । लेकिन आप जानकर दंग होंगे कि फरवरी,2010 तक बिहार के पुलिस प्रमुख (डीजीपी) रहे 1973 बैच के

स्व विपिन सिंह

स्व विपिन सिंह

परशुराम जयंती का भव्य और सुन्दर मेला बाबा परशुराम के प्राचीन मंदिर प्रांगन में लगा हुआ था. मई सन 1993 का महिना था, गर्मी का मौषम था. सूर्य अपने पुरे जोशो खरोश के साथ गर्मी वरसा रहा था. मगर शाम

धारित्री!

धारित्री!

मोकामा प्रणाम !, मोकमा के धारित्री से अवगत करवाने के लिए हमलोग मिलजुल कर प्रयास कर रहे है जिसका परिणाम जल्द ही मोकामा ऑनलाइन पर उपलब्ध होगा . आप तमाम लोगो से हमारा विनम्र आग्रह है की अपने आस पास

अखिल भारतीय पंचायत परिषद् के अध्यक्ष श्री वाल्मिकी जी!

अखिल भारतीय पंचायत परिषद् के अध्यक्ष श्री वाल्मिकी जी!

अखिल भारतीय पंचायत परिषद् के अध्यक्ष श्री वाल्मिकी जी है जो मोकामा के औंटा गाँव से है. पूर्व में श्री वाल्मिकी जी इस गावं से मुखिया भी रह चुके है. आज अखिल भारतीय पंचायत परिषद के सर्व्वोच पद पर आसीन

बाबू युगल किशोर सिंह उपनाम (डायरेक्टर साहब)!

बाबू युगल किशोर सिंह उपनाम (डायरेक्टर साहब)!

बाबू युगल किशोर सिंह उपनाम (डायरेक्टर साहब) जन्म- १९००    —             निधन – १९६७ कर्मक्षेत्र-एवं-जन्मस्थली – मोकामा (पटना) बीसवीं सदी के पूर्वार्ध से सन् 60 के दशक तक संपूर्ण मोकामा क्षेत्र के साहित्यिक सांस्कृतिक जागरण के ध्वजवाहक, बहुविध कलाओं यथा चित्रकला,

प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता थे विश्वनाथ बाबू!

प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता थे विश्वनाथ बाबू!

मोकामा (एसएनबी)। स्वतन्त्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता विश्वनाथ शर्मा का मंगलवार को निधन हो गया। विश्वनाथ शर्मा स्वतन्त्रता सेनानी भी थे और आजादी के बाद शिक्षक के तौर पर कार्यरत थे। नब्बे साल से अधिक उम्र होने पर भी विश्वनाथ

पुण्य स्मरण सह श्रद्धासमर्पण समारोह संपन्न

पुण्य स्मरण सह श्रद्धासमर्पण समारोह संपन्न

मोकामा। स्व. युगल किशोर सिंह उर्फ डायरेक्टर साहब का श्रद्धांजलि समारोह 19 जनवरी को श्री सिंह के ज्येष्ठ पौत्र अजय कुमार के निवास परिसर ‘सुधा सदन’, तपोवन पथ में आयोजित किया गया। डायरेक्टर साहब बीसवीं सदी के मध्यकाल में साहित्यिक

अर्जुन सिंह: एक जीवित किंवदंती/Arjun Singh: A Living Legend

अर्जुन सिंह: एक जीवित किंवदंती/Arjun Singh: A Living Legend

मोकामा के शेरपुर गांव में आपका जन्म हुआ।  जीवन के नौ दशक देख चुके श्री अर्जुन सिंह ने बिहार सरकार में जूनियर इंजीनियर के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की थी  और वर्ष 1983 में इंजीनियर इन चीफ के रूप में सर्वोच्च

एक था कीसा!

एक था कीसा!

एक था कीसा;- कीसा मतलब कृष्ण सा ..थोरा नटखट थोरा शर्मीला,वैसे तो उसका पूरा नाम कृष्णकांत शर्मा था पर उसके कर्मों के कारन लोग उसे किसान सिंह तो कोई एम्बुलेंस बुलाता था मगर वो कीसा के नाम से ही जाना

स्व: श्री राम नन्दन सिंह(धरित्री )

स्व: श्री राम नन्दन  सिंह ,एक इंसान जो जबतक जिया उसकी समाज को बेहतर बनाने की ललक हमेशा  जवान रही.साधारण कद काठी मगर आकर्षक वक्तितव आपकी  खासियत थी .जिधर से आप  गुजर जाते थे. परनाम सर परनाम सर कहने वालो