ज्ञान प्रभा शिक्षण संस्थान में हिन्दी दिवस मनाया गया

आज 14 सितंबर को ज्ञान प्रभा शिक्षण संस्थान में हिन्दी दिवस मनाया गया।

इस अवसर पर एक दिन पूर्व हिन्दी प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें सफल विद्यार्थियों को इस दिवस पर पुरस्कृत किया गया।इस मौके पर विद्यार्थियों ने काव्य पाठ किया । शिक्षण संस्थान के निदेशक पारस कुमार ने हिन्दी के महत्व और व्यापक उपयोग पर चर्चा की। प्राचार्य विद्यासागर ने हिन्दी के सुसज्जित लेखन कला पर प्रकाश डाला और कहा कि सुंदर लिखावट और बोलचाल हिन्दी के प्रति प्रेम को दर्शाता है।इस मौके पर कविता कुमारी, बबली कुमारी,सिमरन कुमारी,काजल गुप्ता,राजीव कुमार, आशीष कुमार, शाक्षी कुमारी,अंकित कुमार,देवेश कुमार इत्यादि बच्चों को पुरस्कृत किया गया। मंच का संचालन संतोष कुमार ने किया।
हर साल हिन्दी दिवस 14 सिंतबर को मनाया जाता है. 1918 में महात्मा गांधी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था. 1949 में जाकर संविधान सभा ने निर्णय लिया कि हिन्दी ही भारत की राजभाषा होगी. जिसके बाद हर जगह हिन्दी भाषा को फैलाने के बाद 1953 से 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है. हिन्दी दिवस का उद्देश्य विश्व में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए वातावरण निर्मित करना, हिन्दी के प्रति अनुराग पैदा करना, हिन्दी की दशा के लिए जागरूकता पैदा करना तथा हिन्दी को विश्व भाषा के रूप में प्रस्तुत करना है.युवाओं के बीच अंग्रेजी भाषा के प्रति बढ़ते लगाव और हिंदी भाषा की अनदेखी करने की वजह से हिंदी प्रेमी बेहद निराश हैं. यही वजह है कि हर साल देशभर के लोगों को अपनी राष्ट्रभाषा के प्रति जागरूक करने के लिए हिंदी दिवस मनाया जाता है.हमारी एकता और अखंडता ही हमारे देश की पहचान है हिंदुस्तान हैं हम और हिंदी हमारी जुबान है.जब भी होता ये दिल भावुक और ये जुबान लड़खड़ती है ऐसे समय में बस अपनी मातृ भाषा ही काम आती है. भारत के हर घर को आपस में जो साथ मिलाए संपर्क सूत्र का काम करे जो वो भाषा हिंदी कहलाए.
ज्ञान प्रभा शिक्षण संस्थान में हिन्दी दिवस मनाया गया

औंटा में 3 पीढ़ियों ने मिलकर पर्यावरण को सवारने का संकल्प लिया

सूबे के मुख्यमंत्री माननीय श्री नितीश कुमार के आवाहन पर बिहार के हर जिले में बड़े ही संकल्प के साथ ‘बिहार पृथ्वी दिवस’ मनाया जा रहा है . मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के हरित आवरण को बढ़ाने के लिए ‘करो या मरो’ की तर्ज पर ‘बिहार पृथ्वी दिवस’ मनाने की घोषणा की थी . मोकामा के आदर्श ग्राम औंटा में भी बहुत ही उत्साह से वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया गया.कार्यक्रम की खास बात रही की शीला उच्च विदयालय के वर्तमान और पूर्व शिक्षको और छात्रों ने मिलकर हिस्सा लिया.औंटा के शीला उच्च विद्यालय प्रांगण में सोमवार को पौधराेपण कार्यक्रम हुआ. विद्यालय के भूतपूर्व प्रधानाध्यापक मुरारी कुमार मिश्रा जी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण बहुत जरुरी है.इससे न केवल आज की पीढ़िया स्वस्थ रहेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका भरपूर फायदा मिलेगा.बीती सदी के दौरान पृथ्वी का औसत तापमान 0.28 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है. पृथ्वी के औसत तापमान में हो रही यह वृद्धि जलवायु और मौसम प्रणाली में व्यापक स्तर पर विनाशकारी बदलाव ला सकती है. जलवायु और मौसम में बदलाव के सबूत मिलने शुरू हो चुके हैं. भू-विज्ञानियों ने खुलासा किया है कि पृथ्वी में से लगातार 44 हजार बिलियन वाट ऊष्मा बाहर आ रही है.इसलिए हम सभी का कर्तव्य है की अपनी धरती को बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाये .

वर्तमान प्रधानाध्यापक अशोक कुमार जी कहा की औद्योगिकीकरण के बढऩे और वनों की अंधाधुंध कटाई के कारण पृथ्वी के तापमान में वृद्धि हो रही है.पिछले 50 वर्षों की वार्मिंग प्रवृत्ति लगभग दोगुना हो गई है पिछले 100 वर्षों के मुकाबले.समुद्र का तापमान 3000 मीटर की गहराई तक बढ़ चुका है.समुद्र जलवायु के बढ़े हुए तापमान की गर्मी का 80 प्रतिशत सोख लेते हैं.भूमध्य और दक्षिण अफ्रीका में सूखे की समस्या बढ़ती जा रही है.अंटार्टिका में बर्फ जमे हुए क्षेत्र में 7 प्रतिशत की कमी हुई है जबकि मौसमी कमी की रफ्तार 15 प्रतिशत तक हो चुकी है.उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्से, उत्तरी यूरोप और उत्तरी एशिया के कुछ हिस्सों में बारिश ज्यादा हो रही है.पश्चिमी हवाएं बहुत मजबूत हो रही हैं.सूखे की रफ्तार तेज होती जा रही है, भविष्य में यह ज्यादा लंबे वक्त तक और ज्यादा बड़े क्षेत्र में होंगे. पर्यावरण के प्रदूषण के कारण कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं जिसकी वजह से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं पर्यावरण की विनाश की बढ़ती समस्या से बचने के लिए पेड़ अहम भूमिका निभाते है इसलिए सभी लोगो को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाकर धरती को हरा भरा बनाना चाहिए.विदयालय के पूर्व छात्र सत्यम कुमार मनीष ने कार्यक्रम में अपनी हिस्सेदारी के बाद कहा की पेड़ न सिर्फ हरयाली और सुन्दरता बढ़ाते है बल्कि धरती के वर्षा चक्र को संतुलित भी करते है जिससे वजह से बरसात अपने समय से और सही मात्रा में होती है.जिसके कारन मानव जीवन सहज बना रह सकता है .पेड़ हमें प्रदूषण से भी बचाते है इसलिए हमलोगों को वृक्षारोपण में अवश्य भाग लेना चाहिये .

इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में विद्यालय के भूतपूर्व प्रधानाध्यापक मुरारी कुमार मिश्रा सहित वर्तमान प्रधानाध्यापक अशोक कुमार एवं शिक्षक-रामानुज प्रसाद,पंकज कुमार,सुभाष सर,धीरज सर सहित कई शिक्षक शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया. इन सभी के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम को सफल बनाया गया .विद्यालय के भूतपूर्व छात्रों के साथ साथ वर्तमान में अध्यनरत विद्यार्थियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही .इस कार्यक्रम के माध्यम से वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने एवं पर्यावरण को संरक्षित करने का संदेश दिया गया .स्कूल शिक्षकों ने बताया कि बच्चों को पेड़ नहीं काटने व जल को दूषित नहीं करने की शपथ दिलाई गई है .

साक्षी की सफलता से गौरवान्वित हुआ मोकामा

मोकामा। पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं, इस कहावत को मोकामा के महेन्द्रपुर गांव की यशस्विनी बेटी साक्षी कुमारी ने चरितार्थ किया है। साक्षी ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा को साबित करते हुए नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में शत प्रतिशत अंक लाने का गौरव प्राप्त किया है। पटना जिले में सामान्य श्रेणी में एक मात्र साक्षी को ही शत प्रतिशत अंक आया है और अब उसकी आगे की पढाई नवोदय विद्यालय में होगी। अपनी शैक्षणिक प्रतिभा को सार्थक करने वाली साक्षी राकेश कुमार सिंह और सोनी सिंह की बेटी और दादा राजेन्द्र प्रसाद सिंह एवं दादी श्रीमती प्रभा देवी की पोती है। साक्षी की इस उपलब्धि से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा महेन्द्रपुर और मोकामा क्षेत्र गौरवान्वित हुआ है।

वह बालिका शिक्षा के क्षेत्र में समाज में एक नजीर के तौर पर उभरी है। राकेश सिंह ने बताया कि उनकी बेटी साक्षी न सिर्फ पढाई बल्कि संगीत और चित्रकला में भी रुचि रखती है। पिछले वर्षों के दौरान उसने पढाई तथा संगीत एवं चित्रकला की विविध प्रतियोगिताओं में कई पुरस्कार हासिल किए हैं। अब नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में सौ प्रतिशत अंक हासिल करने वाली एक मात्र बच्ची बनकरं साक्षी ने अपनी श्रुतशीलता को सार्थक किया है।

मालती रामाश्रय ज्ञान भारती +2 उच्च विद्यालय में मनाया गया बिहार पृथ्वी दिवस

‘बिहार पृथ्वी दिवस’ इस वर्ष तीन दिन मनाया जा रहा है . आठ, नौ और दस अगस्त में से किसी भी दिन स्कूल अपनी सुविधानुसार ‘बिहार पृथ्वी दिवस’ मना रहे हैं . इसमें राज्य के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों को प्रार्थना के समय बच्चों को पृथ्वी को बचाने के लिए 11 संकल्प दिलाना होगा। साथ ही उन्हें बताना होगा कि पृथ्वी किस स्थिति में है, कैसे बचेगी.पहले सिर्फ नौ अगस्त को ‘बिहार पृथ्वी दिवस’ मनाया जाता था। इस वर्ष तीन दिन कर दिया गया है। बता दें कि राज्यभर के स्कूली बच्चे पृथ्वी को बचाने के लिए 2011 से संकल्प लेते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के हरित आवरण को बढ़ाने के लिए ‘करो या मरो’ की तर्ज पर ‘बिहार पृथ्वी दिवस’ मनाने की घोषणा की थी।

इसी क्रम में कल दिनांक 09-08-2018 को मालती रामाश्रय ज्ञान भारती +2 उच्च विद्यालय में शिक्षकों और छात्रों ने बिहार पृथ्वी दिवस के अवसर पर विभाग द्वारा प्रस्तावित संकल्प जिसमें पर्यावरण, साफ सफाई ,जल का दुरुपयोग नहीं करना, आवश्यकतानुसार बिजली का इस्तेमाल, अपने स्कूल एवं घर की साफ-सफाई आदि का संकल्प लिया गया.बच्चो ने संकल्प लिया की 1.- पृथ्वी के संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए सदैव कार्य करता रहूंगा।२.- वर्ष में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाऊंगा, बचाऊंगा तथा पेड़-पौधों के संरक्षण में सहयोग करूंगा।३.- तालाब, नदी एवं पोखर को प्रदूषित नहीं करूंगा।

बच्चों स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया,वृक्षारोपण किया

‘बिहार पृथ्वी दिवस’ इस वर्ष तीन दिन मनाया जा रहा है . आठ, नौ और दस अगस्त में से किसी भी दिन स्कूल अपनी सुविधानुसार ‘बिहार पृथ्वी दिवस’ मना रहे हैं . इसमें राज्य के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों को प्रार्थना के समय बच्चों को पृथ्वी को बचाने के लिए 11 संकल्प दिलाना होगा। साथ ही उन्हें बताना होगा कि पृथ्वी किस स्थिति में है, कैसे बचेगी.पहले सिर्फ नौ अगस्त को ‘बिहार पृथ्वी दिवस’ मनाया जाता था। इस वर्ष तीन दिन कर दिया गया है। बता दें कि राज्यभर के स्कूली बच्चे पृथ्वी को बचाने के लिए 2011 से संकल्प लेते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के हरित आवरण को बढ़ाने के लिए ‘करो या मरो’ की तर्ज पर ‘बिहार पृथ्वी दिवस’ मनाने की घोषणा की थी

कन्या उच्च विदयालय सूर्यगढ़ा में 9/8/18 को शिक्षक बंधु एवम् छात्राओं के साथ विधालय परिवार ने अमर शहीद स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया,उनके सर्वस्व न्योछावर की वीर गाथा से छात्राओं को रूबरू कराया गया । कार्यक्रम के दुसरे भाग में ही आज शिक्षक बंधु ने छात्राओं को पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य पे कृत-संकल्प दिलाया कि पर्यावरण को संरक्षण करना हमारा धर्म है । पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य पे हमें संदेश देना है कि जिस तरह हमारे वेदों में कहा गया धर्मे रक्षित रक्षित ‌‌,धर्म की रक्षा करते हैं तो वह हमारी रक्षा करता है, उसी प्रकार वृक्षे रक्षित रक्षित ।वृक्ष की रक्षा करेंगें तो वे भी हमारे जीवन की रक्षा करेंगें ।वृक्ष हमारे सबसे प्रिय मित्र‌ होते हैं इनकी रक्षा एवम् वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए हमेशा जागरूकता लानी चाहिए ।

रुखसाना प्रवीण जी ने मोकामा के सुनहरे भविष्य की नीवं रखी

आज घड़ी की सुई ने दोपहर के 12:30 बजाये तो मोकामा ने एक नया और सुनहरा इतिहास रचा.मोकामा राम रतन सिंह महा विदयालय के सायकोलोजी की एच.ओ.डी रुखसाना प्रवीण जी ने मोकामा में आयोजित डॉ अब्दुल कलाम को समर्पित सप्ताह के कार्यकर्म की 100 से ज्यादा तस्वीरों वाली विडिओ रिलीज की .अपने काले इतिहास को दफन कर मोकामा डॉ अब्दुल कलाम के सपनो पर बढ़ निकला है .विजन 2020 के संकल्प लेकर मोकामा के युवाओं और बच्चों ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है जिसकी सुगंध इस धरा पर युगों युगों तक महकेगी.डॉ अब्दुल कलाम पर समर्पित 100 से ज्यादा कार्यक्रम करके मोकामा ने एक रिकॉर्ड भी स्थापित किया .इस कार्यक्रम के लिए मोकामा के सभी लोगों ने अपने अपने माध्यम से सहयोग किया.कुमार कृष्ण ,रौशन जी ने मिडिया जबकि सेकड़ों सोशल मिडिया बधुओं ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया.

मोकामा के सभी शिक्षण संस्थानों और गैर शिक्षण संस्थानों ने कलाम के कार्यक्रम के माध्यम से कलाम के सपनो को सच करने का प्रण लिया.चंन्दन जी,प्रणव शेखर शाही जी,मनीष जी छोटे,आंनद मुरारी जी,पारस जी,ललन जी ,डॉ सुधांशु शेखर जी,संदीप मंडल जी,अशोक जी ,उदय दा,रविश जी,ज्ञान प्रकाश जी,प्रियदर्शन शर्मा,अनुराग जी,अजय दा ,प्रवीण कुमार घंटु जी,चन्दन जी आत्मा,हरि शंकर शाही जी,नीलेश कुमार माधो जी,गोरख प्रसाद सिंह जी,श्रीमती संगीता कुमारी जी,अर्चना जी,पल्लवी जी,प्रिया जी,रिक्की जी ने दिन रात एक कर इस कार्यक्रम को अंजाम तक पहुचाया .इस विडिओ को लांच करते हुए रुखसाना जी ने भावुक होते कहा मोकामा अब सचमुच बदल रहा है.अब यंहा के लोग अब्दुल कलाम की बाते करने लगे हैं.पढाई और नौकरी की बात सोचने लगे है.मोकामा की बेटियां भी आगे बढ़कर पढाई में अपना नाम कर रही है.वह दिन दूर नहीं जब मोकामा का नाम भी पढाई लिखाई और अच्छी चोजों के लिए जाना जायेगा.उन्होंने कार्यकर्म में शामिल सभी बच्चों,शिक्षकों और अभिभावकों को भी सफल कार्यक्रम के लिए शुभकामना दिया.उन्होंने मोकामा के लोगो से अपील किया है की येसे कार्यकर्म रुकने नहीं चाहिए .बल्कि अगली बार 500 से जायदा कार्यकर्म कर मोकामा आगे बढ़े .विडियो देखिये

मोकामा लिख रहा सुनहरा इतिहास , डॉ अब्दुल कलाम के 100 से ज्यादा कायर्क्रम

रालोसपा युवा के प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता जयवर्धन शर्मा के नेतृत्व में पूर्व राष्ट्रपति कलाम साहब के पुण्यतिथि के पूर्व संध्या पर स्थानीय गुलेश्वरी भवन में कार्यक्रम किया गया.उनके चित्र पर उपस्थित लोगों ने फूल समर्पित किया.इस अवसर पर गोपाल जी,सुमित कुमार सिंह, सुभम कुमार ,ललन कुमार ,अमित कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।श्री जयवर्धन शर्मा ने कलाम साहब के जीवन से युवाओं को सिख लेने को कहा.उन्होंने उनके “छोटी सोच अपराध है” कथन पर जोर देकर इसे युवाओं को जीवन में आत्मसात करने पर बल दिया.माँ भगवती कोचिंग सेण्टर में बच्चों ने डॉ अब्दुल कलाम के छोटे बड़े सेकड़ों चित्र बनाये ,चन्दन सर के नेत्रित्व में इन चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई.सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री गोरख बाबु ,उदय दा ने इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया .विद्यार्थी हिंदी पुस्तकालय मोकामा में विजय कुमार और चन्दन कुमार के नेत्रित्व में क्विज़ का आयोजन किया गया .डॉ कलाम को श्रद्धांजलि दी,उनके वैज्ञानिक जीवन पर चर्चा की गई.रामेश्वरम से राष्ट्रपति भवन तक की यात्रा पर विस्तृत रूप से चर्च हुई .

स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय, मोलदियार टोला में काका कलाम मंच की ओर से आयोजित परिचर्चा में अजय कुमार, डॉ. सुधांशु शेखर, चंदन कुमार, पप्पू दा ,उदय कुमार ने कलाम के 2020 के विजन को रखा। Science Tutorials Chemistry Classes,Mokama बच्चों ने अपने शिक्षक के साथ मिलकर डॉ अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि दी ,उनके बताये मार्ग पर चलने का शपथ लिया .रेड रोज हैप्पी स्कूल में बच्चों ने डॉ अब्दुल कलाम को चित्र बना कर याद किया ,छोटे छोटे बच्चों ने अब्दुल कलाम के बड़े बड़े चित्र बनाये.क्यूज सेंटर वरहपुर चंदन नगर के छात्र अब्दुल कलाम के पुण्य तिथि पें उनकी पूरे जीवन चक्र कों याद करतें हुए उन्हे श्रधा सुमन अर्पित करतें हुए उनके द्वरा बताए गए मार्ग कों अपनाने का संकल्प लिया । श्रधा सुमन अर्पित करतें हुए धीरज कुमार बताये की कलाम साहब जिस तरह से अर्श से फर्श का सफर तैय किए ये ।उनलोगों के लिए उदाहरण हें जो अपनी पढ़ाई इस लिए छोड़ देते की उनके घर की आर्थिक समस्या हें । वो आगे बताते हें की घर परिवार , समाज औऱ देश कों आगे ले जाना हें तो केवल शिक्षा औऱ शिक्षित समाज होना अनिवार्य हें औऱ तभी जाकर कलाम कि मिशन 2020सफल होगा । अमरजीत कुमार कलाम की वचन ” भाग्य के भरोसे बैठे लोगो कों उतनी ही मौका मिलता हे जितना प्रयास करणे वाले छोर देते हे ” कों दुहराते हुए वर्तमान समय मे प्रतियोगी परीक्षा मे बढ़ रहे प्रतिस्पर्द्धा कों लेकर कों सजग होने कों क़हा । वही इस कार्यक्रम मे शमिल प्रदीप , सुजीत , संजीव ( राणा ) , ज्योतिष , संदीप , शशिकांत , गौतम प्रभाकर , घनश्याम , श्याम , सूर्यदेव , पंकज , बंटी ने संयुक्त रूप से संकल्प लिया की देश की प्रगति के लिए हमेशा प्रयासरत चाहे खुद का प्रस्थिति कुछ हो ।पाटलिपुत्र जन संसथान हथिदह मोकामा के सौजन्य से आयोजित प्रखंड स्तरीय मेधा जाँच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ज्सिमे 1000 से जायदा बच्चों ने हिस्सा लिया .तारा उच्च विद्यालय में चित्र कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया .रामरतन सिंह महाविद्यालय में कॉलेज़ की स्थापना दिवस मनाई गई उसके साथ ही पूर्व राष्टपति को श्रद्धांजलिदी गई

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति में मोकामा के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, कोचिंग सेंटर सहित 100 से ज्यादा जगहों पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है . मोकामा के शहरी क्षेत्र के साथ ही सिसौनी,मोकामा घाट ,औंटा,हथिदह,मरांची,ताजपुर, हेमजा, रामपुर डुमरा, मालपुर, बादपुर, आदि जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी कलाम की पुण्यतिथि मनाई जा रही है . इस मौके पर कई तरह के आयोजन किये गये है.विज्ञान पर्दर्शनी ,काव्य पाठ,चित्रकला प्रतियोगिता,मेघा परतियोगिता,क्विज ,भाषण ,सामान्य पूजा . सुबह से ही इस कार्यक्रम की शुरुवात हो चुकी है..

कलाम मानो मोकामा में बसते हों

अपना कार्यकाल पूरा करके कलाम जब राष्ट्रपति भवन से जा रहे थे तो उनसे विदाई संदेश देने के लिए कहा गया. उनका कहना था, ‘विदाई कैसी, मैं अब भी एक अरब देशवासियों के साथ हूं.’आज मोकामा के बच्चे जिस तरह से डॉ अब्दुल कलाम को समर्पित सप्ताह मना रहे हैं,यूँ लगता है डॉ अब्दुल कलाम मोकामा में ही कंही बस गये है.पिछले 5 दिनों से मोकामा के हजारो बच्चे सिर्फ अब्दुल कलाम की बात कर रहे हैं.हर कोई उनके जैसा दिखने बनने की कोशिश कर रहा है.बच्चों का मनोबल देखकर लगता नहीं की कलाम हमारे बीच नहीं है.और सच भी है कलाम मरा नहीं करते वो जिन्दा हैं भारत के हर उस बच्चे के सपने में जो देश के लिए कुछ करना चाहते हैं.अमीर गरीब जात पात से उपर उठकर मोकामा का हर तबका डॉ कलाम को समर्पित सप्ताह में अपना अपना सहयोग दे रहे हैं. पुरे भारत में मोकामा पहला येसा गावं होगा जन्हा डॉ अब्दुल कलाम को याद करने के लिए 100 से ज्यादा आयोजन किये जा रहे हैं.अपने आप में एक अनोखा और अद्भुत कार्यक्रम .सिर्फ बच्चे ही नही बड़े लोगों में भी उत्साह की सीमा नहीं है.नयी नयी रूप रेखा तैयार की जा रही है.

मोकामा के हर्ष राज रानू ने मिसाइल लांच कर डॉ कलाम को याद किया ,जबकि पाटलिपुत्र जन संस्थान ने प्रखंड स्तरीय मेधा जाँच प्रतियोगिता करवाया जिसमे 1000 से जायदा बच्चों ने भाग लिया .रेड रोज हैप्पी स्कूल के बच्चों ने अपने हाथों से डॉ कलाम की तस्वीर बनाई .काका कलाम मंच ने आज कलाम काव्य पाठ का आयोजन स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय में किया है.एमबीटीसी कोचिंग परिसर में आज शाम कलाम पर परिचर्चा आयोजित की गई है .डॉ अब्दुल कलाम को समर्पित सप्ताह की विडियो देखिये .







प्रखंड स्तरीय मेधा जाँच प्रतियोगिता सम्पन्न,1000 से जयादा बच्चों ने लिया भाग

पाटलिपुत्र जन संसथान हथिदह मोकामा के सौजन्य से आयोजित प्रखंड स्तरीय मेधा जाँच प्रतियोगिता सम्पन्न हुई ,1000 से जयादा बच्चों ने लिया भाग.
संस्था का मुख्य उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति आपसी प्रतिस्पर्धा उत्पन्न कर उनके मेधा को सही और सकारात्मक दिशा प्रदान करना है.तारा उच्च विद्यालय हथिदह मोकामा में ये प्रतियोगिता हुई.प्रतियोगिता शुल्क मात्र 20 रूपये था .60 नंबर का परीक्षा हुआ जो ओ.एम्.आर. शीट पर लिया गया .इस परीक्षा मैं गणित,समान्य ज्ञान,विज्ञान,हिंदी,अंग्रेजी और रीजनिंग के प्रश्न पूछे जायेंगे .4 नंबर सही सवाल पर जबकि -1 गलत जवाब पर मिलेंगे .1 घंटे की परीक्षा हुई .4 ग्रुप में बच्चे होने.वर्ग 5 और 6 के लिए अलग ग्रुप होगा जिसका नाम चाकी होगा(शहीद प्रफुल्ला चन्द्र चाकी के सम्मान में),वर्ग 7 और 8 के लिए अलग ग्रुप जिसका नाम राजेन्द्र होगा (डॉ राजेन्द्र प्रसाद ),वर्ग 9 और 10 का अलग ग्रुप जिसका नाम दिनकर होगा(रामधारी सिंह दिनकर),जबकि वर्ग १० से आगे के सभी बच्चे जिनकी उम्र 18(01/01/18) से कम हो कृष्णा ग्रुप मैं होंगे(रामकृष्ण सिंह स्वतंत्रा सेनानी).बच्चों ने अद्भुत चित्रकला का प्रदर्शन किया.चयनकर्ताओं के लिए सामान्य ज्ञान के उम्मीदवारों को चयनित करना तो आसन होगा पर चित्रकला में सभी ने एक से एक प्रदर्शन किया है .विडियो देखिये

प्रखंड स्तरीय मेधा जाँच प्रतियोगिता आज

प्रखंड के बच्चों के लिए प्रखंड स्तरीय मेधा जाँच प्रतियोगिता करवाई जा रही है .इस प्रतियोगिता के माध्यम से संस्थान प्रतिस्पर्धा के इस दौर में क्षेत्र के बच्चो के शिक्षा एवं कार्यशेली जे स्तर को देश के बिभिन्न प्रतियोगिता के शिखर तक पहुचाना चाहती है.मेघा जाँच परीक्षा ,विज्ञान प्रदर्शनी ,चित्रांकन के द्वारा उन्हें आगे बढने में सहायता दी जाएगी.ये आयोजन पाटलिपुत्र जन संसथान हथिदह मोकामा के सौजन्य से आयोजित हो रहा है.प्रतियोगिता शुल्क 20 रूपये है .60 नंबर का परीक्षा होगा जो ओ.एम्.आर. शीट पर लिया जायेगा.इस परीक्षा मैं गणित,समान्य ज्ञान,विज्ञान,हिंदी,अंग्रेजी और रीजनिंग के प्रश्न पूछे जायेंगे .4 नंबर सही सवाल पर जबकि -1 गलत जवाब पर मिलेंगे .1 घंटे की परीक्षा होगी ,22 जुलाई 10 से 11 बजे दिन .4 ग्रुप में बच्चे होने.वर्ग 5 और 6 के लिए अलग ग्रुप होगा जिसका नाम चाकी होगा(शहीद प्रफुल्ला चन्द्र चाकी के सम्मान में),वर्ग 7 और 8 के लिए अलग ग्रुप जिसका नाम राजेन्द्र होगा (डॉ राजेन्द्र प्रसाद ),वर्ग 9 और 10 का अलग ग्रुप जिसका नाम दिनकर होगा(रामधारी सिंह दिनकर),जबकि वर्ग १० से आगे के सभी बच्चे जिनकी उम्र 18(01/01/18) से कम हो कृष्णा ग्रुप मैं होंगे(रामकृष्ण सिंह स्वतंत्रा सेनानी).

हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम से परीक्षा देने की व्यवस्था है.स्थान पाटलिपुत्र जन संसथान हथिदह मोकामा एन. एच. 31 ,तारा उच्च विद्यालय के नजदीक .विशेष आप निचे दिए नंबर पर संपर्क कर सकते है.9097456347(Pravin Kumar),8873772297(Arvind Kumar).सभी बच्चों को इस प्रतियोगिता मैं भाग लेने पर शुभकामना आप सफल हों.