मंत्री रामकृपाल यादव को किसानो ने ज्ञापन दिया

शनिवार को कृषि विज्ञान केन्द्र अगवानपुर मे आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामकृपाल यादव ने कृषि वैज्ञानिकों और किसानों को सं‍बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों की बदौलत ही आज देश खाद्यान्नों का विदेशों मे निर्यात करने मे सक्षम है।केन्द्र सरकार आज जितना धन किसानों और गरीबो पर खर्च कर रही उतना 70 साल मे भी नहीं किया जा सका है। सरकार 2022 तक हर खेत मे बिजली और पानी पहुंचाने की योजनाओं पर काम रह रहे है। केन्द्र सरकार की उज्ज्वला योजना के तहत गरीबो को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जा रहा जिससे गरीबो महिलाएं को चूल्हे से उठते धुंए से उन्हें मुक्ति मिल जाय। बाढ की जनता की बहुप्रतीक्षित मांग टाल विकास योजना को धरती पर उतारने की तैयारी मे जुटी है ताकि टाल क्षेत्र दलहन उत्पादन मे भारी वृद्धि की जा सके।

उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने प्रधानमंत्री के निर्देश पर मुझे कृषि विज्ञान केन्द्र के कार्यों की समीक्षा करने को कहा गया है ताकि यह पता चल सके कि यह केन्द्र कृषि विकास को कितनी गति दे रहा है। यह देश की पहली सरकार है जिसने खाद्यान्नों का समर्थन मूल्य बढ़ाकर किसानों के हित मे बड़ा कदम उठाया है। मौके पर सांसद वीणा देवी, विधायक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह ज्ञानू व रणविजय सिंह उर्फ लल्लू मुखिया, भाजपा जिलाध्यक्ष डा सियाराम सिंह, बीडी सिंह, डॉ मिरनाल, शंभू नारायण सिंह, मुन्ना कुमार सिंह, मुकेश कुमार सिंह वरीय वैज्ञानिक डॉ अरविंद कुमार, क्षेत्रीय निदेशक, कृषि अनुसंधान संस्थान ,पटना ,डॉक्टर मृणाल वर्मा कार्यक्रम समन्वयक कृषि विज्ञान केंद्र अगवानपुर ,बाढ, कृषि वैज्ञानिक डॉ बी डी सिंह, डॉ राजीव कुमार, कृषि वैज्ञानिक श्री बृजेश पटेल एवं विभिन्न प्रखंड से किसान एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे ।माननीय श्री राम कृपाल यादव, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पत्राचार का ज्ञापन दिया गया और अपनी समस्याएं रखें .(सौजन्य:-दैनिक भास्कर)

टाल फिर बना चुनावी मुद्दा

मोकामा टाल क्षेत्र के विकास के लिए 1893 करोड़ की योजना.जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा कि टाल क्षेत्र के जल का बेहतर आर्थिक उपयोग और प्रबंधन के लिए समग्र.जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा कि टाल क्षेत्र के जल का बेहतर आर्थिक उपयोग और प्रबंधन के लिए समग्र टाल विकास योजना तैयार की गई है। इसके लिए 1893 करोड़ रुपए की योजना को केंद्रीय जल आयोग के पास भेजा जा रहा है। टालक्षेत्र के विकास की योजना स्थानीय निवासियों की सलाह भी ली जाएगी। इसके लिए टाल क्षेत्र के लोगों ऑनलाइन सलाह मांगी गई है। टाल क्षेत्र के दक्षिण की ओर से आने वाली नदियों पर वीयर चेकडैम बनाकर इस जल का उपयोग फसल सिंचाई के लिए किया जाएगा। जल संसाधन मंत्री सोमवार को सूचना भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी योजना से तटबंधों को मजबूत करने का काम किया है।
(सौजन्य:-दैनिक भास्कर)

मोकामा बड़हिया टाल किसान उपवास पर ,नेता उपहास पर

पिछले डेढ साल से मोकामा बरहिया टाल के किसान अपने उत्पाद के वाजिब मूल्य और उसके क्रयकेन्द्र के लिये लगातार संघर्ष कर रहे हैं ।आज भी किसानों ने प्रखंड मुख्यालय पर फिर से सामुहिक उपवास कर अपनी माँगों को दुहराया ।किसानों की माँग..1. स्थाई क्रय केन्द्र.2. वर्तमान में तय MSP लागत मूल्य से काफी कम है, इसे दुगना किया जाये ।3. तेलंगाना राज्य के किसानों के तर्ज पर बिहार के किसानों को भी 10′,000 रु प्रति एकड़ राज सहायता मिले ।4. दुध के दामों में 10रु प्रति लिटर की बढोतरी हो ।5. किसानों की पंजीकरण में काफी परेशानी हो रही है, प्रखंड के सभी सहज वसुधा केन्द्र ठीक से काम नहीं कर रहे हैं ।अधिकांश का पता ठिकाना भी नहीं है, अतः सरकार इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करे ।कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री प्रमोद सिंह , शेरपुर द्वारा की गयी । कार्यक्रम में आनंद मुरारी, ओमप्रकाश, भवेश सिंह, प्रणव शेखर शाही, रविशंकर ,उमेश सिंह इत्यादि किसानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई ।

एक भी स्तरीय नेता ने अभी तक किसानो के हित की कोई बात नहीं की है.सभी ने किसानो को उसके बदहाली पर रोने के लिए छोड़ दिया है.ठीकेदारों के लिए 40 करोड़ का काम बंटेगा मगर किसान भूखा मरेगा.

दियारा में चौपाल लगा सुनी ग्रामीणों की पीड़ा

मोकामा की कसहा दियारा पंचायत में डीएम कुमार रवि ने गुरुवार को चौपाल लगाकर जन समस्या सुनी. उन्होंने कहा कि दियारा में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा. सरकारी अस्पताल, हाईस्कूल, पंचायत सरकार भवन का प्रस्ताव पारित है. स्थल चयन के लिए अंचल टीम को लगाया गया है. शीघ्र ही प्रस्तावित भवनों का निर्माण कार्य शुरू कराया जायेगा. ग्रामीणों ने मध्य विद्यालय में व्याप्त अनियमितता की शिकायत की. कई महिलाओं ने वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने, आवास योजना पर रोक आदि की शिकायत की. डीएम ने ग्रामीणों की शिकायत गंभीरतापूर्वक सुनने के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों को निराकरण का निर्देश दिया. इस दौरान बाढ़ एसडीएम सज्जन आर, बीडीओ सतीश कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद थे. कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने सात निश्चय योजना, राशन वितरण आदि विकास कार्यों के संबंध में लोगों से पूछताछ की.(source:-prabhat khabar)

टाल में आकाल ,मर रहे किसान

दलहन की फसल पिछले ३ सालों से किसानो के घरों में बंद है,कोई खरीदने वाला नहीं है.सरकार सो रही है,उनके मंत्री राजनीती कर रहे हैं.दोसरोप्न किया जा रहा है एक दुसरे पर .अब धान और मक्के की फसल के लिए किसान बेचेन हैं क्योंकि जिले में बारिश नहीं के बराबर हुई है आकाल जैसी परिस्तिथि है.किसंम करे तो क्या करे .धान की बुआई के लिए बेहतर नक्षत्र में अब महज नौ दिन ही बचे हैं, लेकिन जिले में 90 फीसदी से ज्यादा खेत परती हंै। अकाल की स्थिति पूरे जिले में है. बारिश नहीं होने से किसानों में हाहाकार है. जलस्तर में भारी गिरावट से किसानों के लगभग सारे निजी नलकूप ठप हो चुके हैं. ज्यादातर सरकारी नलकूप बंद हैं। मौसम की इस मार से जूझते हुए किसानों ने जैसे-तैसे खेतों में बिचड़ा तो डाल दिया था, लेकिन अब उनकी हिम्मत दोबारा खेत में जाकर धान की बुआई करने की नहीं बची है. वे लोग आकाश की ओर अब भी टकटकी लगाए बैठे हैं, ताकि इंद्रदेव की कृपा हो जाए और वे कुछ भी अनाज उपजा सकें.

मोकामा और घोसवरी प्रखंडों में भी धान की रोपनी पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। बारिश नहीं होने के कारण धान की रोपनी बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है। मोकामा और घोसवरी प्रखंडों में वैसे तो दलहनी फसलों की खेती ज्यादा होती है लेकिन फिर भी कई किसान धान की खेती करते हैं। मोकामा प्रखंड में 600 हेक्टेयर में धान उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। मक्का की खेती 1126 हेक्टेयर में किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। धान के साथ मक्का की खेती पर ही काफी बुरा असर पड़ा है। मोकामा के प्रखंड कृषि पदाधिकारी रवींद्र कुमार की मानें तो चार से पांच फीसदी ही लक्ष्य अभी तक हासिल हो पाया है। सबसे बड़ी परेशानी है कि डीजल अनुदान का लाभ अभी मिल नहीं पा रहा है। (सौजन्य:-दैनिक भास्कर)

मोकामा टाल के किसानों की समस्या को लेकर सरकार गंभीर ,राधा मोहन सिंह

केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा है कि नीति आयोग ऐसा सिस्टम विकसित कर रहा है जो किसानों की उपज खरीद को सुनिश्चित करेगा। यह किसानों के हित में बेहतर कदम होगा और उनके लिए बड़ी राहत देने वाला होगा। एक नयी एमएसपी नीति पर काम हो रहा है जिसके तहत किसानों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत लाभ मार्जिन सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके लिए सरकार चार वर्षों से काम कर रही है। मंत्री शनिवार को भाजपा दफ्तर में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के खजाने पर पहला अधिकार अन्नदाता किसानों का है। उनके लिए बेहतर करना हमारा दायित्व है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में सार्थक कदम है। इतनी राशि की बढ़ोतरी पहली बार की गयी है।

मोटे अनाज का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होगा और वह भी किसानों को राहत देने वाला होगा। पहला बार न्यूनतम समर्थन मूल्य में फसल की बोआई से कटाई तक के सारे खर्चों को सामिल किया गया है। यहां तक कि लीद पर ली गयी जमीन का रेंट और किसान के अपने परिवार के श्रम का मूल्य भी शामिल है।मंत्री ने कहा कि नये मूल्य निर्धारण के बाद किसानों को अपनी फसल की लागत का डेढ़ गुना या इससे भी अधिक कीमत मिलेगी। किसानों की आय दोगुना करने के लिए सघन नीति पर काम चल रहा है। इसमें उत्पादकता में वृद्धि करना, खेती की लागत को कम करना और बाजार के साथ-साथ पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन को मजबूत बनाना है। सरकार किसानों को उनके उत्पादों का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए नये बाजार ढांचे पर भी काम कर रही है। इसमें ग्रामीण कृषि बाजार की स्थापना करना शामिल है।एक सवाल के जवाब में राधामोहन सिंह ने कहा कि तेलहन-दलहन खरीद के लिए राज्य सरकार प्रस्ताव देती है। कहीं से कोई प्रस्ताव आता है तो हम 24 घंटे में उसकी स्वीकृति देते हैं। एक एन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि मोकामा टाल के किसानों की समस्या को लेकर सरकार गंभीर है।(सौजन्य:-दैनिक भास्कर)

टाल किसानो की समस्या लेकर सहकारिता मंत्री से मिले सुजीत कुमार,मिला आश्वाशन

बड़हिया-मोकामा टाल क्षेत्र के किसानों की हालत दयनीय एवं जीवन बदहाल हो गया है। किसानों के उत्पादित दाल की खरीद के लिए अतिशीघ्र दलहन क्रय केंद्र खोलवाने की की मांग को लेकर सोमवार को जदयू सेवा दल के प्रदेश महासचिव सुजीत कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के सहकारिता मंत्री राणा रणधीर ¨सह से पटना में मुलाकात की। सुजीत कुमार ने मंत्री के समक्ष किसानों की दिनों दिन हो रही दयनीय स्थिति की चर्चा करते हुए जल्द से जल्द दलहन क्रय केंद्र खोलवाने का आग्रह किया। सुजीत कुमार ने बताया कि उनके आग्रह पर मंत्री राणा रणधीर ¨सह ने आश्वासन दिया कि मंगलवार को एमओयू की फाइल खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कार्यालय में चला जाएगा। मंगलवार को ही इस संदर्भ में बैठक कर जल्द से जल्द दलहन क्रय केंद्र खोलवाने की दिशा में पहल करने का आश्वासन मंत्री ने दिया।

मंत्री ने कहा कि इससे पहले सरकार ने कभी दलहन का क्रय नहीं किया है। इस कारण ही विभागीय तैयारी में देरी हो रही है। पूरी तैयारी के साथ दाल क्रय केंद्र खोला जाएगा ताकि किसानों को कोई समस्या आगे नहीं हो। सरकार सकारात्मक सोच के साथ किसानों की हित में काम कर रही है। प्रतिनिधि मंडल में मनीष कुमार, हीरा कुमार ¨सह, सुमन कुमार आदि उपस्थित थे।(सौजन्य:-दैनिक जागरण)

बरसाती तेवर से किसानो के चेहरे खिले

मोकामा टाल इलाके में मौसम की खुशमिजाजी से अन्नदाता के चेहरे पर रौनक लौट आयी है. आद्रा नक्षत्र की लगातार सात दिनों तक बेरुखी से धान उत्पादक परेशान हो रहे थे. अचानक रविवार को कमोवेश पूरे इलाके में बारिश हुई. इससे किसानों के बीच उम्मीद जगी. वे अपने खेतों में बिचड़ा डालने की तैयारी में जुट गये. अधिकारियों का कहना है कि वैसे तो यह बारिश बिचड़ा डालने के लिए प्रर्याप्त नहीं है, लेकिन अगले दो दिनों में घनघोर बारिश का अनुमान है. तकरीबन 50 एमएम बारिश रिकाॅर्ड हुई, तो किसान आद्रा नक्षत्र में ही बिचड़ा डाल सकेंगे. मोकामा प्रखंड के अलावा घोसवरी, पंडारक, अथमलगोला व बख्तियारपुर प्रखंडों में तकरीबन 10 हजार हेक्टयर में धान फसल की बुआई का लक्ष्य निर्धारित है. इसके अलावा हजारों किसान गरमा फसल में मक्के व सब्जी की खेती करते हैं. आसमानी पानी के अभाव में टाल इलाके में लगी फसल बेजान हो रही थी. वहीं अधिकतर किसान मक्के की बुआई भी नहीं कर सके हैं. आद्रा के बारिश से किसानों की मुसीबत थोड़ी कम हुई है.

क्या कहते हैं मोकामा टाल के किसान.रोहिणी नक्षत्र में डाले गये बिचड़े को नया जीवन मिला है. वहीं अन्य किसान भी ससमय बिचड़ा डाल सकेंगे.निलेश सिंह, करनौती, बख्तियारपुर.आद्रा नक्षत्र की पहली बारिश खेती के लिए रामबाण साबित हुई. टाल में किसान बिचड़ा डालने के लिए खेत की तैयारी में जुटे हैं. टाल में बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली है. अब खेतों में बिचड़ा डाला जा सकता है. मनोहर प्रसाद, छपेरातर, पंडारक (सौजन्य:-प्रभात खबर)

सामूहिक उपवास पर उतरे टाल किसान ,मत्री उड़ा रहे है मजाक

दलहन और गेहूं की खरीद शुरू कराने तथा क्रय केंद्रों को खोले जाने में हो रही देरी से परेशान किसानों ने मोकामा प्रखंड मुख्यालय पर सामूहिक उपवास किया। मोकामा के अलावा घोसवरी प्रखंड मुख्यालय पर भी किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने दलहन की खरीद में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। टाल विकास समिति मोकामा-बड़हिया के संयोजक आनंद मुरारी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन अनंत कुमार ने किया। मौके पर युवा अधिवक्ता कुमार शानू, प्रणब शेखर शाही, स्वराज्य शर्मा, उमेश सिंह, जयकांत सिंह, सतीश सिंह, मनोज सिंह, विश्वनाथ, कन्हैया सहित अन्य मौजूद थे। किसान नेता गोरख सिंह ने कहा कि घोषणा के बावजूद सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है।

आर्थिक संकट .पूर्व आत्मा अध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि मोकामा टाल के हजारों किसान दलहन की कम कीमतों तथा बाजार उपलब्ध नहीं होने से परेशान हैं। मजाक उड़ा रहे मंत्री ,किसान भावेश सिंह ने कहा कि किसान अपनी समस्याओं की बात करते हैं तो केंद्रीय कृषि मंत्री मजाक उड़ाते हैं।
घोषणा पर अमल नहीं ,टाल विकास समिति के संयोजक आनंद मुरारी ने कहा कि सहकारिता मंत्री ने खरीद की घोषणा की थी लेकिन अब तक अमल में नहीं लाया गया है। मोकामा में उपवास पर बैठे किसानों ने प्रदर्शन किया। (सौजन्य:-दैनिक भास्कर)

बहरी सरकार को बापू का सन्देश

मोकामा बड़हिया किसानो का अनाज पिछले 3 सालों से घर मैं पीडीए है.कोई भी सरकार इसे खरीदने मैं दिलचस्पी नहीं दिखा रही.किसानो की बेटियां व्याही जनि है,बच्चे को पढने के लिए भेजना है,बुजुर्गों को दवाई देना है,बरसात से पहले छप्पर छड्वाना है.मगर कैसे 3 सालों से अनाज का एक दाना तक नहीं विका है .टाल क्षेत्र के किसानों की दयनीय स्थिति को लेकर तथा रबी फसल गेहूं एवं दलहन का क्रय केंद्र खोलने में हो रहे टाल मटोल के विरोध में टाल विकास समिति मोकामा, बड़हिया एवं कृषि विकास समिति बड़हिया के तत्वावधान में गुरुवार को किसानों का एक दिवसीय उपवास प्रखंड कार्यालय बड़हिया,मोकामा ,घोसवारी में होगा। जिसमें प्रखंड एवं नगर क्षेत्र के किसान उपस्थित होकर एक दिन का का उपवास करेंगे। इसकी जानकारी देते हुए कृषि विकास समिति के संयोजक संजीव कुमार ने बताया कि दलहन का स्थायी क्रय केंद्र की स्थापना करने तथा तेलांगना सरकार की तर्ज पर बिहार के किसानों को भी 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता किसानों को देने की मांग की है। उक्त मांग को लेकर ही किसान उपवास पर रहेंगे।(सौजन्य:-दैनिक जागरण)