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मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2017 के हजारों परीक्षार्थियों के प्रैक्टिकल मार्क्स स्कूलों द्वारा नहीं भेजे जाने से परीक्षार्थियों के रिजल्ट पेंडिंग हैं. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अब उन विद्यालयों से प्रैक्टिकल मार्क्स नहीं भेजने को लेकर शो-कॉज किया गया है. तीन दिन में जवाब नहीं देने पर समिति उन विद्यालयों के प्रधान के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही करेगी.

पटना जिले के सात विद्यालयों को भेजा शो-कॉज: समिति की ओर से पटना जिले के सात विद्यालयों को शोकॉज किया गया है. इनमें सर जीडी पाटलिपुत्रा हाई स्कूल कदमकुआं, देवीदयाल हाई स्कूल पीरमुहानी, कदमकुआं, हाई स्कूल बैरागीबाग, आरकेआवी हाई स्कूल मोकामा, एसएस गर्ल्स हाई स्कूल बाढ़, उत्क्रमित एमएस गवसपुर, फतुहां व एमकेआर गर्ल्स हाई स्कूल शामिल हैं. इन विद्यालयों के प्राचार्य से तीन दिनों के अंदर प्रैक्टिकल मार्क्स नहीं भेजे जाने के संबंध में जवाब मांगा है.

डेढ़ हजार से अधिक परीक्षार्थियों का रिजल्ट पेंडिंग में: सूत्रों के मुताबिक मैट्रिक परीक्षा के करीब डेढ़ हजार परिक्षार्थियों के रिजल्ट पेडिंग में हैं. इनमें वैशाली, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधेपुरा, नवादा, भागलपुर व गोपालगंज शामिल है. इन जिलों के विद्यालयों द्वारा बोर्ड परीक्षाओं के दौरान विद्यालय स्तर पर ली जाने वाली प्रैक्टिकल परीक्षाआें के मार्क्स या तो आंसर शीट पर दर्ज नहीं किये गये या पूरा का पूरा आंसर शीट समिति को नहीं भेजा गया. इससे उन परीक्षार्थियों के रिजल्ट पेडिंग रह गये.

दो विषयों में होती है प्रैक्टिकल परीक्षा: मैट्रिक में दो विषयों में प्रैक्टिकल परीक्षा ली जाती है. इसमें विज्ञान में 20 और सामाजिक विज्ञान में कुल 20 अंक की प्रैक्टिकल परीक्षा ली जाती है. परीक्षा के बाद समिति द्वारा जारी ओएमआर शीट पर स्कूल द्वारा लिये गये प्रैक्टिकल परीक्षाओं के मार्क्स भर कर बोर्ड को भेजा जाना था पर कई विद्यालयों द्वारा समिति द्वारा जारी ओएमआर शीट या तो खाली छोड़ दिये गये या फिर उसे भरकर भेजा नहीं गया.

बिठायी गयी थी जांच कमेटी

बोर्ड द्वारा परीक्षार्थियों के रिजल्ट पेडिंग में होने के बाद जांच कमेटी बनायी गयी. जांच में पाया गया कि कई जिलों के विद्यालयों द्वारा मैट्रिक परीक्षा में विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय में 40 अंक के लिये हुए प्रैक्टिकल परीक्षाओं के मार्क्स नहीं भेजे गये. इससे उन विद्यालयों के परीक्षार्थियों का रिजल्ट पेंडिंग में चला गया. कमेटी द्वारा उन विद्यालयों की सूची बनाकर बोर्ड को सौंप दी गयी है.
अब समिति द्वारा शोकॉज किया जा रहा है.

विद्यालयों के लापरवाही से कई जिलों के बच्चों के रिजल्ट पेडिंग में चले गये थे. जांच
के बाद अब उन विद्यालयों को शो कॉज किया जा रहा है. जवाब नहीं देने पर दोषी पाये जाने वाले विद्यालयों के प्रधान पर कार्यवाही की जायेगी.
-आनंद किशोर , अध्यक्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति

विद्यालयों के लापरवाही से कई जिलों के बच्चों के रिजल्ट पेडिंग
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