मोकामा
संपादकीय

बदलाव की उम्मीद :-जयराम विप्लव

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#MungerBihar #चर्चा
बहुत समय बाद मुंगेर जग रहा है . रेल पुल से Connectivity बढ़ रही है .. सड़क पुल चालू होते हीं उसका विस्तार बढ़ जाएगा … मोकामा में पीएम का आगमन , लखीसराय और मुंगेर में सीएम के दौरे बहुत कुछ कह रहे हैं …. किंतु Local Leadership कुछ और कहानी में Interest रखते हैं … बदलाव की जो दिशा ऊपर से तय होती है बमुश्किल वो यहाँ आकर बदल जाती है … इस दौर में भी देखिए क्षेत्र में ख़ून-ख़राबे का माहौल बना हीं रहता है … मुंगेर हो या मोकामा सालों से सरकारी और निजी उद्योग जो चल रहे थे वो या तो बंद हो गया या बंदी के कगार पर है …. पर क्षेत्र के नेताओं का ध्यान अपने रुतबे पर जयदा है काम पर काम … रोड नाली सामुदायिक भवन आदि के लिए फ़ंड करके काम पूरा .. प्रशासन को अपनी सेटिंग पर चलाना हीं इनको रुचिकर लगता है …. कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनका कार्यकाल ख़त्म होने को है पर अब तक पता हीं नहीं चल पाया कि उनकी कुर्सी किस काम के लिए है ? ….

वैसे क्षेत्र में कई स्तर पर इनके Managers सक्रिय रहते हैं अपने अपने नेताजी की अहमियत को जताने के लिए … ऐसा जाल बुन रखा है कि छोटे-छोटे नेतागीरी वाले इनको आका बनाकर चलना शुरू कर दें …
समस्या किसी व्यक्ति विशेष के नेतृत्व से नहीं बल्कि Visionless Leadership की है ……

इस वातावरण में तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के दौरे से हीं आस जागती है ….. उनके विजन में मुंगेर क्षेत्र है तो बदलाव भी आएगा ….