मोकामा
समाचारसामाजिक

अगलगी के बाद ठण्ड से न मर जाये

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कल दिनांक 04 दिसंबर 17 को बरह्पूर बिन्द्टोलि मे आग लगने से तीन परिवार की जिंदगी अस्त व्यस्त हो गई थी  ।इस घटना कशिश न्यूज़ और अख़बार  मे भी जगह दिया गया  ।आग पे काबू पाने के बाद गाँव के मुखिया सरपंच और खुद अंचल  पदाधिकरी भी पीड़ित परिजन को दिलासा दिलाने आये और चले भी गये अपनी अपनी  कार्यवाई पूरी करके ।लेकिन जिन परिवार का सब कूछ जल गया  उनके लिये एक कम्बल और फिलहाल आसरा के लिये तिरपाल तक की कोई व्यस्था नही हुआ ।वो इस  अन्दर तक कंप कंपा  देने वाली ठंडी रात मे खुले आसमान मे भगवान्  भरोसे रहने को मजबूर हे ।जन प्रतिनिध और अधिकारी बस अपना चेहरा चमकने के लिये आये ।

जो परिवार पीड़ित है उनतक सिर्फ आश्वासन पंहुचा है.जबकि इतनी सर्दी में जीना मुश्किल हो रहा है. जन प्रतिनिधि और प्रशाशन खाना पूर्ति करके निकल लिए.दर्द इतना की कहे तो कहे किससे.इस ठिठुराती सर्दी में सिर्फ आश्वासन और उम्मीद के दम पर जिया तो नहीं जा सकता.बच्चों और बुजुर्गों का तो जीना दुस्वार है ,इश्वर न करे कोई अनहोनी हो जाये तो जिम्मेदार कौन होगा.जन प्रतिनिधि या प्रशासन .

आपसब से नम्र निवेदन है कृपया इस सर्दी में पीड़ित परिवार को जरुरत की चीजे जल्द से जल्द मुहेया कराइ जाये. हम अपने जन प्रतिनिधि और प्रशासन से बड़े उम्मीद और आस लगा रहे है.

 

(सौजन्य :- संदीप मंडल )

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