यादे बच्चा बाबू की

स्व डॉ बैद्यनाथ शर्मा (बच्चा बाबू) हिंदी साहित्य के जाने पहचाने नाम,परिचय के मोहताज नही ।मगध विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के HOD पद से सेवानिवृत्त ।हिंदी साहित्य के लेखनी के रूप में बहुत सारे किताबो के लेखक के रूप में जाने पहचाने नाम।मर्दुलभाषी,सरल स्वभाव वाले व्यक्ति के बारे में कुछ भी लिखना शायद कम होगी।
मुझे जब कभी भी मौका मिलता था उनका भाषण बहुत रुचि से सुनता था। उनके द्वारा दिए गए एक भाषण का अंश-
आदरणीय नेता जी ये मोकामा की धरती है।यहाँ की टाल की मिट्टी को केवाल मिट्टी कहते है।इसका एक गुण है कि पानी का थोड़ा फव्वारा पड़ते ही यह इतना मुलायम हो जाता है कि यदि पैर में लग जाए तो छूटने का नाम नही लेता है,और यदि सुख जाता है तो नुकीली पत्थर की तरह पैरो में चुभता है।यहाँ की लोगो की भी यही प्रवृति है……….
धन्यवाद।

V Kumar