मोकामा
संपादकीय

सदा के लिए सो गया सन ऑफ़ पूर्वांचल टाल का बेटा आदर्श शर्मा

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मोकामा बड़हिया टाल की मिट्टी से जन्मा आदर्श शर्मा मात्र 32 साल की उम्र में पूर्वांचल के लिए इतना कर गए, जितना कोई पूरी उम्र गुजारने के बाद भी नहीं कर पाता.पेशे से पत्रकार आदर्श ने जब बिहारियों का दर्द देखा तो वो उनकी आवाज़ बन गए ,35 साल से दिल्ली के बादली में जब अस्पताल नही बना तो अनशन पर बैठ गए.11 दिनों तक चले इस अनशन पर उनके साथ जब सेकड़ों लोग अनसन करने लगे तो सरकार ने उनकी बात मान ली थी .31 मार्च को इस अस्पताल की नीव रखी  जनि थी जिसकी लड़ाई आदर्श लड़ रहे थे.मगर जब उसका उद्घटान होना था तबतक आदर्श ही दुनिया छोड़ गए.22 मार्च को जब सुबह वो अपने कमरे से बाहर नहीं  निकले तो पुलिस ने दरवाजा काटा ,वो अपने विस्तर पर मृत पड़े थे.और सन ऑफ पूर्वांचल के नाम से जाने वाले आदर्श सदा के लिए सो गए.

आदर्श शर्मा मूलतः बिहार के बड़हिया से थे.इनकी शिक्षा कोलकाता से हुई थी जिसके बाद ये दिल्ली आ गए ,पत्रकार थे इसलिए जब बिहारियों को परेशान देखा तो उसकी आवाज़ बन गये .जब उन्हें लगा एक पत्रकार बनके लोगों के आवाज़ को सरकार तक पहुचना मुश्किल  था तो इन्होने आन्दोलन शुरू कर दिया .अपने ओजपूर्ण भासन देने की कला ने उन्हें पूर्वांचल का नायक बना दिया.लोगों ने नाम दिया सन ऑफ़ पूर्वांचल .लोगो के हक़ के लिए इन्होने भारतीय राष्ट-वादी पार्टी का निर्माण किया .10 से ज्यादा राज्यों में इन्होने  पार्टी का   संघटन खड़ा कर दिया .दिल्ली के बड़े बड़े नेता जो अपने आप को पूर्वांचल का नेता मानते थे इनके इस तरह बढने से परेशान होने लगे थे .मगर धुन के पक्के आदर्श लगे रहे ,आगे बढ़ते रहे .महर 21 मार्च की रात जब अपने साथियों को दिशा निर्देश देने के बाद सोने गए तो 22 मार्च  की सुबह वो मनहूस खबर आई की आदर्श शर्मा नहीं रहे . 22 मार्च को जब 11 बजे दिन तक ये अपना फ़ोन नहीं उठा रहे थे तो कुछ लोग इनके कमरे पर गए ,काफी देर दरवाज़ा खुलवाने की कोशिश की मगर जब अन्दर से कोई आवाज़ नहीं आई तो पुलिस को बुलाया गया.जब पुलिस  दरवाज़ा  काट कर अन्दर गई तो देखा आदर्श अपने विस्तर पर मृत पड़े थे.पोस्टमार्टम की रिपोर्ट कहती है की इनकी मृत्यु हार्ट अटेक से हुई है ,जबकि इनके सहयोगी और स्थानीय लोग ये मानने को तैयार नहीं है .लोग सी बी आई जाँच की बात कर रहे हैं. पुलिस बिसरा की रिपोर्ट का इन्ज्कार कर रही है.परिजनों को किसी पर शक नहीं है .मगर जो भी हो सन ऑफ़ पूर्वांचल के नाम का सूरज अब डूब चूका है.इनकी पार्टी और पूर्वांचल के लोगो की उम्मीद अब टूट चुकी है.

वीडियो में देखिए कितना तेज़ ओर ओज था उनके चेहरे पर, कितनी पकड़ थी जनता पर। बोलने का अंदाज़ अच्छे अच्छे की बोलती बंद कर देता था। टाल के इस बेटे को भाव भीनी श्र्द्धांजलि