Category Archives: साहित्य

अपना दर्द

एक सुनार था, उसकी दुकान से मिली हुई एक लोहार की दुकान थी। सुनार जब काम करता तो उसकी दुकान से बहुत धीमी आवाज़ आती, किन्तु जब लोहार काम करता तो उसकी दुकान से कानों को फाड़ देने वाली आवाज़ सुनाई देती। एक दिन एक सोने का कण छिटक कर लोहार की दुकान में आ […]

शरारती बालक

स्कूल में अध्यापक बच्चे को पढ़ा रहे थे । तभी एक बच्चा बोला श्रीमान प्यास लगी है,अध्यापक ने देखा एक महिला मिट्टी के बर्तन में कुएं से पानी भर रही हैं । अध्यापक बोले उस महिला के पास जाओ और बोलना माँ मुझे पानी दो, कुछ ही देर में बच्चा रोते हुए पास आया और […]

क़दम मिलाकर चलना होगा!

बाधाएँ आती हैं आएँ घिरें प्रलय की घोर घटाएँ, पावों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ, निज हाथों में हँसते-हँसते, आग लगाकर जलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा।   हास्य-रूदन में, तूफ़ानों में, अगर असंख्यक बलिदानों में, उद्यानों में, वीरानों में, अपमानों में, सम्मानों में, उन्नत मस्तक, उभरा सीना, पीड़ाओं में पलना होगा। […]

किसान और जलदेवता

इसबार भी गन्नू काका छप्पर नहीं छरवा पाए। यहाँ वहाँ, छप्पर से रात की चांदनी झिलमिलाती उनके घर के अंदर तो दिन में सूर्य की किरणें झांकती। सच किसान प्रकृति के कितने करीब होते हैं। पर प्रकृति सुंदर है तो वीभत्स भी होती है। यह बारिश की रिमझिम फुहारों के साथ घनघोर वृष्टि भी लाती […]

Donate books campaign

Donate books campaign In association with Mokama dot com मोकामा .  Education First Computer Education ने जरूरतमंद और मेधावी छात्रों को उनकी जरूरत की पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए एक अभियान की शुरुआत की है।  आप भी  साक्षरता के इस मुहीम का हिस्सा बनकर इस अभियान को वृहद स्तर सफल बनाने में सहयोग दे सकते हैं। इस अभियान […]

पहला अध्यापक : चंगीज आइत्मातोव

लघु उपन्यास : पहला अध्यापक / उपन्यासकार : चंगीज आइत्मातोव / भाषा : किरगिज ================== यह कहानी है किर्गिस्तान की विशाल घाटी में स्थित कुरकुरेव गाँव की… जहाँ जातिवाद, महिला उत्पीड़न, पुरुषवादी सोच जैसी परम्पराओं के ढर्रे पर समाज का ताना-बाना कायम है. कहानी का लेखक होश सँभालते ही घर के सामने, छोटी नदी के […]

वो रात दीवाली होगी!

रोशनी से भरा चमन होगा, दीपों से भरी हर डाली होगी, वो रात दीवाली होगी…वो रात दीवाली होगी… बॉंटेगा हर कोई खुशियॉं इधर उधर, होगी खुशहाली हर आँगन होगी, रंग बिरंगी चिंगारी से भरा होगा आसमाँ, बेचारे चाँद के लिए भी जगह खाली न होगी, वो रात दीवाली होगी……वो रात दीवाली होगी

लालची लकड़हारा!

लालचीलकड़हारा एक गाँव मेँ एक लकड़हारा रहता था। जंगल से लकड़ियाँ काटकर जो धन मिलता, उसी मेँ संतुष्ट रहता। एक दिन वह नदी किनारे एक पेड़ काट रहा था और उसकी कुल्हाड़ी पानी मेँ गिर गई। पानी गहरा था और लकड़हारा यह सोच रहा था की किसी तरह अपनी कुल्हाड़ी निकाले, की वहाँ एक देवता […]

अगर करते हो गाँधी से अब तक प्यार !

गलत किया गाँधी ने ,  आदत   लगा दी  लोगों को  पीछे –  पीछे चलने   की  अब लड़ते  ही  नहीं लोग  अपने   हिस्से की  भी  छोटी – छोटी  लडाइयाँ   तकते   हैं  आसमान  की ओर   बाट  जोहते हैं  एक आसमानी  फ़रिश्ते  की  जो  आयगा नंगे   बदन , एक  लाठी पकडे   झाँकेंगी  चश्मे  के  पीछे  से  उसकी […]

अटूट मेहनत!

वरदराज छोटी सी उम्र का बालक था। उसका पढ़ने मेय बहुत मन नहीं लगता था। कई-कई घंटे व्यतीत कर देने के बाद भी उसे याद नहीं होता था। आखिर एक दिन दुखी होकर वह घर से भाग गया। रात एक सराय मे गुजारी। रात भर घर की याद मे उसे नींद नहीं आ रही थी। […]