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Author Archives: Gautam

पहला अध्यापक : चंगीज आइत्मातोव

लघु उपन्यास : पहला अध्यापक / उपन्यासकार : चंगीज आइत्मातोव / भाषा : किरगिज ================== यह कहानी है किर्गिस्तान की विशाल घाटी में स्थित कुरकुरेव गाँव की… जहाँ जातिवाद, महिला उत्पीड़न, पुरुषवादी सोच जैसी परम्पराओं के ढर्रे पर समाज का ताना-बाना कायम है. कहानी का लेखक होश सँभालते ही घर के सामने, छोटी नदी के […]

अकर्मण्यता से हार तक ….

अकर्मण्यता से हार तक …. गौतम कश्यप (आलेख में व्यक्त विचार लेखक की अपनी सोच है , जरूरी नहीं कि “मोकामा ऑनलाइन” भी इससे सहमत हो) जनता ने लोकसभा चुनाव में जिस तरह से मोदी के नेतृत्व में भाजपा को पहली बार पूर्ण बहुमत देकर अन्य दलों को बड़ा सबक सिखाया है उससे संभावना उत्पन्न […]

लोकतंत्र के ताले में अलोकतंत्र की चाभी

लोकतंत्र के ताले में अलोकतंत्र की चाभी गौतम कश्यप (यह आलेख लेखक की व्यक्तिगत सोच हो सकती है. जरूरी नहीं कि “मोकामा ऑनलाइन” इससे सहमत हो.) इस लोकतान्त्रिक देश में राजनीतिक पार्टियाँ ही सबसे ज्यादा अलोकतांत्रिक हैं. दरअसल हमारे संविधान निर्माता इस सम्बन्ध में भविष्य की स्थिति का पूर्वानुमान नहीं लगा पाए फलस्वरूप राजनीतिक पार्टियों […]

उड़न तस्तरी देखने का अनुभव

उड़न तस्तरी देखने का अनुभव गौतम कश्यप सभी चित्र गौतम कश्यप द्वारा लिए गए हैं तिथि : २० सितम्बर २०१३ / ०७ :४८ अपराहन के बाद इस विशाल ब्रह्माण्ड में में न जाने कितनी आकाशगंगाएं हैं और हर आकाशगंगा में न जाने कितने ग्रह और उपग्रह हैं, लेकिन कहा जाता है कि जीवन सिर्फ हमारी […]

सुखी पारिवारिक जीवन का आधार

सुखी पारिवारिक जीवन का आधार                                                                                                     […]

सेना मरने के लिए होती है

“लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल” पर शहीद हुए देश के पांच वीर जवानों के शहीदी पर राजनेताओं के शर्मनाक बयान बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करता है. आखिर देश सेवा में तन-मन-धन से समर्पित जवानों के साथ ये देशद्रोही नेता ऐसी ओछी हरकत क्यों करते हैं.? बिहार के ग्रामीण कार्यमंत्री भीम सिंह ने ऐसा ही एक बयान […]

राजकिशोर सिंह जी को सम्मान पूर्वक विदाई

चिरागों का कोई अपना मकां नहीं होता जहाँ जलता है, वही अँधियारा दूर करता है. उपर्युक्त बातें राजकिशोर सिंह जी, एसडीपीओ पर अक्षरशः सही बैठती है. मोकामा प्रखंड में शांति व्यवस्था स्थापित करने में आपने अपना अहम् योगदान दिया है. एक समय मोकामा और अपराध ये दोनों एक दूसरे के नाम से जाने जाते थे, […]

निडर बनो, संघर्ष करो

निडर बनो, संघर्ष करो हुसैन अली छात्र, चिकित्सा विज्ञान, अर्खेंगाल्स्क (रूस)  तुम निडर बनो , तुम संघर्ष करो, अपनी इच्छाओं को प्रबल करो.   मत सोचो कि आगे क्या होगा, मत सोचो कि तुमने क्या भोगा, बस आज में जीने का निश्चय करो, तुम निडर बनो,  तुम संघर्ष करो,   मत सुनो, यह दुनिया क्या-क्या […]

बड़े लोगों की बड़ी बात

बड़े लोगों की बड़ी बात (संजय दत्त के माफीनामे मुहिम के विरोध में ) गौतम कश्यप स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में नई कानून व्यवस्था लागू हुई. भारत गणतंत्र हुआ और हर नागरिकों को कानून की नजर में बराबर का दर्जा मिला. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या कानून और संविधान द्वारा समाज में […]

अगर आपकी चाची नहीं होती …

अगर आपकी चाची नहीं होती (रूसी भाषा से अनूदित)    अनुवाद : गौतम कश्यप                                                                                     […]