टाल फिर बना चुनावी मुद्दा

मोकामा टाल क्षेत्र के विकास के लिए 1893 करोड़ की योजना.जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा कि टाल क्षेत्र के जल का बेहतर आर्थिक उपयोग और प्रबंधन के लिए समग्र.जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा कि टाल क्षेत्र के जल का बेहतर आर्थिक उपयोग और प्रबंधन के लिए समग्र टाल विकास योजना तैयार की गई है। इसके लिए 1893 करोड़ रुपए की योजना को केंद्रीय जल आयोग के पास भेजा जा रहा है। टालक्षेत्र के विकास की योजना स्थानीय निवासियों की सलाह भी ली जाएगी। इसके लिए टाल क्षेत्र के लोगों ऑनलाइन सलाह मांगी गई है। टाल क्षेत्र के दक्षिण की ओर से आने वाली नदियों पर वीयर चेकडैम बनाकर इस जल का उपयोग फसल सिंचाई के लिए किया जाएगा। जल संसाधन मंत्री सोमवार को सूचना भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी योजना से तटबंधों को मजबूत करने का काम किया है।
(सौजन्य:-दैनिक भास्कर)

मोकामा के मंदिरों में उबड़ा सैलाब ,सावन की पहली सोमवारी

सोमवार को सावन माह के पहली सोमवारी को लेकर गंगा तट पर स्थित महादेव स्थान मे जलाभिषेक के लिए सुबह से ही आस्था का जनसैलाव उमड़ गया। बोलबम का नारा है बाबा एक सहारा है,हर हर महादेव के जयघोष से दिशाए गूंज उठीं। इस दौरान श्रद्धालुओ ने गंगा मे डुबकी लगाकर पवित्र शिवलिंग का जलाभिषेक कर मनौतिया मांगी। लोगों का कहना था कि सच्चे मन और श्रद्धा से बाबा का जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। तपस्वी स्थान,परशुराम स्थान,नारायणी घाट ,मालिया घाट,पाठक घाट ,पीपर तर , के मंदिरों पर सुबह से ही जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।शिवनार में प्राचीन नीलकंठ शिव मंदिर में सावन माह की प्रहली सोमवारी को हजारों लोगों ने भोलेनाथ का दर्शन किया और शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। गंगा में रात से ही लोगों ने स्नान करना शुरू कर दिया। सुबह में जैसे ही बाबा भोले का पट खुला ‘‘बोल बम’ के नारे के साथ जो दर्शन का सिलसिला शुरु हुआ वह देर शाम तक जारी रहा।

इस बीच कई अतिविशिष्ट लोगों ने भी जलाभिषेक किया।सावन के पहली सोमवारी मे शहर एवं ग्रामीण इलाके में शिव भक्तों का आस्था चरम पर देखने को मिला। हर जगह शिवमंदिरों में श्रद्धालूओं की हुजूम सी उमड़ पड़ी। पहली सोमवारी को लेकर जलाभिषेक करने को लेकर अहले सुबह से श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला जारी था। मोकामा के बेटे मंजे कश्यप की आवाज़ में सुनिए सावन मे बाबा भोला को समर्पित ये गीत .

शांति क्लिनिक का शुभारंभ

मोकामा में स्वास्थ्य व्यवस्था बहुत ही ख़राब है.जिस वजह से पिछले 15 सालों से सेकड़ों जाने गई है जिसे समय पर सही इलाज से बचाया जा सकता हा था.सरकार की उदासीनता कहिये या बेफिक्री उसे जनता के इस दर्द से कोई वास्ता नहीं .छोटे मोटे क्लिनिक खुल रहे है हैं.पर वो ऊंट के मुंह में जीरा के समान हैं.लेकिन कहते हैं न डूबने वाले को तिनका का सहारा ही बहुत होता है .आज 29 जुलाई को शांति क्लिनिक का शुभारम्भ मोकामा में किया गया है,धर्मेंद्र कुमार एवं राजकपूर जी ने मिलकर इसका उद्घाटन किया .इस क्लिनिक में बेगुसराय से भी नियमित डॉक्टर आया करेंगे.डाँ रामकृष्ण ( फिजिशियन M.B.B.S) 4 :00 Pm से 8:00 pm तक प्रतिदिन एवं एवं डॉ गुड़िया कुमारी (स्त्री एवं प्रसव रोग विशेषज्ञ ) सुबह 11:00 am से 3:00 pm तक प्रतिदिन मरीजो को देखेंगी.मोकामा घाट सिसौनी में इस क्लिनिक के खुलने से लोगो को अब थोरी रहत मिलने की सम्भावना है.

अशोक धाम में श्रावणी मेला शुरू, सांसद ने किया उद्घाटन

अशोक धाम में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शनिवार से शुरू हो गया. सांसद वीणा देवी ने श्रावणी मेले का उद्घाटन किया,उनके साथ लखीसराय के विधायक एवं मंत्री विजय सिन्हा भी थे. सुबह से ही कांवड़ियां कतारबद्ध होकर बाबा बैद्यनाथ को जलाभिषेक कर रहे हैं. मंदिर परिसर पूरा केसरियामय हो चुका है. वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा का पुख्ता इंतजाम किया गया है.सांसद वीणा देवी ने सुबह बाबा भोला की पूजा अर्चना की. सांसद ने बाबा भोलेनाथ से बिहार प्रदेश और मुंगेर की जनता की सुख-समृद्धि की कामना की.पूजा के बाद सांसद बाबा अशोक धाम मंदिर के पंडित से मिली और उनसे आशीर्वाद लिया. यहां से वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ मोकामा रवाना हुई . 28 जुलाई से शुरू हुआ ये श्रावणी मेला 26 अगस्त तक चलेगा.सांसद इस बार श्रावणी मेले पर खुद नजर रख रही हैं. लिहाजा, प्रशासन भी किसी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है.

अशोक धाम आने वाले शिव भक्त और कांवरियों के लिए इस बार माकूल इंतज़ाम किए गए हैं. पानी, बिजली, सड़क के अलावा कावरियों को रात में ठहरने के लिए टेंट और जगह-जगह पर चिकित्सा सुविधा का भी खास ध्यान रखा गया है.दूर दूर से बाबा के भक्त उनके दर्शन करने को यंहा पैदल चलकर आते है ,यह रास्ता काफी कठिन होता है. इस दौरान भक्तों को पथरीले सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है, लेकिन उत्साह का माहौल बना रहता है.मोकामा के बेटे मंजे कश्यप द्वारा गाया गया भगवान् शिव की आराधन में गाया गया अद्भुत गीत देखिये .

मोकामा बड़हिया टाल किसान उपवास पर ,नेता उपहास पर

पिछले डेढ साल से मोकामा बरहिया टाल के किसान अपने उत्पाद के वाजिब मूल्य और उसके क्रयकेन्द्र के लिये लगातार संघर्ष कर रहे हैं ।आज भी किसानों ने प्रखंड मुख्यालय पर फिर से सामुहिक उपवास कर अपनी माँगों को दुहराया ।किसानों की माँग..1. स्थाई क्रय केन्द्र.2. वर्तमान में तय MSP लागत मूल्य से काफी कम है, इसे दुगना किया जाये ।3. तेलंगाना राज्य के किसानों के तर्ज पर बिहार के किसानों को भी 10′,000 रु प्रति एकड़ राज सहायता मिले ।4. दुध के दामों में 10रु प्रति लिटर की बढोतरी हो ।5. किसानों की पंजीकरण में काफी परेशानी हो रही है, प्रखंड के सभी सहज वसुधा केन्द्र ठीक से काम नहीं कर रहे हैं ।अधिकांश का पता ठिकाना भी नहीं है, अतः सरकार इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करे ।कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री प्रमोद सिंह , शेरपुर द्वारा की गयी । कार्यक्रम में आनंद मुरारी, ओमप्रकाश, भवेश सिंह, प्रणव शेखर शाही, रविशंकर ,उमेश सिंह इत्यादि किसानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई ।

एक भी स्तरीय नेता ने अभी तक किसानो के हित की कोई बात नहीं की है.सभी ने किसानो को उसके बदहाली पर रोने के लिए छोड़ दिया है.ठीकेदारों के लिए 40 करोड़ का काम बंटेगा मगर किसान भूखा मरेगा.

डॉ कलाम बहुत आप बहुत याद आयेंगे

मिट्टी से जन्मा एक व्यक्ति जिसे मिट्टी ने ही गढ़ा। समुद्र ने जिसे विशालता दी। बच्चों की मासूमियत ने भोलापन दिया। प्रकृति ने निश्छलता। संगीत और कविता ने संस्कार। ज्ञान ने गहराई। आसमान ने सपने दिए और पक्षियों नें परवाज़ अता की। और फिर इस तरह भारत में बना एक अद्भुत, अद्वितीय कलाम। एक ‘अग्नि-पुरूष’ जिसकी आग ने देश को शीतलता का अहसास दिया I एक लंबे अरसे तक अपनी ऊर्जा, ज्ञान और चमक बिखेरने के बाद वर्तमान भारत में बच्चों और युवाओं का आखिरी ‘रोल मॉडल’ भी चला गया। आकाश में बैठे अकेले, उदास ईश्वर को उसकी जीवंतता, सादगी, निश्छलता और उजली हंसी शायद बहुत भा गई। अब दूसरी दुनिया में लगा करेगी कलाम सर की क्लास !खिराज़, सर ! कभी मुलाक़ात हुई तो ईश्वर से ज़रूर पूछना कि एक अरसे से उसने आप जैसे प्यारे-प्यारे लोगों को भारत में भेजना क्यों बंद कर रखा है.(Dhruv Gupt)

जाने महादेव स्थान मोकामा वाले गंगाधर महादेव की कथा

जटाजूटमध्ये स्फुरद्गांगवारि,महादेवमेकं स्मरामि स्मरारिम्।।(वेदसारशिवस्तव:).अर्थात्–जिनके जटाजूट में श्रीगंगाजी खेल रही हैं, उन एकमात्र कामारि श्रीमहादेवजी का मैं स्मरण करता हूँ।पर्वतराज हिमालय की ज्येष्ठ कन्या हैमवती गंगा को मृत्युलोक में जाने का आदेश तो ब्रह्माजी ने दे दिया, पर गंगा के स्वर्ग से गिरने का वेग एक समस्या बनकर रह गई। ब्रह्माजी ने स्पष्ट कहा–’गंगा के गिरने का वेग पृथ्वी सहन नहीं कर सकेगी। केवल त्रिनेत्रधारी शंकर में ही इसके प्रचण्ड वेग को रोकने की क्षमता है।’आकाश से गिरती हुई गंगाजी को, जो स्वच्छ, सुन्दर एवं चंचल जलराशि से युक्त तथा ऊंची-ऊंची लहरों से उल्लसित होने के कारण भयंकर जान पड़ती थी, भगवान शिव ने फूलों की हिलती हुई सुन्दर माला की भांति सहसा ही अपने मस्तक पर धारण कर लिया। भगवान शंकर के सिर पर अपनी लहरों के साथ लहराती हुई गंगा आकाश से इस प्रकार अवतरित हो रही है, जैसे चन्द्रमा को निर्मल मृणालकन्द (कमल के डंठल के मध्य का रेशा) समझकर उसे पाने की इच्छा करती हुई और अपने पंखों को हिलाती-डुलाती हंसिनी आकाश से सरोवर में उतर रही हो। भगवान शंकर की अनुकम्पा ने पृथ्वी को गंगा जैसा अद्भुत उपहार प्रदान किया, उन औघड़दानी शिव की प्रशंसा में जितना कुछ कहा जाए, कम ही होगा।गंगा किनारे 108 गंगाधर शिव विराजमान हैं जिन्होंने गंगा के प्रचंड वेग को काबू किया.मोकामा के महादेव स्थान वाले शिव भी गंगाधर शिव हैं जो शिवलिंग में विराजते हैं,

भगवान शंकर का मंदिर महादेव स्थान मोकामा के दो टोलों के ठीक बिच में है .जी हाँ मोकामा के सकरवार और मोलदियार टोला का बोर्डर है . रामायण काल में जब राम भगवान अपने गुरुदेव के साथ माता सीता के स्वयम्बर में जा रहे थे तो इसी महादेव स्थान में उन्होंने विश्राम किया था राम ने महादेव की पूजा आराधना की थी .भगवान राम ने जब भी महादेव की पूजा की भगवान शंकर ने उनकी इच्छा पूरी की . भगवान राम ने मोकामा में महादेव की पूजा की थी और मंदिर में विश्राम किया था तब से ही इस जगह को मोकामा कहा जाने लगा ..एक जगह और भी जब भगवान राम ने महादेव को इसी रूप में पूजा था तो वंहा का नाम रामेश्वरम पड़ा .बड़ी पवित्र जगह है महादेव स्थान . एक समय में महादेव स्थान मोकामा का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र था .कलकत्ता ,बनारस ,बम्बई ,पटना आदि से लोग यंहा व्यापार करने आते थे . यंही पर गौरी माता का भी मंदिर है .कुमारी कन्यायें यंहा दोनों मंदिर में अपने लिए अछे पति की प्रार्थना करती है .और महादेव और माता गौरी की कृपा से उन्हें अपना मन पसंद जीवन साथी मिलता है .आइये सुनते है इस सावन अपने मोकामा के बेटे मंजय कश्यप की आवाज़ में गाया गया बाबा भोला का पावन गीत

मोकामा लिख रहा सुनहरा इतिहास , डॉ अब्दुल कलाम के 100 से ज्यादा कायर्क्रम

रालोसपा युवा के प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता जयवर्धन शर्मा के नेतृत्व में पूर्व राष्ट्रपति कलाम साहब के पुण्यतिथि के पूर्व संध्या पर स्थानीय गुलेश्वरी भवन में कार्यक्रम किया गया.उनके चित्र पर उपस्थित लोगों ने फूल समर्पित किया.इस अवसर पर गोपाल जी,सुमित कुमार सिंह, सुभम कुमार ,ललन कुमार ,अमित कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।श्री जयवर्धन शर्मा ने कलाम साहब के जीवन से युवाओं को सिख लेने को कहा.उन्होंने उनके “छोटी सोच अपराध है” कथन पर जोर देकर इसे युवाओं को जीवन में आत्मसात करने पर बल दिया.माँ भगवती कोचिंग सेण्टर में बच्चों ने डॉ अब्दुल कलाम के छोटे बड़े सेकड़ों चित्र बनाये ,चन्दन सर के नेत्रित्व में इन चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई.सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री गोरख बाबु ,उदय दा ने इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया .विद्यार्थी हिंदी पुस्तकालय मोकामा में विजय कुमार और चन्दन कुमार के नेत्रित्व में क्विज़ का आयोजन किया गया .डॉ कलाम को श्रद्धांजलि दी,उनके वैज्ञानिक जीवन पर चर्चा की गई.रामेश्वरम से राष्ट्रपति भवन तक की यात्रा पर विस्तृत रूप से चर्च हुई .

स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय, मोलदियार टोला में काका कलाम मंच की ओर से आयोजित परिचर्चा में अजय कुमार, डॉ. सुधांशु शेखर, चंदन कुमार, पप्पू दा ,उदय कुमार ने कलाम के 2020 के विजन को रखा। Science Tutorials Chemistry Classes,Mokama बच्चों ने अपने शिक्षक के साथ मिलकर डॉ अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि दी ,उनके बताये मार्ग पर चलने का शपथ लिया .रेड रोज हैप्पी स्कूल में बच्चों ने डॉ अब्दुल कलाम को चित्र बना कर याद किया ,छोटे छोटे बच्चों ने अब्दुल कलाम के बड़े बड़े चित्र बनाये.क्यूज सेंटर वरहपुर चंदन नगर के छात्र अब्दुल कलाम के पुण्य तिथि पें उनकी पूरे जीवन चक्र कों याद करतें हुए उन्हे श्रधा सुमन अर्पित करतें हुए उनके द्वरा बताए गए मार्ग कों अपनाने का संकल्प लिया । श्रधा सुमन अर्पित करतें हुए धीरज कुमार बताये की कलाम साहब जिस तरह से अर्श से फर्श का सफर तैय किए ये ।उनलोगों के लिए उदाहरण हें जो अपनी पढ़ाई इस लिए छोड़ देते की उनके घर की आर्थिक समस्या हें । वो आगे बताते हें की घर परिवार , समाज औऱ देश कों आगे ले जाना हें तो केवल शिक्षा औऱ शिक्षित समाज होना अनिवार्य हें औऱ तभी जाकर कलाम कि मिशन 2020सफल होगा । अमरजीत कुमार कलाम की वचन ” भाग्य के भरोसे बैठे लोगो कों उतनी ही मौका मिलता हे जितना प्रयास करणे वाले छोर देते हे ” कों दुहराते हुए वर्तमान समय मे प्रतियोगी परीक्षा मे बढ़ रहे प्रतिस्पर्द्धा कों लेकर कों सजग होने कों क़हा । वही इस कार्यक्रम मे शमिल प्रदीप , सुजीत , संजीव ( राणा ) , ज्योतिष , संदीप , शशिकांत , गौतम प्रभाकर , घनश्याम , श्याम , सूर्यदेव , पंकज , बंटी ने संयुक्त रूप से संकल्प लिया की देश की प्रगति के लिए हमेशा प्रयासरत चाहे खुद का प्रस्थिति कुछ हो ।पाटलिपुत्र जन संसथान हथिदह मोकामा के सौजन्य से आयोजित प्रखंड स्तरीय मेधा जाँच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ज्सिमे 1000 से जायदा बच्चों ने हिस्सा लिया .तारा उच्च विद्यालय में चित्र कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया .रामरतन सिंह महाविद्यालय में कॉलेज़ की स्थापना दिवस मनाई गई उसके साथ ही पूर्व राष्टपति को श्रद्धांजलिदी गई

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति में मोकामा के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, कोचिंग सेंटर सहित 100 से ज्यादा जगहों पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है . मोकामा के शहरी क्षेत्र के साथ ही सिसौनी,मोकामा घाट ,औंटा,हथिदह,मरांची,ताजपुर, हेमजा, रामपुर डुमरा, मालपुर, बादपुर, आदि जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी कलाम की पुण्यतिथि मनाई जा रही है . इस मौके पर कई तरह के आयोजन किये गये है.विज्ञान पर्दर्शनी ,काव्य पाठ,चित्रकला प्रतियोगिता,मेघा परतियोगिता,क्विज ,भाषण ,सामान्य पूजा . सुबह से ही इस कार्यक्रम की शुरुवात हो चुकी है..

रामरतन सिंह महाविद्यालय का स्थापना दिवस आज मनाया जाएगा

आज ही के दिन बाबु रामरतन सिंह ने अपने गावं समाज की शिक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखकर मोकामा में अपने सेकड़ों एकड़ जमीन दान करके इस महाविद्यालय की स्थापना की थी.जब लोग किताब कॉपी से नाता भी नहीं रखते थे उस ज़माने में भी मोकामा के भविष्य की चिंता कर रहे लोगो ने अपने खून के एक एक बूंद से इस कॉलेज़ को सहेजा सवांरा ताकि आने वाली पीढ़िया समाज में कन्धा से कन्धा मिलकर आगे बढ़ सके.बुजुर्गो के इस देन को लोगो ने प्यार से नाम दिया बाबा कॉलेज़ जो मोकामा के दशा और दिशा को बदलने वाला साबित हुआ.बाद के कई दशको तक इस कॉलेज़ ने कई येसे येसे विद्यार्थी और प्रोफ़ेसर देखे जिन्होंने इस कॉलेज़ का नाम बुलंदियों तक पहुँचाया.डॉ बैद्यनाथ शर्मा ,डॉ राम नरेश शर्मा,के के नारायण,डॉ शिव नारायण शर्मा,डॉ श्रीकान्त शर्मा,संजीव कुमार ,राजेन्द्र प्रसाद सिंह जैसे प्रोफ़ेसर ने इस कॉलेज़ को मगध कॉलेज़ के सबसे मजबूत और सबसे प्रगतिशील कॉलेज़ में शामिल करवाया.संजीव कुमार बाद में बिहार में ही एम् एल सी निर्वाचित हुए और बहुत मंझे हुए नेता साबित हुए.यंहा के छात्रों ने पुरे भारत में प्रतिभा का परचम लहराया.चाहे वो कोई क्षेत्र हो ,राजनीती में श्याम सुन्दर सिंह धीरज ने वर्षों तक अपनी धाक बनाये रखी थी ,जबकि वर्तमान में कन्हैया कुमार ने अपने बोलने की अद्भुत शैली से भारत में अपनी एक नयी पहचान बनाई है.खेल के खेत्र में तो अगणित बच्चों ने अपना नाम कमाया है ,स्मिता कुमारी को कौन भूल सकता है जिसे देश ने गोल्डन गर्ल से नवाज़ा .समाज को हमेशा सहयोग करने वाले वेंकटेश नारायण सिंह जैसे विद्वान् बिभुतिओं को देने वाला जिसकी विद्वता की चर्चा खुद पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी भी किया करते थे .डॉ सुधांशु शेखर जैसे उभरते लेखक और कवी जिनकी किताब और उनका आकशवाणी पाठ कितना चर्चित रहा है.

आइये आज इस कार्यक्रम का हिस्सा बनके बाबा जी को याद करें.

कलाम मानो मोकामा में बसते हों

अपना कार्यकाल पूरा करके कलाम जब राष्ट्रपति भवन से जा रहे थे तो उनसे विदाई संदेश देने के लिए कहा गया. उनका कहना था, ‘विदाई कैसी, मैं अब भी एक अरब देशवासियों के साथ हूं.’आज मोकामा के बच्चे जिस तरह से डॉ अब्दुल कलाम को समर्पित सप्ताह मना रहे हैं,यूँ लगता है डॉ अब्दुल कलाम मोकामा में ही कंही बस गये है.पिछले 5 दिनों से मोकामा के हजारो बच्चे सिर्फ अब्दुल कलाम की बात कर रहे हैं.हर कोई उनके जैसा दिखने बनने की कोशिश कर रहा है.बच्चों का मनोबल देखकर लगता नहीं की कलाम हमारे बीच नहीं है.और सच भी है कलाम मरा नहीं करते वो जिन्दा हैं भारत के हर उस बच्चे के सपने में जो देश के लिए कुछ करना चाहते हैं.अमीर गरीब जात पात से उपर उठकर मोकामा का हर तबका डॉ कलाम को समर्पित सप्ताह में अपना अपना सहयोग दे रहे हैं. पुरे भारत में मोकामा पहला येसा गावं होगा जन्हा डॉ अब्दुल कलाम को याद करने के लिए 100 से ज्यादा आयोजन किये जा रहे हैं.अपने आप में एक अनोखा और अद्भुत कार्यक्रम .सिर्फ बच्चे ही नही बड़े लोगों में भी उत्साह की सीमा नहीं है.नयी नयी रूप रेखा तैयार की जा रही है.

मोकामा के हर्ष राज रानू ने मिसाइल लांच कर डॉ कलाम को याद किया ,जबकि पाटलिपुत्र जन संस्थान ने प्रखंड स्तरीय मेधा जाँच प्रतियोगिता करवाया जिसमे 1000 से जायदा बच्चों ने भाग लिया .रेड रोज हैप्पी स्कूल के बच्चों ने अपने हाथों से डॉ कलाम की तस्वीर बनाई .काका कलाम मंच ने आज कलाम काव्य पाठ का आयोजन स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय में किया है.एमबीटीसी कोचिंग परिसर में आज शाम कलाम पर परिचर्चा आयोजित की गई है .डॉ अब्दुल कलाम को समर्पित सप्ताह की विडियो देखिये .