शमा जलती रहे तो बेहतर है

‘लोग मैदान में शौच करके चले जाते थे…ताकि मैं खेल न सकूं’ ये कहना है कब्बडी खिलाड़ी शमा परवीन  का .

पिछले कुछ वर्षों से मोकामा की मिट्टी ने कुछ येसे हीरे उगले हिया जिसकी चमक से पूरा हिन्दुस्तान चमका है.कभी स्मिता ,कभी नीतू ,कभी शमा .मोकामा के गौरव की जब भी बात होगी आप सबका नाम सबसे ऊपर होगा.


शमा परवीन बिहार के मोकामा की बेटी है जिसने कब्बडी में अपना जूनून साबित किया.  मोकामा के दरियापुर गांव की शमा परवीन अपनी टीम में कॉर्नर पोजिशन से खेलती हैं. अपनी टीम की वह चर्चित रेडर भी है. अल्पसंख्यक परिवार से आने वाली शमा के पिता इलियास जी ने ने ही उसे कबड्डी सिखाई थी. बेहद गरीब परिवार से आने वाली शमा परवीन बचपन से ही कबड्डी खेल रही हैं.

बहुत विरोध के वावजूद अपने जूनून को जीत में बदला .एक इंटरव्यू के दौरान शमा ने कहा कि गांववालों को उनका कबड्डी खेलना मंजूर नहीं था, अक्सर लोग मैदान में शौच करके चले जाते थे, शीशा फेंक देते थे, कील तक फेंकते थे ताकि मैं उस मैदान में खेल ना पाऊं. शमा ने अपने पुराने दिनों को याद कर कहा कि वो उसके घरवालों और रिश्तेदारों पर दबाव बनाते थे, ताकि वो खेल न सके,दादी तक ने उसका विरोध किया था.मगर पिता इल्यास   को पूरा भरोसा था .और शमा ने उस भरोसे को जीत में बदल दिया.साल 2007 में आरा में एक मैच में जीतने के बाद इनाम के तौर पर उसे 100 रुपए मिले थे। इसके बाद शमा ने पिछे मुड़कर नहीं देखा. जूनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप और फिर सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में शमा ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. इसके बाद शमा 2017 में एशियन महिला कबड्डी चैंपियनशिप के लिए ईरान पहुंची. यहां शमा ने गोल्ड मेडल जीता. इसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शमा को बधाई दी.

मोकामा की इस बेटी ने तमाम बाधाओं को पार करके अपनी राह बनाई.अपने छोटे बालों और कपडे पर हसने वालों को अपने जीत से चुप कराया. पूरा विडियो देखिये.

शारदा सिन्हा को पद्म भूषण

अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान से नयी मिसाल कायम करने वाले देश के 85 विशिष्ट व्यक्तियों को बृहस्पतिवार को पद्म सम्मान दिये जाने की घोषणा की गयी. इनमें बिहार की मशहूर लोकगायिका शारदा सिन्हा तथा वैज्ञानिक व इंजीनियर मानस बिहारी वर्मा के नाम भी शामिल हैं. शारदा सिन्हा को पद्म भूषण और मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री अवार्ड देने की घोषणा की गयी. 74 वर्षीय मानस बिहारी वर्मा ने देश के पहले बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान तेजस के विकास में अहम योगदान दिया है.

शारदा सिन्हा बिहार की एक लोकप्रिय गायिका हैं. इनका जन्म 1 अक्टुबर 1952 को हुआ. लोकगीतों के लिए इन्हें ‘बिहार-कोकिला’, ‘पद्म श्री’ एवं ‘पद्म भूषण’ सम्मान से विभूषित किया गया है. इन्होंने मैथिली, बज्जिका, भोजपुरी के अलावे हिन्दी गीत गाये हैं. मैंने प्यार किया तथा हम आपके हैं कौन जैसी फिल्मों में इनके द्वारा गाये गीत काफी प्रचलित हुए हैं. इनके गाये गीतों के कैसेट संगीत बाजार में सहजता से उपलब्ध है. दुल्हिन, पीरितिया, मेंहदी जैसे कैसेट्स काफी बिके हैं. बिहार एवं यहाँ से बाहर दुर्गा-पूजा, विवाह-समारोह या अन्य संगीत समारोहों में शारदा सिन्हा द्वारा गाये गीत अक्सर सुनाई देते हैं.

बिहार की हर गलियों में जब तक शारदा सिन्हा का गया छठ पूजा का गीत नहीं सुने देता तबतक छठ को वो उमंग नहीं आता है.

बस 5 लाख और ए. के. 47, काम तमाम

मोनू और निलेश के पकडे जाने के बाद पुलिस और छापे मार रही है ,कल गुड्डू सिंह को मरने वाले 4 अपराधियों को पटना से  पकड़ा गया है.

बाढ़ कोर्ट परिसर में 8 सितंबर, 2017 को कुख्यात गुड्डू सिंह की हत्या करने के मामले में पटना पुलिस ने चार और अपराधियों को नौबतपुर थाना इलाके के निसारपुर बगीचा के पास से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने मनेर के राहुल कुमार, नौबतपुर के विद्यानंद उर्फ होंठकटबा, बिट्टू उर्फ सन्नी और बिहटा के धनित सिंह को तीन देसी पिस्टल, सात राउंड जिंदा कारतूस और चार मोबाइल के साथ गिरफ्तार कर लिया. होंठकटबा के पिता केश्वर राय आईटीबीपी के जवान हैं. पूछताछ के दौरान होंठकटबा ने खुलासा किया कि गुड्डू सिंह पर पहली गोली उसी ने चलाई थी। उस वक्त उसके साथ मोनू भी मौजूद था. बाकी के लगभग दस अपराधी कोर्ट के बाहर पुलिस पर नजर रख रहे थे. वे लोग पूरी तैयारी कर कोर्ट गए थे. मोनू स्काॅर्पियो में एके 47 भी लाया था ताकि पुलिस आती है तो उससे भी मुठभेड़ किया जा सके. उसने कहा कि उसे इस काम के लिए 50-50 हजार रुपए देने की बात कही गई थी. बिहटा के कुख्यात मनोज को सोनू मोनू ने गुड्डू की हत्या करवाने के लिए 5 लाख की सुपारी दी थी और काम के बाद एके 47 भी देने का डील किया हुआ था. एसएसपी मनू महाराज ने बताया कि मनोज कुख्यात अपराधी है और गिरफ्तार शातिर उसी के लिए काम करते हैं.

पिटी पुलिस

यूँ तो सरस्वती माँ की पूजा ज्यादात्तर विद्यार्थी करते है.मगर जिस तरह से आज कल कुछ अराजकतत्व भी सरस्वती पूजन का आयोजन करने लगे है.जिस तरह से पंडाल में अश्लील गीतों पर नृत्य किया जाता है.आये दिन सरस्वती पूजा में झगड़े का समाचार मिलता रहता है.

कल की घटना मोकामा के घोसवरी से है ,सरस्वती विसर्जन को जा रहे लोगों की पुलिस से झड़प हो गई. बात हाथापाई तक पहुच गई और दो पुलिस वाले ही घायल  हो गए .घोसवरी के रामनगर गांव के लोग डीजे की धुन पर नाचने-गाने के दौरान सड़क को जाम कर रखा था. पुलिस ने मना किया तो उलझ गए. मामले में 6 नामजद एवं 40 अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया है.

आखिर सरस्वती के उपासक पुलिस तक से भिड  जाते है क्या  ,रोड जाम करते है क्या .अश्लील गीतों पर डांस करते हजी क्या.उन्हें तो बस कितोबों से मतलब होना चाहिए.पढाई ही पूजा होनी चाहिए.

मोकामा-बख्तियारपुर बंद

फिल्म पद्मावत के सिनेमाघरों में लगने से पहले ही बाढ़ अनुमंडल की विभिन्न जगहों पर अलग-अलग संगठनों ने अलग-अलग समय पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया, जिससे लगभग 7 घंटों तक बाढ़-मोकामा सड़क जाम रहा. सबसे पहले सुबह भुवनेश्वरी चौक पर सुबह 6 बजे से बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जाम कर प्रदर्शन किया, जिससे करीब दो घंटे तक बाढ़-बख्तियारपुर और बाढ़-मोकामा सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद रहा. जब वे 8 बजे सड़क से हटे तो कुछ देर बाद ही करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने भी एकजुट होकर शहर के सवेरा मोड़ के पास जाम लगा दिया. कार्यकर्ताओं ने लगभग पांच घंटों तक बाढ़-मोकामा और बाढ़-बख्तियारपुर सड़क मार्ग को पूरी तरह से बाधित कर दिया. पांच घंंटों में तीन बार पुुलिस समझाने आई लेकिन कार्यकर्ताओं ने साढ़े 12 बजे उनकी बात मानी व लगभग एक बजे जाम समाप्त हुआ. वहीं पंडारक प्रखंड के कोंदी गांव के समीप हिंदू समाज के दर्जनों लोगों ने 1 बजे से 2 बजे तक फिल्म का विरोध करते हुए सड़क पर टायर जला आगजनी की, जिससे सरमेरा-सहरी-बाढ़ पथ घंटों प्रभावित हो गया. अथमलगोला प्रखंड में भी फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली का पुतला दहन किया गया. 

राजेंद्र सेतु अनदेखी तस्वीर

आजाद भारत का सबसे बड़ा चुनौती था मोकामा का राजेंद्र सेतु ब्रिज का निर्माण.बिहार के प्रथंम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह जी हर हाल में इस ब्रिज का निर्माण करवाना चाहते थे. अपने जिद के कारन उन्होंने पंडित नेहरु से इसका शिलान्यास भी करवा लिया ,धन भी जुटा लिया .विश्वेश्वरैया ने पुल का निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया.वो प्रतिदिन मोकामा से राजेंद्र ब्रिज तक सायकिल से जाते थे .ये सायकिल उन्हें मोकामा के ही स्थानीय लोगों से मिला था.विश्वेश्वरैया दिन भर राजेंद्र सेतु के लिए काम करते और रात को पुनह आराम के लिए मोकामा में ही रुकते थे.राजेंद्र सेतु अपनी  मजबूती के कारण पूरे विश्व में जाना जाता है। इसे बनाने में जितना हाथ बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह,भारत के पहले प्रधानमंत्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू,भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद और इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का है उतना ही योगदान उन मजदूरों का भी था ,स्थानीय लोगो का भी था जिन्होंने हर सम्भव सेतु निर्माण में मदद किया था। आइये देखते है राजेन्द्र सेतु के निर्माण की कुछ अनदेखी तस्वीर ।सभी अनदेखी तस्वीर के लिए विडिओ देखिये .


भाजयुमो का रथ रवाना

भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक नितिन नवीन और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कुमार ने बाढ़ जिला भाजयुमो द्वारा निकाले गए ‘युवा जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह’ के रथ को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश मुख्यालय से रवाना किया। यह रथ फतुहा से मोकामा तक गांव-गांव एवं शहरों में जाकर जनप्रतिनिधियों को 28 जनवरी को बापू सभागार में आयोजित युवा जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में शिरकत करने के लिए आमंत्रित करेगा। इस अवसर पर कुमार राघवेंद्र, संजीव चौरसिया, सीमान्त शेखर, आलोक रंजन, राजू कुमार मुन्ना, अवनीत कुमार रंजन, विक्की सिंह, मो. नाजीम, गुलशन कुमार आदि मौजूद थे.युवा जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह से भाजपा युवाओ को साथ लाने का प्रयास कर रही है.मोर्चा अध्यक्ष पूनम महाजन भी इस कार्यकर्म को बहुत करीब  निरिक्षण कर रही है.

मर्डर मोकामा में -गोली मार कर हत्या

पंडारक के हरेराम की हत्या गोली मार कर कर दी गई.अभी कीसी के पकडे जाने की कोई सुचना नहीं है.६० वर्षीय हरेराम को पंडारक स्टेशन के पास मार दिया गया . पूरी रात शव पटरी किनारे पड़ा रहा. बुधवार की सुबह परिजनों को हरेराम का शव पड़ा रेल पटरी पर पड़े होने की सूचना मिली. परिजनों ने बताया हरेराम खुशरूपुर गए थे. पूरी रात घर नहीं पहुंचने पर खोजबीन की जा रही थी. आशका जताई जा रही है कि हत्यारे वृद्ध के लौटने के इंतजार में घात लगाए थे. सूचना पर पंडारक थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. इस दौरान मोकामा रेल थाने को पटरी किनारे शव पड़ा होने की सूचना पर स्टेशन मास्टर ने मेमो दिया. तबजाकर मोकामा जीआरपी का क्षेत्राधिकार निर्धारित हुआ.बताया जाता है की उनका भी चरित्र संदिघ्ध था .

पुलिस ने बताया कि हरेराम पर पंडारक थाने में चार आपराधिक मामले भी दर्ज हैं. क्षेत्र में राम जनम यादव व उदय यादव गिरोह के बीच वर्षो से गैंगवार चल रहा है. पुलिस ने हरेराम का संबंध भी एक गैंग से होने की बात कही. पिछले महीने इन गिरोहों के गैंगवार में विनोद यादव को दियारा क्षेत्र से अगवा कर हत्या कर दी गई थी. विरोध में ग्रामीणों ने एनएच 31 पर जाम भी लगाया था.  बताया जा रहा है कि उदय यादव गिरोह को हरेराम यादव पर रामजन्म यादव गिरोह की मुखबिरी करने का शक था.रामजन्म यादव के लिए मुखबिरी के शक में ही उदय यादव गिरोह द्वारा हत्या की बात बताई जा रही है .इस वृद्ध की हत्या विनोद की हत्या के प्रतिशोध में होने की आशका पुलिस ने जताया है , रेल थाने ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम को भेजा है.मृतक के दो पुत्र दिल्ली में काम करते हैं. उनके आने के बाद प्राथमिकी दर्ज होने की कार्रवाई किये जाने की बात कही. हत्या की घटना से क्षेत्र में दहशत है. शाति प्रिय लोग अनहोनी की आशका को लेकर सहमे हुए हैं.

नंदन अस्पताल का शुभारंभ

मोकामा स्टेशन रोड में बसंत पंचमी के अवसर पर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ किया गया. सामाजिक कार्यकर्ता राकेश नंदन प्रसाद सिंह और श्रीमति नीलम सिंह द्वारा फीता काटकर और नारियल फोड़कर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ किया गया. अस्पताल के निदेशक डॉक्टर शरद नंदन और डॉक्टर रश्मिका सिंह ने बताया कि अस्पताल में सभी प्रकार के बीमारियों की इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी. मोकामा में स्वास्य सेवाओं की कमी को देखते हुए मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ किया गया है. उन्होंने बताया कि मोकामा में पटना के डॉक्टरों को बुलवाकर स्वास्य सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी. अस्पताल के निदेशक डॉ. शरद नंदन ने बताया कि आम लोगों और गरीब जरूरतमंदों को बुनियादी स्वास्य सेवाएं मुहैया कराना अस्पताल का लक्ष्य होगा. प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. मारुत नंदन ने कहा कि हर चिकित्सक जरूरतमंदों तक अपनी सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रयासरत हो तो आम लोगों को भी उनके घर के आसपास सभी प्रकार की स्वास्य सेवाएं मुहैया हो सकती हैं. हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार ने कहा कि वह अपनी सेवाएं आम लोगों को प्रदान करने में हर अपना हर संभव योगदान देंगे.

डर या लालच क्या है सच

पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम में जिस तरह मोकामा  विधायक अनंत सिंह  जी का नाम बार बार मिडिया में उछाला जा रह है. सचमुच 50 लाख की सुपारी दी  गई थी या बस पब्लिसिटी स्टंट था.पुलिस ने जो प्रेस रिलीज जारी  किया था उसमे अनंत सिंह को मारने का प्लान हो  येसा  कुछ भी नहीं था..तो फिर कौन है जो अनंत सिंह के बारे में येसी बाते वायरल करता है .अंसारी और अनंत की कोई दुश्मनी नहीं फिर मुख्तार अंसारी का नाम क्यों लिया जा रहा है.

 

 

 

 

राजनीती के गलियारे से बात उठ रही है की येसी बाते खुद ही मिडिया से प्लांट करवाई जा रही है ताकि मिडिया में बना रहा  जा सके.चुनाव की भी उलटी गिनती शुरू है . आम चुनाव के साथ ही बिहार  विधानसभा चुनाव भी मुमकिन है तो उसकी तैयारी की शुरुआत भी की जा रही है. बार बार किसी न किसी घटना से जोड़ कर सहानभूति बटोरने की बात भी हो रही है.ताकि चुनाव में सहानुभूति वोट भी पाया जा सके .

अभी लोकसभा से पहले राज्यसभा का चुनाव है .खेल काफी रोचक हो गया है .एक एक विधायक महवपूर्ण है .निर्दलीय विधायक तो सबसे जयादा .भाजपा और जदयू  दोनों को अपनी सीटें बचाने  के लिए निर्दलीय विधायक भी चाहिए.कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी तो जदयू का भरोसा जीत चुके है और  हो सकता है राज्यसभा के चुनाव में वो जदयू को समर्थन दें.बोचहां  विधायक बेबी कुमारी भी एनडीए के सम्पर्क में है वो भी भाजपा या जदयू के समर्थन में वोट करेंगी.वाल्मीकि नगर  विधायक धीरेंद्र प्रसाद सिंह भी एनडीए के सम्पर्क में है,बगहा में आयोजित पार्टी स्तर पर हुई एक बैठक में एनडीए नेताओं के साथ धीरेंद्र प्रसाद सिंह शिरकत कर चुके हैं. साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के दौरान भी वह मंच साझा कर चुके हैं.अब बचते है मोकामा विधायक  अनंत सिंह जी जिसे जदयू ने जीरो क्राइम की निति के तहत पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था.नितीश कुमार खुद इस मामले को देखते है .इसलिए जदयू तो अंनत सिंह को भाव देने वाली नहीं .लालू यादव से 36 का आंकड़ा है तो वंहा से भी निमन्त्रण  नहीं के बराबर है .वैसे भी आरजेडी और कांग्रेस को किसी विधायक  के वोट की दरकार नहीं है .अब सारा गणित ये है की ये खुद ही एनडीए को अपना समर्थन करें या नोटा दबा कर अपनी अलग राजनीती करे.सोसल मिडिया पर बात चल रही है की वोट के बदले सपोर्ट की निति चाहते है अनंत सिंह सिर्फ इसीलिए येसी अफवाहे फैलाई जा रही ताकि राज्यसभा में समर्थन के बदले कुछ  अतिरिक्त सुरक्षा ली जा सके