धारित्री!

मोकामा प्रणाम !,

मोकमा के धारित्री से अवगत करवाने के लिए हमलोग मिलजुल कर प्रयास कर रहे है जिसका परिणाम जल्द ही मोकामा ऑनलाइन पर उपलब्ध होगा . आप तमाम लोगो से हमारा विनम्र आग्रह है की अपने आस पास के धरित्री का विवरण हमें दें ताकि हम सब मिलकर उन्हें एकत्रित कर सके और पुस्तक ,सी. डी के रूप में संग्रहित कर सके ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बारे में जान सके.
अभी कुछ धरित्री के विवरण आये है , अगर आपलोगो को के पास भी इनके बारे मैं कुछ विवरण या संस्मरण है तो जरूर शेयर करें. (बबलू कुमार (कला),बाबू युगल किशोर सिंह उपनाम (डायरेक्टर साहब)(कला)गुरुदेव प्रसाद सिंह(सामाजिक, शिक्षक ), सुविख्यात गुरु बाबू विश्वेश्वर प्रसाद सिंह (श्री मान जी),
गुडाकेश नारायन सिंह उर्फ़ पत्रु बाबू (सामाजिक,उद्योगपति),त्रिशूलधारी सिंह (सामाजिक,कृषि वैज्ञानिक ),शिवनंदन प्रसाद सिंह(स्वतंत्रता सेनानी,सामाजिक),हनुमान सिंह(पहलवान, सामाजिक)……. इनके बारे मैं कोई जानकारी हो तो जरूर शेयर करें। ।
धन्यवाद
मोकामा ऑनलाइन

 

 

 

 

अखिल भारतीय पंचायत परिषद् के अध्यक्ष श्री वाल्मिकी जी!

अखिल भारतीय पंचायत परिषद् के अध्यक्ष श्री वाल्मिकी जी है जो मोकामा के औंटा गाँव से है. पूर्व में श्री वाल्मिकी जी इस गावं से मुखिया भी रह चुके है. आज अखिल भारतीय पंचायत परिषद के सर्व्वोच पद पर आसीन होने पर भी बिलकुल सामान्य सा जीवन जीते है. सीधे मगर अनुशासित ,सहज मगर कर्मठ ,इस उम्र मैं भी युवाओ को मात देने की काबिलयत। ललक है पुरे हिन्दुस्तान भर में पंचायत परिषद को एक आदर्श रूप देने की।
नए दौर मैं पंचायत परिषद को भी नए रंग में ढालने को बेताब हैं . स्किल डेवलपमेंट ,रूरल बिज़नेस डेवलपमेंट ,पंचायत स्टोर ,बायो गैस इलेक्ट्रिक सिस्टम, सूचना प्रौद्योगिक का इस्तेमाल और शिक्षा जैसे क्षेत्र मैं नए नए प्रयोग कर रहे है. अभी जबकि इनका कार्यकाल अपने शैशवास्था मैं है। मगर इनका संकल्प सारे सपने पुरे कर लेने का है.
हमें गर्व है मोकामा के इस लाल पर.
http://www.aipp.co.in/

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बाबू युगल किशोर सिंह उपनाम (डायरेक्टर साहब)!

बाबू युगल किशोर सिंह उपनाम (डायरेक्टर साहब)
जन्म- १९००    —             निधन – १९६७
कर्मक्षेत्र-एवं-जन्मस्थली – मोकामा (पटना)
बीसवीं सदी के पूर्वार्ध से सन् 60 के दशक तक संपूर्ण मोकामा क्षेत्र के साहित्यिक सांस्कृतिक जागरण के ध्वजवाहक, बहुविध कलाओं यथा चित्रकला, संगीतकला, वास्तुकला, नाट्यकला के प्रणेता एवं निष्काम समाजसेवी बाबू किशोर सिंह  कभी पेशेवर नहीं रहे। अपना धन खर्च कर कला और संस्कृति की जड़ों को सींचने के लिए अंतिम दम तक प्रयत्नशील रहे। इनके निर्देशन में खेले गए नाटक “सिकंदर-पोरस”, “राणा-प्रताप”, “हिन्दू की गाय”, “अमर सिंह”, “कफ़न” इत्यादि ने राष्ट्रीय-सामाजिक भाव का उदय कर लोगों में नवपरिवर्तन का सन्देश दिया और पुरानी पीढ़ी के जान आज भी इसे याद करते हैं।

इनके मार्गदर्शन में उस काल के महिला समाज में पेंटिंग के क्षेत्र में क्रांति आ गयी थी। संगीत के क्षेत्र में उस काल के युवा हारमोनियम एवं तबलवादन का प्रशिक्षण लेकर आगे बढ़ रहे थे।

आज का चर्चित “विद्यार्थी हिंदी पुस्तकालय” मोकामा १९५०-६० के दशक में इनके निवास-परिषर में संचालित होता रहा और सुविख्यात गुरु बाबू विश्वेश्वर प्रसाद सिंह (श्री मान जी) इनके दालान पर ही विद्यार्थियों को पढ़ाते थे।
इन्होने प्रख्यात फिल्म निर्देशक स्वर्गीय विमय राय के फिल्मों में आने का प्रस्ताव विनम्रता पूर्वक ठुकरा दिया था।

 

Source:-Abhishek Kumar

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प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता थे विश्वनाथ बाबू!

मोकामा (एसएनबी)। स्वतन्त्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता विश्वनाथ शर्मा का मंगलवार को निधन हो गया। विश्वनाथ शर्मा स्वतन्त्रता सेनानी भी थे और आजादी के बाद शिक्षक के तौर पर कार्यरत थे। नब्बे साल से अधिक उम्र होने पर भी विश्वनाथ शर्मा सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे। विधान पार्षद नीरज कुमार ने सेवानिवृत शिक्षक विश्वनाथ शर्मा के निधन पर गहरा शोक जताया है। विधान पार्षद नीरज कुमार ने जारी शोक संदेश में कहा कि विश्वनाथ बाबू स्वतन्त्रता सेनानी और शिक्षक होने के साथ साथ प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता थे। नीरज कुमार ने कहा कि वे उनके शिक्षक भी थे। भाजपा नगर अध्यक्ष नीलेश कुमार माघो ने उनके निधन पर शोक जताया और कहा कि उनके निधन से समाज को गहरा नुकसान हुआ है। नगर परिषद उपाध्यक्ष ललिता देवी, प्रदेश युवा जद यू महासचिव रीतेश कुमार कन्हैया, मुकाम सिविल फाउंडेशन के डॉ संजीव कुमार, रेड क्रॉस सचिव डॉ रंजीत, हरे.ष्ण, हरिशंकर सिंह पांडव, चाकी स्मृति फाउंडेशन के सचिव उदय प्रकाश, जदयू नेता पवन कुमार, जिला बीस सूत्री सदस्य महेश शर्मा, गोरख सिंह,बबन सिंह, रौशन भारद्वाज, अशोक नारायन सिंह सहित अन्य ने उनके निधन पर गहरी संवेदना जताई है। प्रतिभागियों को बधाई बाढ़ (एसएनबी)। जमालपुर के 12वें के ओपेन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में कुलदीप युवा क्लब की स्वीटी कुमारी ने 100 मीटर दौड़ में प्रथम और लम्बी कूद में दूसरे स्थान पर रही। स्वतंत्रता सेनानी का निधन कई लोगों ने जताया शो क

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पुण्य स्मरण सह श्रद्धासमर्पण समारोह संपन्न

मोकामा। स्व. युगल किशोर सिंह उर्फ डायरेक्टर साहब का श्रद्धांजलि समारोह 19 जनवरी को श्री सिंह के ज्येष्ठ पौत्र अजय कुमार के निवास परिसर ‘सुधा सदन’, तपोवन पथ में आयोजित किया गया। डायरेक्टर साहब बीसवीं सदी के मध्यकाल में साहित्यिक सांस्कृतिक जागरण के लिए सम्पूर्ण मोकामा क्षेत्र में ध्वजावाहक के रूप में कर्मशील रहे। ये बहुविध कलाओं के प्रणेता थे। ये हस्तकला, चित्रकला, शिल्पकला, संगीतकला, नाट्य-कला आदि के क्षेत्र में बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। श्री सिंह भाषाई एकता के भी प्रतीक थे। इन्हें हिन्दी के साथ साथ बंगला भाषा का भी ज्ञान था। इसका उदाहरण है कि इनके द्वारा निर्मित भवनों में आज भी बंगला भाषा का प्रयोग अंकित है। मोकामा की शैक्षणिक समृद्धि और सामाजिक समन्वय का स्वरूप इनकी ही रचनात्मक गतिविधियों का प्रतिफल है और इन्हें मोकामा क्षेत्र का भारतेंदु कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है।
सोमवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मोकामा के सभी क्षेत्रों के सुधीजनों ने अपनी भागीदारी सुनिश्‍चित की। डॉ सुधांशु शेखर ने सभा के उद्घोषक की भूमिका अदा की। चंदन कुमार की सराहनीय भूमिका रही। इस अवसर पर सुरोत्तम कुमार शर्मा, प्रहलाद प्रसाद सिंह, सरयुग राय, विभा देवी (वार्ड पार्षद), रामशरण सिंह, गौरव सिंह आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। समारोह के आरंभ में श्री सिंह के सुपुत्र राजेश्‍वरी प्रसाद सिंह ने इनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

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