लाल मोकामा के नाज़ है जिनपर !

लाल मोकामा के नाज़ है जिनपर !

मोकामा समूह के सभी सदस्यों को प्यार भरा नमस्कार .आज आप सब से एक सहयोग चाहता हूँ.जैसा  की हम सब जानते है मोकामा ऑनलाइन वेबसाइट के रूप मैं लगभग २ साल का सफर तय कर  चूका है.आप सब का सहयोग

स्मिता कुमारी !

स्मिता कुमारी !

स्मिता कुमारी :- आप का जन्म बिहार के पटना जिले के मोकामा में हुआ.बचपन से ही खेल के प्रति आपका रुझान  ही आपको खेल के महा कुम्भ तक ले कर गया.आपने महिला कब्बडी को एक नया आयाम दिया है. आपके

डॉ जनार्दन प्रसाद सिंह(जानो दा)!

डॉ जनार्दन प्रसाद सिंह(जानो दा)!

डॉ जनार्दन प्रसाद सिंह(जानो दा):- २० अगस्त १९३५  की रात बिहार के पटना जिले की मोकामा सकरवार टोला  की पावन भूमि पर   श्री महावीर सिंह के घर में इनका जन्म हुआ था. आपका  उन्नत ललाट ,चेहरे का  तेज बचपन से

डॉ बैद्यनाथ शर्मा (बच्चा बाबु)!

डॉ बैद्यनाथ शर्मा (बच्चा बाबु)!

आइये आज जाने मोकामा के उस लाल को जिसने अपनी लेखनी के बल पर मोकामा का नाम रौशन किया. डॉ बैद्यनाथ शर्मा का जन्म दिनांक २७ अगस्त १९३६ को मगध साम्राज्य की गौरवशाली धरती पटना जिले के मोकामा सकरवार टोला

रमेश नीलकमल!

रमेश नीलकमल!

आइये आज जाने मोकामा के उस लाल को जिसने अपनी लेखनी के बल पर मोकामा का नाम रौशन किया. 21 नवम्बर, 1937 को जनमे, पले-बढ़े बिहार, पटना, मोकामा के ‘रामपुर डुमरा’ गाँव में। पढ़े गाँव में, बड़हिया में, कोलकाता में

मालपुर ने भरी हुंकार, बनाई समानांतर सरकार!

मालपुर ने भरी हुंकार, बनाई समानांतर सरकार!

मोकामा (एसएनबी)। स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए सशस्त्र संघर्ष से भी गुरेज नहीं करने वाले क्रांति केन्द्रों की सूची में मोकामा टाल इलाके के एक गांव का योगदान वाकई अविस्मरणीय है।घोसवरी प्रखंड के मालपुर गांव के लोगों ने अंग्रेजी सरकार के